14 घंटे पहले
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सर्दियों में लोग ठंडी हवा से बचने के लिए घर के सभी खिड़की-दरवाजे बंद रखते हैं। अगर गलती से कोई कोना खुला छूटा जाए तो पूरा घर बर्फ की तरह ठंडा हो जाता है।
ठंड से बचने की इस कोशिश के चलते घर में प्रॉपर वेंटिलेशन नहीं हो पाता है। इससे एयर क्वालिटी खराब होती है और शरीर में ऑक्सीजन की कमी हो सकती है।
इस वातावरण में ज्यादा देर तक रहने से सिरदर्द, थकान और सांस फूलने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। जिन लोगों को अस्थमा जैसी समस्याएं हैं, उन्हें ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है।
इसलिए ‘जरूरत की खबर’ में आज सर्दियों में घर के वेंटिलेशन की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-
- घर में किन कारणों से एयर क्वालिटी खराब होती है?
- घर की एयर क्वालिटी कैसे ठीक कर सकते हैं?
- किन पौधों से घर की हवा साफ हो सकती है?
एक्सपर्ट: डॉ. बॉबी दीवान, सीनियर फिजिशियन, दिल्ली
सवाल: सर्दियों में घर की एयर क्वालिटी खराब क्यों हो जाती है?
जवाब: सर्दियों में लोग ठंडी हवा से बचने के लिए खिड़कियां और दरवाजे बंद रखते हैं। इससे हवा का आवागमन रुक जाता है और घर के अंदर ताजी हवा नहीं आती है। पूरे दिन लोग सांस लेते हैं, जिससे कार्बन डाई ऑक्साइड बढ़ती जाती है।

सवाल: सभी दरवाजे-खिड़कियां बंद रहने से घर की हवा में क्या होता है?
जवाब: जब कमरे की हवा बाहर नहीं निकल पाती, तो उसमें कार्बन डाई ऑक्साइड और अन्य गैसें जमा होने लगती हैं। अगरबत्ती, दीया, मोमबत्ती या हीटर से निकलने वाला धुआं और धूलकण भी हवा में मिलकर उसे भारी बना देते हैं। यह बंद हवा शरीर में पर्याप्त ऑक्सीजन पहुंचने नहीं देती, जिससे थकान, सिरदर्द और सुस्ती महसूस होती है। लंबे समय तक ऐसी हवा में रहने से सांस संबंधी दिक्कतें और एलर्जी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं। इसलिए हल्का वेंटिलेशन जरूरी है ताकि हवा ताजा बनी रहे।
सवाल: खराब वेंटिलेशन से शरीर पर क्या असर पड़ता है?
जवाब: खराब वेंटिलेशन वाले घर में ऑक्सीजन का स्तर घटता है और कार्बन डाई ऑक्साइड बढ़ जाती है। यह शरीर की ऊर्जा पर असर डालती है। लंबे समय तक ऐसी हवा में रहने से दिमाग को पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं मिलती, जिससे सिरदर्द, चक्कर, थकान और कॉन्संट्रेशन की कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कमजोर वेंटिलेशन से घर में नमी भी बढ़ जाती है, जिससे फंगस और बैक्टीरिया पनपते हैं। ये त्वचा, आंख और सांस की एलर्जी बढ़ा सकते हैं। लंबे समय तक हवा की क्वालिटी खराब रहने से और खराब वेंटिलेशन से कई समस्याएं हो सकती हैं।

सवाल: क्या घर के अंदर भी प्रदूषण हो सकता है?
जवाब: हां, घर के अंदर भी प्रदूषण हो सकता है। इसे इनडोर एयर पॉल्यूशन कहते हैं। यह तब होता है जब कमरे की हवा बाहर की हवा से नहीं बदलती। अगरबत्ती, मोमबत्ती, हीटर या रसोई की गैस से निकलने वाला धुआं, सफाई के केमिकल्स और धूलकण हवा में मिलकर इसे प्रदूषित करते हैं। ये महीन कण फेफड़ों में जाकर जलन और सांस की परेशानी पैदा कर सकते हैं। ऐसे में घर की हवा भी बाहर के प्रदूषण जितनी हानिकारक हो सकती है।

