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55 मिनट पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल
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चुकंदर उन चुनिंदा सब्जियों में से है, जिन्हें लोग स्वाद से ज्यादा उनके हेल्थ बेनिफिट्स के लिए पसंद करते हैं। जिस तरह इसका गहरा लाल रंग खून जैसा दिखता है, वैसे ही यह शरीर में हीमोग्लोबिन बढ़ाने में भी मदद करता है। यह बेहद आसानी से बाजारों में मिल जाता है और उतना महंगा भी नहीं होता है कि कोई न खरीद सके।
इसका स्वाद खाने में थोड़ा अजीब जरूर होता है, लेकिन ये कई सारे गुणों और पोषक तत्वों से भरपूर होता है। नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में पब्लिश एक रिव्यू रिपोर्ट के मुताबिक, चुकंदर में ऐसे बायोएक्टिव कंपाउंड होते हैं, जो कीमो-प्रिवेंटिव एजेंट की तरह काम कर सकते हैं। इसमें ट्यूमर को कम करने की क्षमता पाई गई है, जिससे यह कैंसर के खतरे को भी कम करता है।
स्टडी में यह भी पाया गया कि चुकंदर में मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स, फाइबर और नाइट्रेट कंपाउंड शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल (LDL) को कम करने में मदद करते हैं। साथ ही यह ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करने में भी मदद करता है, जिससे हार्ट डिजीज का खतरा कम होता है।
तो चलिए, आज जरूरत की खबर में चुकंदर के हेल्थ बेनिफिट्स के बारे में बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-
- चुकंदर में कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं?
- चुकंदर किन्हें नहीं खाना चाहिए?
एक्सपर्ट: डॉ. पूनम तिवारी, सीनियर डाइटीशियन, डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान, लखनऊ
सवाल- चुकंदर में कौन-कौन से पोषक तत्व पाए जाते हैं?
जवाब- यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ एग्रीकल्चर (USDA) के मुताबिक, चुकंदर फोलिक एसिड और विटामिन C का एक अच्छा स्रोत है। इसमें बीटा-कैरोटीन के रूप में विटामिन B-कॉम्प्लेक्स और विटामिन A की थोड़ी मात्रा भी होती है। यह कैल्शियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस, पोटेशियम और सोडियम, आयरन, कॉपर, जिंक, मैंगनीज और सेलेनियम जैसे मिनरल्स से भी भरपूर होता है। कुल मिलाकर चुकंदर कई जरूरी पोषक तत्वों का खजाना है। नीचे दिए ग्राफिक से 100 ग्राम चुकंदर की न्यूट्रिशनल वैल्यू जानिए-

सवाल- चुकंदर सेहत के लिए किस तरह फायदेमंद है?
जवाब- चुकंदर के फायदों की लिस्ट काफी लंबी है। इसमें मौजूद नाइट्रेट ब्लड वेसल्स को आराम देकर ब्लड प्रेशर कंट्रोल रखते हैं, जिससे हार्ट डिजीज का खतरा कम होता है। चुकंदर में पाया जाने वाला फाइबर पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और आंतों की सेहत को बेहतर करता है।
इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स लिवर में जमा टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करते हैं, जिससे डिटॉक्सिफिकेशन प्रक्रिया तेज होती है। चुकंदर में कैलोरी कम और फाइबर ज्यादा होने के कारण पेट लंबे समय तक भरा हुआ महसूस होता है, भूख कंट्रोल रहती है और यह वजन घटाने में सहायक साबित होता है।
चुकंदर में मौजूद आयरन रेड ब्लड सेल्स के प्रोडक्शन को बढ़ाता है और हीमोग्लोबिन सुधारने में मदद करता है। इसमें पाए जाने वाले कैल्शियम, मैग्नीशियम और फास्फोरस हड्डियों और मसल्स को मजबूत बनाते हैं। इसकी नेचुरल शुगर शरीर को तुरंत ऊर्जा देती है। नीचे दिए ग्राफिक से चुकंदर के हेल्थ बेनिफिट्स समझिए-

