जरूरत की खबर- एनर्जी ड्रिंक यानी बीमारियों को दावत:  शुगर से फैटी लिवर, किडनी डैमेज का रिस्क, पिएं ये 10 होममेड हेल्दी ड्रिंक्स
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जरूरत की खबर- एनर्जी ड्रिंक यानी बीमारियों को दावत: शुगर से फैटी लिवर, किडनी डैमेज का रिस्क, पिएं ये 10 होममेड हेल्दी ड्रिंक्स

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49 मिनट पहलेलेखक: अदिति ओझा

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हाल ही में राहुल गांधी का एक वीडियो वायरल हुआ। इसमें वह गुलाबी रंग की एनर्जी ड्रिंक पीते नजर आए। इसके बाद से सोशल मीडिया पर एनर्जी ड्रिंक को लेकर बहस छिड़ गई।

एनर्जी ड्रिंक पीने के बाद कुछ समय के लिए अलर्टनेस और एनर्जेटिक महसूस हो सकता है। लेकिन इसमें मौजूद कैफीन और शुगर सेहत के लिए नुकसानदायक है।

साल 2019 में ‘इंटरनेशनल जर्नल ऑफ एनवायर्नमेंटल रिसर्च एंड पब्लिक हेल्थ’ में पब्लिश एक सिस्टमैटिक रिव्यू के मुताबिक, एनर्जी ड्रिंक में मौजूद हाई शुगर से फैटी लिवर का रिस्क बढ़ता है।

वहीं ‘जर्नल ऑफ बायोसाइंस एंड मेडिसिन’ के अनुसार, एनर्जी ड्रिंक्स में प्रति सर्विंग 20–30 ग्राम तक शुगर हो सकती है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ये ड्रिंक्स कई मायनों में शराब और सोडा से भी ज्यादा खतरनाक हो सकते हैं।

इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में सेहत पर एनर्जी ड्रिंक्स के प्रभाव पर बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • इसका हमारे लिवर पर क्या असर होता है?
  • एनर्जी ड्रिंक्स के सुरक्षित विकल्प क्या हैं?

एक्सपर्ट- डॉ. अभिनव कुमार गुप्ता, सीनियर कंसल्टेंट, एंडोक्रोनोलॉजी, डायबिटीज एंड मेटाबॉलिक मेडिसिन, नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर

सवाल- एनर्जी ड्रिंक्स पीने के बाद लोग एनर्जेटिक क्यों महसूस करते हैं?

जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए-

  • इसकी मुख्य वजह इसमें मौजूद कैफीन और शुगर है।
  • कैफीन एक स्टिमुलेंट है। यानी ऐसा सब्सटेंस, जो ब्रेन को उत्तेजित करता है।
  • ब्रेन में एडेनोसिन नाम का केमिकल होता है, जो हमें थकान और नींद का एहसास कराता है।
  • कैफीन इसके रिसेप्टर्स को ब्लॉक करती है, जिससे कुछ समय के लिए थकान कम महसूस होती है और अलर्टनेस बढ़ जाती है।
  • वहीं एनर्जी ड्रिंक में मौजूद शुगर शरीर को ग्लूकोज देती है, जिसका इस्तेमाल सेल्स ऊर्जा के लिए करती हैं।
  • कैफीन से मिलने वाली फुर्ती का मतलब यह नहीं है कि शरीर की थकान दूर हो गई है। शरीर थका हो सकता है, लेकिन ब्रेन को इसका एहसास कम होता है।
  • इससे व्यक्ति ज्यादा सतर्क और ऊर्जावान महसूस कर सकता है, जबकि मांसपेशियों को आराम और शरीर को नींद की जरूरत बनी रहती है।
  • शरीर अपनी लिमिट से ज्यादा काम करता है, जिससे अंदरूनी स्ट्रेस बढ़ता है।
  • इसका नुकसान लिवर जैसे अंगों को ज्यादा झेलना पड़ता है, क्योंकि उनके ऊपर काम का लोड बढ़ जाता है।

सवाल- एनर्जी ड्रिंक्स में न्यूट्रिशन के नाम पर क्या होता है?

जवाब- एनर्जी ड्रिंक्स में मुख्य रूप से कैफीन, शुगर, टॉरिन और B-विटामिन होते हैं। इनमें आमतौर पर प्रोटीन और फाइबर नहीं होते। इसलिए एनर्जी ड्रिंक को बैलेंस न्यूट्रिशन वाला ड्रिंक नहीं माना जाता।

सवाल- एनर्जी ड्रिंक्स पीने के बाद शरीर में क्या होता है? शरीर इसे कैसे मेटाबोलाइज करता है?

