जरूरत की खबर- दिवाली पर पटाखे जलाते हुए सावधान:  सेफ्टी के 12 जरूरी टिप्स, अगर पटाखे से जल जाएं तो तुरंत क्या करें, क्या न करें
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जरूरत की खबर- दिवाली पर पटाखे जलाते हुए सावधान: सेफ्टी के 12 जरूरी टिप्स, अगर पटाखे से जल जाएं तो तुरंत क्या करें, क्या न करें

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13 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल

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दिवाली रोशनी और खुशियों का त्योहार है। इस दिन घर-आंगन दीयों से जगमगाते हैं और लोग खुशी से पटाखे जलाते हैं। आतिशबाजी इस पर्व का एक रोमांचक हिस्सा है, जो खासकर बच्चों और युवाओं के बीच उत्साह बढ़ाता है। लेकिन इस उत्साह में कई बार लापरवाही से दुर्घटनाएं हो जाती हैं।

दिल्ली अग्निशमन विभाग के मुताबिक, साल 2023 में अकेले दिल्ली में दिवाली के दिन पटाखों की वजह से 208 जगहों पर आग लगने की सूचना मिली थी।

वहीं नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में पब्लिश एक रिपोर्ट के मुताबिक, साल 2002 से 2010 के बीच दिल्ली-एनसीआर में पटाखों से जुड़ी चोटों के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हुई। दिवाली के तीन दिनों में करीब 1,373 लोग पटाखों से घायल होकर अस्पताल पहुंचे। इनमें से करीब 73% मरीज 5 से 30 साल की उम्र के थे। ये आंकड़े बताते हैं कि पटाखे जलाते समय थोड़ी सी लापरवाही भी खतरनाक साबित हो सकती है।

तो चलिए, आज जरूरत की खबर में हम पटाखों से जुड़ी सेफ्टी और सावधानियों के बारे में बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • पटाखों से किस तरह के खतरे हो सकते हैं?
  • पटाखों से जलने पर तुरंत क्या करें और क्या नहीं करना चाहिए?

एक्सपर्ट:

रामराजा यादव, चीफ फायर ऑफिसर, बदायूं, उत्तर प्रदेश

डॉ. रोहित शर्मा, कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, जयपुर

सवाल- पटाखों को लेकर सावधानी न बरतने पर क्या-क्या खतरे हो सकते हैं?

जवाब- इंटरनल मेडिसिन कंसल्टेंट डॉ. रोहित शर्मा बताते हैं कि जलते हुए पटाखे देखने में भले ही रोमांचक लगते हैं, लेकिन इसके खतरे बहुत गंभीर हो सकते हैं।

पटाखों से निकलने वाली चिंगारियां कपड़ों और ज्वलनशील चीजों में आग लगा सकती हैं। तेज आवाज कानों और दिल पर असर डालती है, जबकि धुआं लंग्स को नुकसान पहुंचाते हैं। बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा के मरीजों के लिए रिस्क ज्यादा होता है। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए-

सवाल- पटाखे जलाते समय किस तरह की असावधानियां खतरनाक साबित हो सकती हैं?

जवाब- चीफ फायर ऑफिसर रामराजा यादव बताते हैं कि इस दौरान थोड़ी-सी लापरवाही बड़े हादसे का कारण बन सकती है। जैसेकि-

  • बंद कमरे या अंदरूनी जगहों पर पटाखे जलाने से दम घुटने या आग लगने का खतरा बढ़ जाता है।
  • सिंथेटिक या ढीले कपड़े पहनकर पटाखे जलाने से कपड़ों में आग लग सकती है।
  • बालकनी, गली या वाहनों के पास पटाखे जलाने से आसपास के लोगों और संपत्ति को नुकसान हो सकता है।
  • छोटे बच्चों के बिना निगरानी के पटाखे जलाने से गंभीर चोट या जलने का खतरा रहता है।
  • पटाखे को हाथ में पकड़कर जलाने से धमाके से हाथ और चेहरा झुलस सकता है।
  • पेट्रोल, परफ्यूम या अल्कोहल जैसी ज्वलनशील चीजों के पास पटाखे जलाने से आग या विस्फोट हो सकता है।
  • स्मोकिंग के दौरान पटाखे जलाने से चिंगारी फैलकर आसपास आग लगा सकती है।
  • पुराने या खराब पटाखे जलाने से वे अचानक फट सकते हैं और हादसा हो सकता है।
  • दीयों या सजावटी लाइट्स के पास पटाखे रखने से आग फैलने का खतरा रहता है।
  • भीड़भाड़ या सड़कों पर पटाखे जलाने से राहगीरों और वाहनों के लिए खतरा पैदा कर सकते हैं।

