जरूरत की खबर- चोट लगे तो टिटनेस का टीका लगवाएं:  जानें कौन सी चोट ज्यादा खतरनाक, डॉक्टर से जानें टिटनेस से बचाव के 10 टिप्स
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जरूरत की खबर- चोट लगे तो टिटनेस का टीका लगवाएं: जानें कौन सी चोट ज्यादा खतरनाक, डॉक्टर से जानें टिटनेस से बचाव के 10 टिप्स

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16 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल

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रोजमर्रा की जिंदगी में छोटी-मोटी चोट लगती रहती है। लोग घाव की मरहम–पट्‌टी तो करते हैं, लेकिन टिटनेस के रिस्क को नजरअंदाज कर देते हैं। टिटनेस एक गंभीर बैक्टीरियल संक्रमण है, जो नर्वस सिस्टम को प्रभावित कर सकता है।

‘यूरोपियन सेंटर फॉर डिजीज प्रिवेंशन एंड कंट्रोल’ के मुताबिक, पूरी दुनिया में हर साल टिटनेस से लगभग 2 से 3 लाख लोगों की मौत होती है।

वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, साल 2021 में भारत में टिटनेस के कुल 1240 मामले सामने आए। इनमें से 81 मामले नवजात शिशुओं और 1159 मामले अन्य से जुड़े थे।

अमूमन लोगों को लगता है कि टिटनेस सिर्फ जंग लगे लोहे से होता है, जबकि यह सच नहीं है। टिटनेस का बैक्टीरिया किसी भी तरह के घाव के जरिए शरीर में प्रवेश कर सकता है।

इसलिए ‘जरूरत की खबर’ में आज टिटनेस के बारे में विस्तार से बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • टिटनेस के शुरुआती लक्षण क्या हैं?
  • टिटनेस से बचने के लिए क्या करें?

एक्सपर्ट: डॉ. अरविंद अग्रवाल, डायरेक्टर, इंटरनल मेडिसिन, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली

सवाल- टिटनेस क्या है?

जवाब- यह एक गंभीर बैक्टीरियल संक्रमण है, जो ‘क्लोस्ट्रिडियम टेटानी’ (Clostridium tetani) नाम के बैक्टीरिया से होता है।

यह बैक्टीरिया शरीर में एक जहरीला टॉक्सिन बनाता है, जो नर्व्स और मसल्स को डैमेज करता है। इससे शरीर में दर्दनाक अकड़न और ऐंठन होती है। समय पर इलाज न मिलने पर यह जानलेवा भी हो सकता है।

सवाल- टिटनेस क्यों होता है?

जवाब- टिटनेस का बैक्टीरिया मिट्टी, धूल, एनिमल वेस्ट और गंदगी में पाया जाता है। यह कट, खरोंच, गहरे घाव के जरिए शरीर में प्रवेश कर सकता है। इसका इन्फेक्शन धीरे-धीरे पूरे शरीर में फैल जाता है। टिटनेस इन्फेक्शन के सभी कारण ग्राफिक में देखिए-

सवाल- टिटनेस के लक्षण कितने दिन बाद दिखते हैं?

जवाब- आमतौर पर संक्रमण के 3-21 दिनों के भीतर इसके लक्षण दिखाई देने लगते हैं।

सवाल- टिटनेस के शुरुआती लक्षण क्या होते हैं?

जवाब- टिटनेस का इन्फेक्शन जैसे-जैसे बढ़ता है, मसल्स में दर्दनाक ऐंठन होती है। गर्दन में जकड़न, मुंह खोलने में परेशानी और निगलने में कठिनाई जैसे कई लक्षण दिख सकते हैं। इसके सभी लक्षण ग्राफिक में देखिए-

सवाल- टिटनेस का रिस्क किन्हें ज्यादा होता है?

जवाब- उन लोगों को टिटनेस का रिस्क ज्यादा होता है, जिनके काम में बार-बार चोट लगने का डर रहता है। पूरी डिटेल नीचे ग्राफिक में देखिए-

सवाल- अगर चोट लग जाए तो तुरंत क्या करें?

जवाब- सबसे पहले घाव को तुरंत साफ करें और संक्रमण से बचने के लिए प्राथमिक उपचार लें। इसके बाद डॉक्टर की सलाह से टिटनेस का टीका लगवाएं। ग्राफिक में देखिए, चोट लगने पर तुरंत क्या करें-

सवाल- डॉक्टर टिटनेस को कैसे डायग्नोज करते हैं?

जवाब- डॉ. अरविंद अग्रवाल के मुताबिक, इसके लिए कोई खास लैब टेस्ट नहीं है, जो इन्फेक्शन की पुष्टि कर सके। इसकी पहचान मरीज के लक्षण, हाल की चोट और वैक्सिनेशन हिस्ट्री के आधार पर की जाती है।

सवाल- टिटनेस का इलाज कैसे किया जाता है?