जवाब- एनर्जी ड्रिंक पीने के बाद उसमें मौजूद कैफीन और शुगर शरीर में अवशोषित होकर अलग-अलग प्रक्रियाओं से गुजरते हैं। इसे टाइमलाइन से समझिए-

शुरुआती 10 मिनट में

  • ड्रिंक पेट से छोटी आंत में पहुंचती है।
  • यहां से कैफीन और शुगर का अवशोषण शुरू होता है।

15–30 मिनट में

  • कैफीन का असर शुरू हो सकता है।
  • यह ब्रेन में एडेनोसिन नाम के केमिकल को उसके रिसेप्टर्स से जुड़ने से रोकती है।
  • इससे व्यक्ति ज्यादा सतर्क महसूस कर सकता है।
  • कुछ लोगों का हार्ट रेट और ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है।

30–60 मिनट में

  • कैफीन का असर अपने चरम पर पहुंच सकता है।
  • शुगर वाली एनर्जी ड्रिंक से ब्लड शुगर बढ़ सकती है।
  • इसके जवाब में पैंक्रियाज इंसुलिन रिलीज करता है, जो ग्लूकोज को सेल्स तक पहुंचाने में मदद करता है।

लिवर में कैफीन का मेटाबॉलिज्म

  • लिवर एंजाइम कैफीन को तोड़कर कैफीन को तोड़कर दूसरे केमिकल्स में बदलता है।
  • ये पदार्थ आगे प्रोसेस होते हैं और इनके ज्यादातर अवशेष यूरिन के जरिए शरीर से बाहर निकलते हैं।

सवाल- एनर्जी ड्रिंक लिवर के लिए क्यों खतरनाक है?

जवाब- इसमें शुगर और विटामिन B3 (नियासिन) की मात्रा ज्यादा होती है। इससे लिवर पर अतिरिक्त दवाब पड़ता है। एनर्जी ड्रिंक लिवर के लिए क्याें खतरनाक होता है, ग्राफिक में देखिए-

सवाल- क्या बहुत ज्यादा एनर्जी ड्रिंक पीने से लिवर डैमेज भी हो सकता है?

जवाब– हां, कई एनर्जी ड्रिंक्स में नियासिन (विटामिन B3) की मात्रा बहुत ज्यादा होती है। यह लिवर पर टॉक्सिक इफेक्ट डाल सकती है और एक्यूट हेपेटाइटिस का कारण बन सकती है।

सवाल- एनर्जी ड्रिंक की कितनी मात्रा सेफ है?

जवाब- एनर्जी ड्रिंक की कोई भी मात्रा सेफ नहीं है। इसलिए इसे पीने से बचना चाहिए।

सवाल- क्या खाली पेट एनर्जी ड्रिंक पीना ज्यादा नुकसानदायक है?

जवाब- हां, खाली पेट एनर्जी ड्रिंक पीने पर कुछ लोगों में इसके साइड इफेक्ट्स ज्यादा हो सकते हैं।

  • कैफीन के कारण दिल की धड़कन तेज होना, घबराहट, बेचैनी या हाथ कांपने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
  • शुगरी एनर्जी ड्रिंक खाली पेट पीने से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ सकती है।
  • कैफीन पेट में एसिड का स्राव (सिक्रिशन) बढ़ा सकती है।
  • इससे एसिडिटी, सीने में जलन, मतली या पेट में असहजता हो सकती है।

सवाल- क्या शुगर-फ्री एनर्जी ड्रिंक लिवर के लिए सेफ है?

जवाब- इसे लिवर के लिए पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जा सकता। कुछ एनर्जी ड्रिंक्स में विटामिन B3 (नियासिन) की मात्रा ज्यादा होती है, जो लिवर को नुकसान पहुंचाता है।

सवाल- एनर्जी ड्रिंक से और क्या हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं?

जवाब- एनर्जी ड्रिंक में मौजूद कैफीन और शुगर से कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं। ग्राफिक में देखिए-

सवाल- लिवर डैमेज शुरू होने पर क्या कोई संकेत दिखाई देते हैं?

जवाब- हां, लिवर को नुकसान पहुंचने पर कुछ संकेत दिखाई दे सकते हैं। ग्राफिक में सभी संकेत देखिए-

सवाल- अगर कोई ज्यादा एनर्जी ड्रिंक पीता रहा हो तो अब उसे छोड़ने के लिए लिवर को प्रोटेक्ट करने के लिए उसे क्या करना चाहिए?

जवाब- एनर्जी ड्रिंक की आदत है तो इसकी मात्रा धीरे-धीरे कम करें। अचानक बंद करने से सिरदर्द, थकान, सुस्ती और ध्यान लगाने में परेशानी हो सकती है। लिवर को सुरक्षित रखने के लिए किन बातों का ध्यान रखें, ग्राफिक में देखिए-

सवाल- एनर्जी ड्रिंक का बेहतर हेल्दी विकल्प क्या है?

जवाब- इसके लिए नींबू पानी, नारियल पानी, छाछ, लस्सी बेहतर विकल्प हैं। ग्राफिक में 10 सेफ एनर्जी ड्रिंक्स देखिए-

इसके अलावा लाइफस्टाइल में ये बदलाव भी एनर्जी लेवल बढ़ाते हैं, जैसेकि-

  • सुबह उठकर 10 मिनट तेज वॉक करें।
  • खाली पेट कोई एक फल खाएं।
  • रोज एक मुट्ठी ड्राई फ्रूट्स लें।
  • रोज सुबह 10 मिनट धूप में बैठें।
  • डीप ब्रीदिंग, योग, मेडिटेशन करें।
  • 15 मिनट पावर नैप लें।
  • खाने में प्रोटीन, फाइबर, फैट, कार्ब का संतुलन रखें।
  • रोज 7-8 घंटे की अच्छी नींद लें।
  • स्क्रीन टाइम कम रखें।

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ग्राफिक- विपुल शर्मा

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