जरूरत की खबर- खराब अंडे से लिवर एब्सेस का रिस्क:  जानें क्या है ये बीमारी, कितनी खतरनाक, सही और खराब अंडे की पहचान कैसे करें
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जरूरत की खबर- खराब अंडे से लिवर एब्सेस का रिस्क: जानें क्या है ये बीमारी, कितनी खतरनाक, सही और खराब अंडे की पहचान कैसे करें

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17 घंटे पहलेलेखक: गौरव तिवारी

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भारत में हर साल लिवर एब्सेस के हजारों मामले सामने आते हैं। नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के मुताबिक, देश में हर 1 लाख लोगों में से लगभग 2.3 लोग इस बीमारी से प्रभावित होते हैं। पुरुषों में ये मामले महिलाओं के मुकाबले ज्यादा हैं।

लिवर एब्सेस से लिवर में पस की गांठ बन जाती है, जो बैक्टीरिया, पैरासाइट या फंगस की वजह से होता है। खराब अंडे जैसी चीजें खाने से पेट में बैक्टीरिया या पैरासाइट पनप सकते हैं। ये बैक्टीरिया पेट में संक्रमण पैदा करते हैं और खून के रास्ते लिवर तक पहुंच जाते हैं।

इससे लिवर में एब्सेस बन सकता है, जो जानलेवा भी हो सकता है। अगर समय पर इलाज न हो तो मौत का खतरा 10-20% तक है। हालांकि, सही समय पर डायग्नोसिस हो जाए तो इलाज आसान है।

आज ‘जरूरत की खबर’ में लिवर एब्सेस की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • खराब अंडे से लिवर एब्सेस कैसे होता है?
  • यह कितना खतरनाक है?
  • अंडे अच्छे हैं या खराब, कैसे पहचानें?

एक्सपर्ट: डॉ. अभिनव गुप्ता, कंसल्टेंट, गैस्ट्रोएंटेरोलॉजी, नारायणा हॉस्पिटल, जयपुर

लिवर एब्सेस से जुड़े सभी सवालों के जवाब जानने से पहले इससे जुड़े कुछ फैक्ट्स देखते हैं-

सवाल: लिवर एब्सेस क्या है?

जवाब: लिवर एब्सेस में लिवर में पस की एक गांठ बन जाती है। यह संक्रमण की वजह से होता है, जैसे बैक्टीरिया, पैरासाइट या फंगस के कारण इन्फेक्शन। लिवर हमारे शरीर का प्रमुख अंग है, जो खाने को पचाने, विषैले पदार्थ निकालने और कई जरूरी काम करता है। जब संक्रमण लिवर तक पहुंचता है, तो वहां कोशिकाएं मरने लगती हैं और पस जमा हो जाता है। यह गांठ छोटी या बड़ी हो सकती है और कभी-कभी कई गांठें बन जाती हैं।

डॉ. अभिनव के मुताबिक, लिवर एब्सेस हेपेटाइटिस या सिरोसिस जितना खतरनाक हो सकता है, लेकिन शुरुआत में लक्षण हल्के होते हैं। इसलिए लोग नजरअंदाज कर देते हैं। अगर गांठ बढ़ती है तो लिवर पर दबाव पड़ता है और काम बिगड़ जाता है। हालांकि घबराएं नहीं, आमतौर पर लोग इलाज से ठीक हो जाते हैं।

सवाल: खराब अंडे से लिवर एब्सेस कैसे होता है?

जवाब: खराब अंडे में बैक्टीरिया या पैरासाइट पनप जाते हैं। इनके नाम हैं, साल्मोनेला या एंटामीबा। अगर आप ऐसे अंडे खाते हैं, तो पहले पेट में संक्रमण होता है, जैसे डायरिया या एपेंडिसाइटिस होता है। यह संक्रमण खून के जरिए लिवर तक पहुंच जाता है। वहां बैक्टीरिया लिवर की कोशिकाओं पर हमला करते हैं और पस जमा हो जाता है।

भारत में गंदे पानी या मिलावटी खाने से अमीबिक एब्सेस कॉमन है और खराब अंडे ऐसी ही चीज हैं जो फेकल-ओरल रूट(भोजन नली) से संक्रमण फैलाते हैं। डॉ. अभिनव बताते हैं कि खराब अंडे की बदबू हाइड्रोजन सल्फाइड गैस जैसी होती है, लेकिन असल खतरा बैक्टीरिया से है। अगर अंडे ठीक से पकाए न जाएं या खराब हों, तो पेट में अल्सर या संक्रमण फैल सकता है, जो लिवर तक जाता है। यह प्रक्रिया धीरे-धीरे होती है, लेकिन अगर इम्यून सिस्टम कमजोर हो तो तेजी से फैलती है। इसलिए हमेशा ताजे अंडे चुनें और अच्छी तरह पकाकर खाएं।

सवाल: लिवर एब्सेस कितना खतरनाक है?

