जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही और लीपापोती करने वाले अधिकारियों पर जिलाधिकारी मनीष बंसल ने कड़ा रुख अपनाया है। सोमवार को कलेक्ट्रेट में आईजीआरएस और सीएम हेल्पलाइन पोर्टल की समीक्षा बैठक में खराब फीडबैक मिलने पर डीएम ने सदर तहसील के सब रजिस्ट्रार का वेतन रोकने के निर्देश दिए हैं। वहीं, रैंकिंग में फिसड्डी साबित हुए चार एसडीएम बाह, किरावली, फतेहाबाद और सदर को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। डीएम ने चेतावनी दी है कि शिकायतों के फर्जी निस्तारण से यदि जनपद की रैंकिंग गिरी तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ विभागीय व दंडात्मक कार्रवाई होगी।
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समीक्षा बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने विगत तीन माह की रैंकिंग, शिकायतकर्ता की संतुष्टि का प्रतिशत और मुख्यमंत्री कार्यालय से सी श्रेणी प्राप्त संदर्भों की समीक्षा की। समाज कल्याण, बेसिक शिक्षा, विद्युत, लीड बैंक, चिकित्सा (सीएमओ) और ग्राम्य विकास विभाग द्वारा जनशिकायतों के निस्तारण में लगाई गई आख्याएं अस्पष्ट और गुणवत्ताहीन मिलने पर डीएम ने संबंधित अधिकारियों से जवाब तलब किया।
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बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए डीएम ने निर्देश दिए हैं कि अगली बैठक में चीफ इंजीनियर सहित सभी अधिशासी अभियंता अनिवार्य रूप से उपस्थित रहेंगे। निर्देश दिए हैं कि पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण में शिकायतकर्ता की 80 प्रतिशत संतुष्टि हर हाल में होनी चाहिए। जून में आईजीआरएस शिकायतों के निस्तारण में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले एसडीएम एत्मादपुर सुमित कुमार और एसडीएम खेरागढ़ को डीएम ने प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। बैठक में सीडीओ प्रतिभा सिंह, नोडल अधिकारी पूजा यादव, डीडीओ भावना यादव, डीआईओएस रविन्द्रपाल, बीएसए राकेश कुमार सिंह सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
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