सवाल- चुकंदर को अपनी डाइट में कैसे शामिल किया जा सकता है?
जवाब- चुकंदर को अपनी डाइट में कई अलग-अलग तरीकों से शामिल कर सकते हैं। जैसेकि-
- इसे सलाद में मिलाकर खा सकते हैं।
- उबालकर या भूनकर खा सकते हैं।
- जूस बनाकर पी सकते हैं।
- इसकी सब्जी बनाकर खा सकते हैं।
- इसका अचार भी बनाया जाता है।
- स्मूदी, सूप, सॉस या ओटमील में डाल सकते हैं।
सवाल- चुकंदर खाना बेहतर है या उसका जूस पीना ज्यादा फायदेमंद है?
जवाब- सीनियर डाइटीशियन डॉ. पूनम तिवारी बताती हैं कि कच्चे चुकंदर की तरह ही उसका जूस पीना भी बहुत फायदेमंद है। चुकंदर का जूस हमेशा ताजा बनाकर पीना चाहिए। इसे कुछ अन्य फलों और सब्जियों के साथ भी मिला सकते हैं।
ध्यान रखें ज्यादा चुकंदर का जूस नुकसानदायक भी हो सकता है। एक व्यक्ति एक छोटा गिलास चुकंदर का जूस पी सकता है। हालांकि जूस से ज्यादा चुकंदर खाना बेहतर होता है क्योंकि इसमें फाइबर की मात्रा अच्छी होती है। वहीं जूस बनाने के बाद अधिकांश फाइबर निकल जाता है।
सवाल- क्या डायबिटिक लोग भी चुकंदर खा सकते हैं?
जवाब- हां, बिल्कुल डायबिटिक लोग चुकंदर खा सकते हैं, लेकिन उन्हें इसे सीमित मात्रा में और सावधानी से खाना चाहिए। चुकंदर में नेचुरल शुगर होती है, लेकिन इसका ग्लाइसेमिक इंडेक्स (GI) मीडियम होता है, जो इसे डायबिटिक लोगों के लिए खाने योग्य बनाता है।
ध्यान रखें कि डायबिटिक लोग इसे अन्य हाई फाइबर या कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली सब्जियों के साथ मिलाकर खाएं। डायबिटिक लोग चुंकदर के जूस की जगह इसे कच्चा या उबालकर ही खाएं। खाने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें।

सवाल- क्या चुकंदर बच्चों को दिया जा सकता है?
जवाब- डॉ. पूनम तिवारी बताती हैं कि हां, बड़े बच्चों को चुकंदर दिया जा सकता है। यह उसके इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने के साथ ही पाचन तंत्र को भी बेहतर बनाता है। हालांकि सबसे पहले उसे बहुत थोड़ी मात्रा में दें। अगर चुकंदर खाने से कोई एलर्जी या पाचन संबंधित समस्या हो तो फिर न दें।
सवाल- क्या ज्यादा चुकंदर खाने के कोई साइड इफेक्ट्स भी हैं?
जवाब- किसी भी चीज को ज्यादा खाना नुकसानदायक हो सकता है। ऐसे ही चुकंदर भी ज्यादा खाने से कुछ संभावित साइड इफेक्ट्स हो सकते हैं। जैसेकि-
- पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
- स्किन एलर्जी हो सकती है।
- डायबिटिक लोगों का ब्लड शुगर बढ़ सकता है।
- ब्लड प्रेशर लेवल कम हो सकता है।
सवाल- एक दिन में कितना चुकंदर खाना चाहिए?
जवाब- डॉ. पूनम तिवारी बताती हैं कि आमतौर पर एक दिन में आधा से एक चुकंदर खाना फायदेमंद है। इससे ज्यादा चुकंदर खाने से पेट दर्द, दस्त या पेट से जुड़ी अन्य समस्याएं हो सकती हैं।
सवाल- चुकंदर किन्हें नहीं खाना चाहिए?
जवाब- वैसे तो चुकंदर हर किसी के लिए फायदेमंद है। लेकिन कुछ खास हेल्थ कंडीशन वाले लोगों को इसे खाने से बचना चाहिए। जैसेकि-
- जिनका ब्लड प्रेशर कम रहता है।
- जिनका हीमोग्लोबिन ज्यादा रहता है।
- जो पाचन संबंधी समस्याओं से पीड़ित रहते हैं।
- जिन्हें चुकंदर खाने से एलर्जी होती है।
इसके अलावा प्रेग्नेंट व ब्रेस्टफीड कराने वाली महिलाओं और डायबिटिक लोगों को चुकंदर सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए।
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