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- Gordon Brown’s Column: Russia’s Increasing Aggression Turns The Situation In Ukraine’s Favour
9 घंटे पहले
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गोर्डन ब्राउन यूके के पूर्व प्रधानमंत्री
2022 में शुरू हुए रूस-यूक्रेन युद्ध में हाल के दिनों में यूक्रेनी नागरिकों के खिलाफ सबसे भीषण हमले देखे गए। यूक्रेन में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार मॉनिटरिंग मिशन (एचआरएमएमयू) की मुखिया डेनियल बेल के अनुसार लॉन्ग रेंज मिसाइलों और ड्रोन हमलों में बढ़ोतरी के चलते युद्ध के मोर्चे से दूर रहने वाले नागरिक भी हताहत हो रहे हैं। जून माह में ही 232 यूक्रेनियों की मौत हुई, जबकि 1343 घायल हुए।
जहां यूक्रेनी नागरिकों के लिए स्थितियां बेहद जानलेवा होती जा रही हैं, वहीं रूस के बढ़ते हिंसक हमलों के कारण अब हालात यूक्रेन के पक्ष में मुड़ते दिख रहे हैं। यूक्रेन और उसके पश्चिमी सहयोगी उम्मीद कर सकते हैं कि ट्रम्प ने अपने रुख में बदलाव का जो संकेत दिया है, वो बना रहेगा।
ट्रम्प ने निर्णय लिया है कि अमेरिका यूक्रेन को घातक मिसाइलें देगा, ताकि यूक्रेन रूस के खिलाफ युद्ध जारी रख सके। लेकिन इन मिसाइलों का भुगतान यूरोप करेगा। यह बताता है कि पुतिन की शांति-समझौते की मंशा पर ट्रम्प का भरोसा धीरे-धीरे घट रहा है। साथ ही इस बात का भी खतरा है कि वादा निभाने में पुतिन की विफलता के जवाब में अमेरिका उस पर नए प्रतिबंध लगा दे।
पुतिन की चिंता का एक और कारण है। 15 जुलाई को यूक्रेन की संसद ने काउंसिल ऑफ यूरोप के साथ मिलकर ऐसे विशेष ट्रिब्यूनल की स्थापना के पक्ष में जबरदस्त वोटिंग की, जिसमें यूक्रेन पर हमले के अपराध के लिए रूस पर मुकदमा चलाया जाएगा। यूक्रेन का यह निर्णय उस करारनामे को मजबूत करता है, जो राष्ट्रपति जेलेंस्की की काउंसिल की पहली यात्रा के दौरान 25 जून को हस्ताक्षरित किया गया था।
यह स्पष्ट संदेश अब दे दिया गया है कि यूक्रेन के खिलाफ युद्ध छेड़ने वाले पुतिन के पास बचने का कोई रास्ता नहीं होगा। ट्रिब्यूनल को रूस में उच्च पदों पर बैठे सभी नेताओं के खिलाफ अनुसंधान की अनुमति भी होगी।
हालांकि राष्ट्राध्यक्ष, सरकार के मुखिया और विदेश मंत्री को अभियोजन से व्यक्तिगत सुरक्षा होगी, लेकिन यह उनके खिलाफ साक्ष्य एकत्र करने और पद छोड़ते ही औपचारिक अभियोग जारी करने की तैयारी में कोई रुकावट नहीं बन सकेगी।
काउंसिल ऑफ यूरोप द्वारा फरवरी 2022 में रूस के प्रतिनिधित्व अधिकारों को निलंबित करने और फिर एक माह बाद रूस को निष्कासित करने के बाद यह समझौता हुआ था। रूस 26 वर्षों तक इसका सदस्य रहा था। यह ट्रिब्यूनल रूस को यूक्रेन में हमले का जिम्मेदार ठहराने के लिए तीन वर्षों तक बनाए गए दवाब का परिणाम है।
अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (आईसीसी) भी हजारों यूक्रेनी बच्चों के रूस में अवैध निर्वासन में भूमिका के लिए पुतिन के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी कर चुका है। यूक्रेन के बिजली ढांचे पर हमले के लिए आईसीसी के जजों ने पिछले वर्ष पूर्व रक्षा मंत्री सर्गेई शोइगु और रूस की सेना के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ वेलेरी गेरासिमोव के खिलाफ भी गिरफ्तारी वारंट जारी किए थे।
लेकिन एक ट्रिब्यूनल जरूरी हो गया था। क्योंकि युद्ध-अपराधों, स्कूल-अस्पतालों, बुनियादी संरचनाओं के विनाश, जानबूझकर नागरिकों को निशाना बनाने और यूक्रेन में नरसंहार जैसे अमानवीय कृत्यों के मामले में न्यायिक अधिकार होने के बावजूद आईसीसी रूस के राजनेताओं और सैन्य नेतृत्व के खिलाफ अभियोजन नहीं चला सकता था। यूएन में रूस की वीटो पॉवर के चलते सुरक्षा परिषद भी इस मामले को अदालत में नहीं भेज सकती थी।
ऐसे में एक विशेष ट्रिब्यूनल ही ऐसा रास्ता था, जिसके जरिए 2014 में क्रीमिया पर हमले की योजना बनाने, इसके क्रियान्वयन और यूक्रेन पर कब्जे के प्रयास के पुतिन के बुनियादी अपराध के लिए उन पर मुकदमा चलाया जा सके। अमेरिकी हथियार जल्द पहुंचने शुरू हो जाएंगे। आपराधिक अभियोग भी आने वाले हैं। तब पुतिन के पास छिपने की कोई जगह नहीं होगी।
यूक्रेन की संसद ने काउंसिल ऑफ यूरोप के साथ मिलकर एक ऐसे विशेष ट्रिब्यूनल की स्थापना के पक्ष में जबरदस्त वोटिंग की है, जिसमें यूक्रेन पर हमले के अपराध के लिए रूस और पुतिन पर मुकदमा चलाया जाएगा। (© प्रोजेक्ट सिंडिकेट)