जवाब: समय पर डाइग्नोज न किया जाए तो लिवर एब्सेस खतरनाक हो सकता है। अगर लिवर में इससे बनी गांठ फट जाए तो संक्रमण पूरे शरीर में फैल जाता है, जिसे सेप्सिस कहते हैं। इससे मौत का खतरा 10-20% तक होता है।

हालांकि, अगर समय पर पता लग जाए तो 90% से ज्यादा लोग इससे ठीक हो जाते हैं। डॉ. अभिनव कहते हैं कि यह हेपेटाइटिस या सिरोसिस जितना गंभीर है, क्योंकि लिवर शरीर का फिल्टर है। अगर संक्रमण फैलता है तो फेफड़े, दिमाग या आंखों तक पहुंच सकता है। छोटी गांठ आसानी से ठीक हो जाती है, लेकिन बड़ी या कई गांठें होने पर सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है। कुल मिलाकर, यह जानलेवा है लेकिन इलाज से काबू में आ जाता है। इसलिए लक्षण दिखते ही डॉक्टर से कंसल्ट करें।

सवाल: किन लोगों को इसका खतरा ज्यादा है?

जवाब: जिन लोगों को डायबिटीज है और जिनका इम्यून सिस्टम कमजोर है। उन्हें इसका खतरा ज्यादा है। पुरुषों में महिलाओं से ज्यादा होती है, खासकर 40-60 साल की उम्र में होता है।

अगर कोई इम्यूनोकॉम्प्रोमाइज्ड है, जैसे उसे एचआईवी या कैंसर है। किसी ने कभी ऑर्गन ट्रांसप्लांट करवाया है तो खतरा बढ़ जाता है। लिवर या बाइल डक्ट की पुरानी बीमारी है, जैसे स्टोन या स्ट्रिक्चर है। ऐसे मामलों में भी रिस्क ज्यादा होता है।

भारत में गंदे पानी या मिलावटी खाने से अमीबिक एब्सेस ज्यादा होता है। डॉ. अभिनव बताते हैं कि ट्रॉमा या पेट की सर्जरी के बाद भी संक्रमण फैल सकता है। बच्चे या बुजुर्ग अगर कमजोर हैं, तो अधिक सावधानी बरतें। कुल मिलाकर, हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं तो खतरा कम हो जाता है।

सवाल: लिवर एब्सेस के लक्षण क्या हैं?

जवाब: लिवर एब्सेस के लक्षण शुरुआत में बहुत हल्के होते हैं, लेकिन धीरे-धीरे बढ़ते जाते हैं। सबसे कॉमन है तेज बुखार और ठंड लगना, यह 90% मामलों में होता है। दाहिनी तरफ ऊपरी पेट में दर्द या छूने पर दुखना, यह 50-75% लोगों में देखा जाता है। सांस फूलना या खांसी, क्योंकि डायफ्राम पर दबाव पड़ता है। भूख न लगना, उल्टी, मतली, वजन घटना और थकान। कुछ मामलों में जॉन्डिस यानी पीली आंखें या त्वचा होती है। डॉ. अभिनव कहते हैं कि दर्द अक्सर दाहिने कंधे तक जाता है, जो एक बड़ा संकेत है। अगर क्लेबसेला संक्रमण है तो आंख या दिमाग में भी समस्या हो सकती है। ये लक्षण कई बार दूसरे बीमारियों जैसे लगते हैं। इसलिए डॉक्टर से कंसल्ट जरूर करें।

सवाल: लिवर एब्सेस का इलाज कैसे होता है?

जवाब: लिवर एब्सेस का इलाज गांठ के साइज और प्रकार पर निर्भर करता है। पहले एंटीबायोटिक्स दिए जाते हैं। आमतौर पर इलाज 2-6 हफ्ते तक चल सकता है।

अगर गांठ 5 सेमी से बड़ी है तो इसका ड्रेनेज जरूरी होता है। इसमें कुछ खास तरीकों से नीडल के लिए गांठ से पस निकाला जाता है। अगर सुधार नहीं दिखता है तो सर्जरी की जरूरत हो सकती है। इसके इलाज में अस्पताल में 10-15 दिन रहना पड़ सकता है, घर आने पर भी कुछ दिन फॉलो-अप जरूरी होता है। हेल्दी डाइट और आराम से रिकवरी तेज होती है।

सवाल: खराब और अच्छे अंडे पहचानने का क्या तरीका है?

जवाब: अच्छे और खराब अंडे पहचानना आसान है। पहले देखें कि अच्छे अंडे का छिलका साफ और बिना दरार का होता है। खराब अंडे में बदबू आती है, यह सल्फर जैसी होती है। अंडे को पानी में डालकर चेक करें। अच्छा अंडा पानी में नीचे बैठ जाता है, सड़ा ऊपर तैरता है। इसे तोड़कर देखें कि सफेदी साफ और पीला हिस्सा गोल होना चाहिए। खराब अंडे का रंग बदला होता है। अंडों को हमेशा अच्छी तरह पकाकर खाएं। इससे संक्रमण का खतरा कम हो जाता है।

सवाल: समय पर इलाज न हो तो क्या मुश्किलें हो सकती हैं?

जवाब: समय पर इलाज न हो तो लिवर एब्सेस बहुत गंभीर हो जाता है। गांठ फट सकती है, जिससे पेरिटोनाइटिस (पेट की झिल्ली में संक्रमण) या सेप्टिक शॉक (खून में संक्रमण) होता है। संक्रमण फेफड़े, दिमाग या आंखों तक फैल सकता है। क्रॉनिक दर्द, बार-बार बुखार या लिवर फेलियर हो सकता है। इससे मौत का खतरा भी होता है।

डॉ. अभिनव कहते हैं कि अगर हम सतर्क रहें तो लिवर एब्सेस का इलाज आसान है। खराब अंडे खाने जैसी छोटी लापरवाही बड़ी बीमारी का कारण बन सकती है, लेकिन अच्छी आदतें हमें बचा सकती हैं।

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