सवाल: घर में ऑक्सीजन की कमी के क्या संकेत हो सकते हैं?
जवाब: अगर घर में ऑक्सीजन कम हो रही है, तो सबसे पहले लोग थकान, सिरदर्द, आंखों में जलन या नींद-सी महसूस करने लगते हैं। कई बार मन भारी या चिड़चिड़ापन भी महसूस होता है। सांस लेने में हल्की परेशानी, बार-बार जम्हाई आना और ध्यान केंद्रित न कर पाना भी इसके संकेत हैं। जिन घरों में नमी और अजीब बदबू रहती है, वहां भी हवा में ऑक्सीजन की कमी हो सकती है। ऐसे में थोड़ी देर के लिए खिड़कियां खोलना या वेंटिलेशन फैन चलाना जरूरी है।
सवाल: जिन्हें अस्थमा या एलर्जी है, उन्हें किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
जवाब: अस्थमा या एलर्जी वाले लोगों को सर्दियों में कमरे की हवा पर खास ध्यान देना चाहिए। बंद जगह में धूल, धुआं या नमी बढ़ने से सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। अगरबत्ती, मोमबत्ती या कमरे के परफ्यूम से बचें। कमरे में धूप आने दें और रोज थोड़ी देर के लिए खिड़कियां खोलें ताकि ताजी हवा अंदर आए। अगर घर में हीटर का इस्तेमाल करते हैं, तो उसके पास पानी का कटोरा रखें ताकि हवा में नमी बनी रहे और सांस लेना आसान हो।
सवाल: घर में वेंटिलेशन बेहतर करने के आसान तरीके क्या हैं?
जवाब: हर दिन कुछ समय के लिए खिड़कियां खोलें ताकि ताजी हवा अंदर आ सके। सुबह या दोपहर में 10-15 मिनट के लिए ऐसा करना काफी है। रसोई और बाथरूम में एग्जॉस्ट फैन या वेंटिलेशन फैन लगाएं। सभी तरीके ग्राफिक्स में देखें।

सवाल: कौन-कौन से इनडोर प्लांट्स हवा को साफ रखने में मदद करते हैं?
जवाब: घर की हवा साफ करने के लिए कुछ पौधे बहुत उपयोगी हैं। एलोवेरा, मनी प्लांट, पीस लिली, स्पाइडर प्लांट और स्नेक प्लांट ऐसे पौधे हैं जो कार्बन डाई ऑक्साइड सोखकर ऑक्सीजन छोड़ते हैं। ये पौधे घर की हवा में मौजूद टॉक्सिन्स जैसे फॉर्मलडिहाइड और बेंजीन को भी कम करते हैं। इन्हें घर के कोनों या बालकनी में रखें। दिन में कुछ समय धूप मिले तो ये और बेहतर काम करते हैं।
सवाल: क्या एयर प्यूरीफायर जरूरी है या पौधों से काम चल सकता है?
जवाब: अगर घर ऐसी जगह है जहां बाहर की हवा बहुत प्रदूषित है, तो एयर प्यूरीफायर मददगार हो सकता है। यह हवा में मौजूद महीन धूलकण और हानिकारक गैसों को फिल्टर करता है। लेकिन पौधे भी नैचुरल एयर क्लीनर है। वे हवा में ऑक्सीजन बढ़ाते और नमी बनाए रखते हैं। दोनों का साथ में इस्तेमाल सबसे बेहतर है। छोटे कमरों या कम प्रदूषण वाले इलाकों में केवल पौधे भी काफी असरदार होते हैं। घर में इनडोर प्लांट्स लगा सकते हैं।
सवाल: सर्दियों में ठंड से बचते हुए वेंटिलेशन कैसे बनाए रखें?
जवाब: सर्दियों में पूरे दिन खिड़कियां बंद रखने के बजाय दिन में 10-15 मिनट के लिए उन्हें खोलें। खिड़कियां तब खोलें, जब दोपहर में सबसे अधिक टेम्परेचर रहता हो।
इससे घर की बासी हवा बाहर निकल जाएगी। रसोई या बाथरूम में एग्जॉस्ट फैन चलाएं ताकि नमी और धुआं जमा न हो। धूप वाले समय में खिड़कियां खोलना सबसे अच्छा होता है। इससे घर गर्म भी रहेगा और हवा ताजी भी बनेगी। अगर बहुत ठंड है, तो एक छोटी वेंट स्लाइड खुली रखें ताकि हल्का एयर सर्कुलेशन बना रहे।
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आज की तेज रफ्तार जिंदगी में हम यह मानकर निश्चिंत रहते हैं कि घर पहुंचते ही हम सुरक्षित हवा में सांस ले रहे हैं, लेकिन हकीकत इससे अलग है। किचन की गैस, केमिकल वाले क्लीनर, धूल और बाहर से आती प्रदूषित हवा मिलकर घर के अंदर की हवा को भी धीरे-धीरे नुकसानदायक बना रही है। पूरी खबर पढ़िए…