सवाल- पटाखे जलाते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

जवाब- फायर ऑफिसर रामराजा यादव बताते हैं कि पटाखे हमेशा खुले मैदान में और वयस्कों की निगरानी में जलाएं। लंबे ढीले कपड़े न पहनें क्योंकि वे जल्दी से आग पकड़ते हैं। माचिस या लाइटर की जगह लंबी अगरबत्ती यूज करें। इसके अलावा कुछ और बातों का भी ध्यान रखें। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए-

सवाल- अगर पटाखे छुटाते समय जल जाएं तो तुरंत क्या करना चाहिए?

जवाब- डॉ. रोहित शर्मा बताते हैं कि इस स्थिति में घबराएं नहीं। अगर चोट ज्यादा नहीं लगी है तो तुरंत घर पर ही फर्स्ट एड दें। अगर घाव ज्यादा है तो तुरंत डॉक्टर के पास जाएं। इसके अलावा कुछ बातों का ध्यान रखें। जैसेकि-

  • जली हुई जगह को तुरंत कम-से-कम 10 मिनट तक सामान्य ठंडे पानी में रखें।
  • बर्फ या बहुत ठंडा पानी न लगाएं। केवल नॉर्मल टेम्परेचर का पानी ही इस्तेमाल करें।
  • चेहरे पर जलन हो तो साफ मुलायम कपड़े को पानी में भिगोकर प्रभावित हिस्से पर रखें, जब तक जलन कम न हो जाए।
  • टूथपेस्ट या घरेलू नुस्खे न लगाएं। हल्के बर्न पर लोग अक्सर टूथपेस्ट, सब्जियों का छिलका या कॉस्मेटिक क्रीम लगा लेते हैं। यह नुकसानदायक हो सकता है।
  • घाव को नमी में रखें। सूखने न दें। इससे जख्म जल्दी भरने में मदद मिलेगी।
  • अगर लोशन न हो तो एलोवेरा जेल या कोई भी सॉफ्ट मॉइश्चराइजर जली हुई जगह पर लगा सकते हैं।
  • जलन कम होने के बाद किसी मेडिकेटेड बर्न क्रीम या लोशन लगाएं।
  • डॉक्टर के पास जाते समय घाव को खुला न छोड़ें। पट्टी से ढककर ही जाएं।

सवाल- दिवाली के समय फर्स्ट एड किट में कौन-कौन सी चीजें रखनी चाहिए?

जवाब- दिवाली के दौरान घर में फर्स्ट एड किट हमेशा तैयार रखनी चाहिए। इसमें नीचे ग्राफिक में दिए सभी सामान शामिल करें ताकि छोटी-मोटी चोट या जलन का तुरंत इलाज किया जा सके।

सवाल- आंखों में चोट लगने पर तुरंत क्या करें?

जवाब- डॉ. रोहित शर्मा बताते हैं कि आंख में चोट लगे तो सबसे पहले उसे साफ पानी से धीरे-धीरे धोएं। इसे किसी भी चीज से रगड़ें नहीं। चोट गंभीर लगे या दर्द बढ़े तो तुरंत नेत्र विशेषज्ञ से संपर्क करें।

सवाल- गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से पीड़ित मरीज पटाखों के दुष्प्रभाव से बचने के लिए क्या करें?

जवाब- हाई बीपी, हार्ट डिजीज, अस्थमा या अन्य सांस संबंधी समस्याओं वाले लोग दिवाली के दौरान घर के अंदर रहें। धुएं से बचाव के लिए मास्क पहनें और खिड़कियां बंद रखें। घर में एयर प्यूरीफायर का इस्तेमाल करना भी मददगार होता है।

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