गुरुवार और विनायकी चतुर्थी का योग आज:  भगवान गणेश, विष्णु जी के साथ करें गुरु ग्रह की पूजा, शिवलिंग पर चढ़ाएं चंदन और पीले फूल
जीवन शैली/फैशन लाइफस्टाइल

गुरुवार और विनायकी चतुर्थी का योग आज: भगवान गणेश, विष्णु जी के साथ करें गुरु ग्रह की पूजा, शिवलिंग पर चढ़ाएं चंदन और पीले फूल

Spread the love


  • Hindi News
  • Jeevan mantra
  • Dharm
  • Chaturthi Vrat Significance, Ganesh Vishnu Puja Vidhi, Jupiter Planet Worship, Shivalinga Puja, Offer Chandan And Yellow Flowers For Lord Shiva

8 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक

आज (18 जून) ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी है। इसे विनायकी चतुर्थी कहते हैं। चतुर्थी के स्वामी गणेश जी माने गए हैं, क्योंकि इसी तिथि पर उन्होंने अवतार लिया था। गणेश जी के भक्त सालभर की सभी चतुर्थियों पर व्रत-उपवास और भगवान की विशेष पूजा करते हैं।

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक, ज्येष्ठ मास के व्रत-पर्व अक्षय पुण्य देने वाले माने गए हैं। इस साल अधिकमास की वजह से ये महीना 59 दिनों का है। अधिकमास खत्म हो चुका है और ज्येष्ठ का अंतिम पक्ष यानी शुक्ल पक्ष चल रहा है। ज्येष्ठ 29 जून को पूर्णिमा के साथ खत्म होगा। ज्येष्ठ मास में किए गए व्रत घर-परिवार में सुख-शांति बनाए रखते हैं।

  • गुरुवार को चतुर्थी होने से इस दिन गणेश जी के साथ ही भगवान विष्णु और गुरु ग्रह की पूजा का शुभ योग बना है। जानिए गुरुवार और चतुर्थी के योग में कौन-कौन से शुभ काम किए जा सकते हैं…
  • विनायकी चतुर्थी पर सुबह स्नान के बाद सूर्य को जल चढ़ाकर दिन की शुरुआत करनी चाहिए। इसके लिए तांबे के लोटे में जल भरें और ऊँ सूर्याय नम: मंत्र का जप करते हुए सूर्य को अर्घ्य चढ़ाएं।
  • घर के मंदिर में गणेश जी की पूजा करें। गणेश जी को जल, पंचामृत से स्नान कराएं। फूल और वस्त्रों से श्रृंगार करें। सिंदूर, दूर्वा, फूल, चावल, फल, जनेऊ, प्रसाद आदि पूजन सामग्री गणेश जी को चढ़ाएं। धूप-दीप जलाएं। श्री गणेशाय नम: मंत्र का जप करते हुए पूजा करें।
  • गणेश जी के सामने चतुर्थी व्रत करने का संकल्प लें और पूरे दिन अन्न ग्रहण न करें। जो लोग भूखे नहीं रह पाते हैं, वे व्रत में फलाहार, पानी, दूध, फलों का रस आदि चीजों का सेवन कर सकते हैं।
  • गणेश जी के साथ ही भगवान शिव और देवी पार्वती का भी अभिषेक करेंगे, तो बहुत शुभ रहेगा। शिवलिंग पर जल, दूध और फिर जल चढ़ाएं। जल में थोड़ा गंगाजल भी मिला लेंगे तो बहुत शुभ रहेगा। शिवलिंग पर चंदन का लेप भी करें। देवी पार्वती को सुहाग का सामान जैसे लाल चुनरी, चूड़ियां, कुमकुम, हार-फूल आदि चढ़ाएं।
  • शिव जी को बिल्व पत्र, शमी के पत्ते, आंकड़े के फूल, दूर्वा, गुलाब, धतूरा, जनेऊ, चावल भी चढ़ाएं। शिवलिंग को फूलों से सजाएं। मिठाई और मौसमी फलों का भोग लगाएं। धूप-दीप जलाएं। ऊँ नम: शिवाय मंत्र का जप करें।
  • आज गुरुवार है, इसलिए गुरु ग्रह की भी पूजा करें। गुरु ग्रह की पूजा शिवलिंग रूप में की जाती है। इसलिए शिव पूजा में गुरु ग्रह के मंत्र ऊँ बृं बृहस्पतये नमः का जप करना चाहिए। पूजा में भगवान को चने की दाल, हल्दी की गांठ और पीले फूल चढ़ाएं। बेसन की लड्डू का भोग लगाएं।
  • गुरुवार को भगवान विष्णु की पूजा भी खासतौर पर की जाती है। इसलिए गणेश पूजा के बाद भगवान विष्णु और महालक्ष्मी की भी पूजा शुरू करें। भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें। दीपक और धूप जलाएं। भगवान विष्णु को तुलसी, पीले फूल और मौसमी फल अर्पित करें। माता लक्ष्मी को कमल, सुगंधित पुष्प चढ़ाएं। ॐ नमो भगवते वासुदेवाय और ॐ श्रीं महालक्ष्म्यै नमः मंत्र का जप करें। कर्पूर जलाकर आरती करें। अंत में पूजा में हुई गलतियों के लिए क्षमा याचना करें। इसके बाद प्रसाद वितरित करें।

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *