चेक बाउंस के दोषी को विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वितीय घनश्याम पाठक ने दो साल कैद और 40.50 लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। जुर्माने की रकम से 50 हजार रुपये सरकारी खजाने में जमा करने होंगे बाकी रकम परिवादी को मिलेगी। शास्त्रीनगर में बाइक रिपेयरिंग सेंटर चलाने वाले दयाशंकर सिंह ने वर्ष 2021 में पानी का बड़ा प्लांट लगाने के लिए अपने मित्र क्षेत्र के ही रहने वाले नरेंद्र कुमार शर्मा को 31.40 लाख रुपये उधार दिए थे।
उधार के रुपये वापस मांगने पर नरेंद्र आनाकानी करने लगा तब दयाशंकर ने अधिवक्ता के माध्यम से नरेंद्र को नोटिस भेजा। इस पर समझौते के तहत नरेंद्र ने चार लाख 49 हजार 600 रुपये दिए और बकाया रकम के बदले में पांच-पांच लाख रुपये के तीन और छह-छह लाख रुपये के दो कुल 27 लाख रुपये के चेक दयाशंकर को दिए लेकिन से बाउंस हो गए। दयाशंकर ने दो मुकदमे दाखिल किए। कोर्ट ने दोनों मुकदमों की एक साथ सुनवाई की।
पहले मुकदमे में 10 लाख के चेक के बदले 15 लाख रुपये और दूसरे मुकदमे में 17 लाख के चेक के बदले 25.50 लाख रुपए भुगतान करने का आदेश नरेंद्र को दिया। मुकदमे में 29 जुलाई को फैसला सुनाया जाना था लेकिन नरेंद्र कोर्ट नहीं पहुंचा था। नरेंद्र के अधिवक्ता की मौजूदगी में कोर्ट ने नरेंद्र को दोषी करार दे दिया था और फरार होने के कारण उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट भी जारी कर दिया गया था। लगभग एक महीने से फरार चल रहे नरेंद्र को काकादेव पुलिस मंगलवार को गिरफ्तार कर लाई और उसे कोर्ट में पेश किया। इसके बाद कोर्ट ने उसे सजा सुनाई।