![]()
इंदिरा गांधी दिल्ली टेक्निकल यूनिवर्सिटी फॉर वुमेन (आईजीडीटीयूडब्ल्यू) की छात्राएं तकनीकी शिक्षा और इनोवेशन के क्षेत्र में नई उपलब्धियां हासिल कर रही हैं। दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने गुरुवार को विश्वविद्यालय में आयोजित ‘प्रबोधन’ इंडक्शन प्रोग्राम-2026 की वेलीडिक्टरी सेरेमनी में हिस्सा लिया। इस दौरान अत्याधुनिक लेक्चर हॉल कॉम्प्लेक्स का भी उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री आशीष सूद भी मौजूद रहे। विश्वविद्यालय की छात्राओं ने दिल्ली पुलिस के लिए 75 सर्विलांस ड्रोन विकसित कर उनका प्रदर्शन किया। सरकार की ओर से छात्राओं को आधुनिक तकनीकी शिक्षा, रिसर्च और इनोवेशन से जोड़कर भविष्य की तकनीकों के लिए तैयार करने पर जोर दिया जा रहा है। एडवांस्ड ड्रोन टेक्नोलॉजी के सेंटर ऑफ एक्सीलेंस के लिए करीब 8 करोड़ रुपए की फंडिंग दी गई है। वहीं, साइबर सिक्योरिटी में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की दिशा में भी काम किया जा रहा है। विश्वविद्यालय में रोबोटिक्स एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सिक्योरिटी तथा मैथेमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग जैसे न्यू-एज क्षेत्रों में शिक्षा और स्किल डेवलपमेंट के अवसर बढ़ाए गए हैं। ड्रोन और सर्विलांस तकनीक में छात्राओं व महिला पुलिसकर्मियों को प्रशिक्षण देने के लिए ‘नेत्र-नारी-नेतृत्व’ जैसी पहल भी आगे बढ़ाई जा रही हैं। इंडस्ट्री साझेदारी के जरिए छात्राओं को प्रैक्टिकल लर्निंग और रोजगारपरक कौशल से जोड़ा जा रहा है। बजाज ऑटो फाउंडेशन के सहयोग से बेस्ट सेंटर के लिए करीब 9 करोड़ रुपए का सहयोग मिला है। इससे एडवांस्ड मैन्युफैक्चरिंग और उभरती तकनीकों पर काम को बढ़ावा मिलेगा। बेटियों की प्रतिभा को मिल रहे बड़े अवसर हालिया प्लेसमेंट सीजन में आईजीडीटीयूडब्ल्यू की छात्राओं को 1,000 से अधिक प्लेसमेंट ऑफर मिले, जबकि सबसे अधिक पैकेज **एक करोड़ रुपए रहा। कार्यक्रम में ‘आईजीडीटीयूडब्ल्यू टाइम्स’ बुकलेट का विमोचन किया गया, जिसमें विश्वविद्यालय की अकादमिक उपलब्धियों, रिसर्च और इनोवेशन से जुड़ी प्रमुख पहलों को शामिल किया गया है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली छात्राओं और बेस्ट वाइस चांसलर इंटर्न्स को सम्मानित भी किया गया। एलजी ने इनोवेटर और लीडर बनने के लिए किया प्रेरित उपराज्यपाल एवं आईजीडीटीयूडब्ल्यू के चांसलर सरदार तरनजीत सिंह संधू ने छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा हासिल कर भविष्य में इनोवेटर और लीडर बनने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाना व्यक्तिगत विकास के साथ राष्ट्रीय विकास और नेतृत्व में उनकी भागीदारी बढ़ाने के लिए भी महत्वपूर्ण है।
Source link