जवाब- इसे पॉइंटर्स में विस्तार से समझिए-

  • हॉस्पिटल में सबसे पहले घाव की अच्छी तरह सफाई की जाती है। इसके बाद टिटनेस इम्यून ग्लोब्युलिन (TIG) इन्जेक्टिबल दिया जाता है, ताकि टॉक्सिन का असर कम-से-कम हो।
  • संक्रमण कंट्रोल करने और मसल्स की ऐंठन कम करने के लिए एंटीबायोटिक और जरूरी दवाएं दी जाती हैं।
  • गंभीर मामलों में ब्रीदिंग सपोर्ट के लिए आईसीयू में भर्ती किया जाता है।

सवाल- टिटनेस से बचने के लिए क्या करें?

जवाब- इसके लिए जरूरी है कि समय पर टीकाकरण करवाएं और चोट लगने पर सही देखभाल करें। सभी उपाय ग्राफिक में देखिए-

सवाल- नवजात शिशुओं और छोटे बच्चों को टिटनेस का टीका कब-कब लगता है?

जवाब- राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के अनुसार टिटनेस के टीके 6, 10 और 14 सप्ताह के शिशुओं को लगाए जाते हैं। इसका पूरा शेड्यूल ग्राफिक में देखिए-

सवाल- किन स्थितियों में डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?

जवाब- टिटनेस की आशंका होने पर इन स्थितियों में डॉक्टर से कंसल्ट करना जरूरी है-

  • घाव गहरा या गंदा हो।
  • कील या नुकीली चीज चुभी हो।
  • पशु के काटने से घाव बना हो।
  • घाव में रेडनेस, सूजन या पस हो।
  • जबड़ा या गर्दन अकड़ने लगे।
  • टिटनेस टीका लगे एक साल से ज्यादा हो गया हो।
  • बुखार या मसल्स में ऐंठन हो।

टिटनेस से जुड़े कॉमन सवाल-जवाब

सवाल- टिटनेस का बैक्टीरिया शरीर में कैसे प्रवेश करता है?

जवाब- कट, खरोंच, घाव, जलने की चोट या पशु के काटने से बने घाव के जरिए इसका बैक्टीरिया शरीर में प्रवेश कर सकता है।

सवाल- क्या टिटनेस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है?

जवाब- नहीं, टिटनेस संक्रामक बीमारी नहीं है। यह एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में नहीं फैलता है।

सवाल- क्या टिटनेस जानलेवा है?

जवाब- हां, समय पर इलाज न मिलने पर जानलेवा स्थिति बन सकती है।

सवाल- क्या सिर्फ जंग लगे लोहे से ही टिटनेस होता है?

जवाब- नहीं, टिटनेस का संबंध जंग से नहीं, बल्कि बैक्टीरिया से है। घाव पर मिट्टी, धूल या गंदगी लगने से संक्रमण हो सकता है।

सवाल- क्या साफ दिखने वाले घाव से भी टिटनेस हो सकता है?

जवाब- हां, बाहर से साफ दिखने वाला घाव भी टिटनेस का कारण बन सकता है।

सवाल- क्या छोटी खरोंच से भी टिटनेस हो सकता है?

जवाब- इसका रिस्क कम होता है, लेकिन घाव दूषित हो और टीकाकरण पूरा न हुआ हो तो छोटी खरोंच भी संक्रमण की वजह बन सकती है।

सवाल- चोट लगने के कितने घंटे के अंदर टिटनेस का टीका लगवाना चाहिए?

जवाब- चोट लगने के 24-48 घंटों के भीतर डॉक्टर की सलाह से टीका लगवा लेना चाहिए।

सवाल- छोटे बच्चों को अक्सर चोट लगती रहती है? क्या हर बार चोट लगने पर उन्हें टीका लगवाना जरूरी है?

जवाब- यह इस बात पर निर्भर करता है कि-

  • बच्चे का वैक्सिनेशन पूरा हुआ है या नहीं।
  • बच्चे को पिछला टिटनेस का टीका कब लगा था।
  • बच्चे को लगी चोट कितनी गहरी या गंभीर है।
  • अगर बच्चे के सभी टीके समय पर लगे हैं, तो मामूली खरोंच या हल्की चोट में आमतौर पर अतिरिक्त टीके की जरूरत नहीं होती।
  • हर चोट के बाद डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है, खासकर अगर घाव गहरा, गंदा या संक्रमित दिख रहा हो।

सवाल- प्रेग्नेंसी में टिटनेस का टीका क्यों लगाया जाता है?

जवाब- प्रेग्नेंट महिला और नवजात शिशु, दोनों को टिटनेस से बचाने के लिए प्रेग्नेंसी के दौरान Td/TT वैक्सीन दी जाती है। इससे नवजात को टिटनेस का खतरा काफी कम हो जाता है।

सवाल- टिटनेस से रिकवरी में कितना समय लगता है?

जवाब- यह इस बात पर निर्भर है कि बीमारी का पता कितनी जल्दी चला और इलाज कितनी जल्दी शुरू किया गया।

  • गंभीर मामलों में मरीज को ICU, वेंटिलेटर और लंबे समय तक ऑब्जर्वेशन की जरूरत पड़ सकती है।
  • कुछ मरीजों को ठीक होने के बाद भी फिजियोथेरेपी की जरूरत पड़ सकती है।

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