6 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल
- कॉपी लिंक

दिवाली से पहले लोग घर की साफ-सफाई और पेंटिंग करते हैं। सबका ध्यान इस बात पर होता है कि घर चमकदार और खूबसूरत दिखे। लेकिन इस चमक के पीछे एक बड़ा खतरा भी हो सकता है। दरअसल पेंट में लेड यानी सीसा होता है, जो सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक है।
इंस्टीट्यूट फॉर हेल्थ मेट्रिक्स एंड इवोल्यूशन (IHME) के अनुसार, साल 2021 में लेड के संपर्क में आने से दुनिया में 15 लाख लोगों की मौत हुई। वहीं यूनिसेफ में पब्लिश टॉक्सिक ट्रुथ की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया का हर तीसरा बच्चा लेड पॉइजनिंग का शिकार है। इसकी एक बड़ी वजह पेंट में शामिल लेड भी है।
भारत में कई पेंट्स में लेड की मात्रा सुरक्षित स्तर से कई गुना ज्यादा पाई गई है, जो बच्चों और प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए गंभीर जोखिम पैदा करती है। साल 2019 में टॉक्सिक लिंक द्वारा की गई एक स्टडी में पता चला कि भारतीय बाजार में बिक रहे पेंट्स में लेड की मात्रा 189 ppm (पार्ट्स पर मिलियन) से लेकर 1,09, 289 ppm तक है। यह भारत सरकार द्वारा तय मानक (90 ppm) से ज्यादा है।
इसलिए आज जरूरत की खबर में हम जानेंगे कि-
- लेड हमारी सेहत को कैसे नुकसान पहुंचा सकता है?
- सुरक्षित पेंट का चुनाव कैसे करें?
सवाल- लेड क्या है?
जवाब- लेड (सीसा) एक जहरीली धातु है, जो पृथ्वी की सतह में प्राकृतिक रूप से पाई जाती है। इसका इस्तेमाल बैटरी, पेंट, कलर, ज्वेलरी, खिलौने और कॉस्मेटिक्स में किया जाता है। काफी समय तक इसे गाड़ियों के ईंधन में भी मिलाया जाता था, लेकिन भारत सरकार ने साल 2000 में ईंधन में इसके इस्तेमाल पर पाबंदी लगा दी। हालांकि कुछ हवाई जहाजों के ईंधन में आज भी इसका इस्तेमाल होता है।
लेड के प्रोडक्शन, इस्तेमाल और कचरे के रूप में फेंके जाने से पर्यावरण गंदा होता है। इससे लोगों के संपर्क में आने का खतरा बढ़ जाता है, क्योंकि लेड एक बार वातावरण में आने के बाद लंबे समय तक वहीं बना रहता है।
सवाल- पेंट्स में लेड क्यों मिलाया जाता है?
जवाब- पेंट में लेड का इस्तेमाल मुख्य रूप से चमक बढ़ाने और गाढ़ा करने के लिए किया जाता है। इसके सभी कारण ग्राफिक में देखिए-

सवाल- क्या कम लेड वाले पेंट्स सुरक्षित होते हैं?
जवाब- सेंट्रल फॉर डिजीज कंट्रोल (CDC) के मुताबिक, लेड की कोई भी मात्रा शरीर के लिए सुरक्षित नहीं होती है। हालांकि भारत सरकार के मानक के अनुसार, पेंट्स में 90 ppm की मात्रा मिलाई जा सकती है। लेकिन हैरानी की बात ये है कि टॉक्सिक लिंक के 2015 के सर्वे में पाया गया कि 46% इंडियन पेंट्स में लेड की क्वांटिटी 10,000 ppm से अधिक थी।
सवाल- लेड हमारी सेहत को कैसे नुकसान पहुंचाता है?
जवाब- अमेरिकन एकेडमी ऑफ पीडियाट्रिक्स के अनुसार, लेड बच्चों के IQ लेवल पर चार से पांच पॉइंट तक असर डाल सकता है। यह हमारी किडनी, लिवर, ब्रेन, हड्डियों और दांतों जैसे शरीर के कई अंगों को नुकसान पहुंचा सकता है। यह खासकर छोटे बच्चों के लिए ज्यादा खतरनाक है क्योंकि उनका दिमाग और नर्वस सिस्टम अभी डेवलपिंग स्टेज में होता है। आइए इसके असर को ग्राफिक के जरिए समझते हैं।

सवाल- बच्चों में लेड टॉक्सिसिटी के क्या लक्षण दिख सकते हैं?
जवाब- अगर बच्चे लेड के संपर्क में आते हैं या लेड से प्रभावित होते हैं तो आमतौर पर उनमें मतली उल्टी जैसे लक्षण दिखते हैं। सभी लक्षण ग्राफिक में देखिए।

सवाल- लेड टॉक्सिसिटी से किन बीमारियों का रिस्क बढ़ जाता है?
जवाब- लेड शरीर के लगभग सभी अंगों को नुकसान पहुंचाता है। इसकी थोड़ी सी भी मात्रा सुरक्षित नहीं है। आइए इसे ग्राफिक के जरिए समझते हैं।

सवाल- बच्चों और प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए लेड वाला पेंट कितना खतरनाक है?
जवाब- लेड टॉक्सिसिटी से बच्चे बेहोश हो सकते हैं, झटके आ सकते हैं और मौत भी हो सकती है। यह स्थाई रूप से किसी अंग को डैमेज कर सकता है। सुनने में दिक्कत आ सकती है या उनका ब्रेन हमेशा के लिए कमजोर हो सकता है।
गर्भवती महिलाओं में लेड का असर बच्चे तक भी पहुंच सकता है। इससे समय से पहले जन्म, मृत शिशु का जन्म, शिशु का वजन कम होना या गर्भपात जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
सवाल- सुरक्षित पेंट की पहचान कैसे करनी चाहिए?
जवाब- सुरक्षित पेंट पहचानने के लिए कुछ आसान तरीके हैं। आइए इसे ग्राफिक के जरिए समझते हैं।

सवाल- क्या लेड-फ्री पेंट सुरक्षित होते हैं?
जवाब- लेड-फ्री पेंट बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित माना जाता है। यह दिमाग, नसों और किडनी पर कोई बुरा असर नहीं डालता है। ऐसे पेंट से सांस और दिल की बीमारियों का खतरा भी कम हो जाता है।
सबसे बड़ी बात यह है कि ये पर्यावरण के लिए अनुकूल होते हैं और लंबे समय तक प्रदूषण नहीं फैलाते हैं। इनमें न तो तेज गंध होती है और न ही जहरीले केमिकल, जिससे घर के अंदर की हवा साफ और ताजा बनी रहती है।
………………
ये खबर भी पढ़िए
जरूरत की खबर- क्या आपका हेयरब्रश साफ है?: गंदे ब्रश से हो सकती हैं ये 6 प्रॉब्लम्स, ध्यान रखें डर्मेटोलॉजिस्ट की 9 जरूरी सलाह

हममें से बहुत से लोग हेयरब्रश को सिर्फ एक टूल मानते हैं, जिसे हर सुबह बाल सुलझाने के लिए उठाते हैं और फिर भूल जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि हेयरब्रश हमारे बालों की हेल्थ पर नकारात्मक असर डाल सकता है। पूरी खबर पढ़िए…








