जरूरत की खबर- बारिश में बढ़ते डेंगू-मलेरिया के केसेज:  घर में इन जगहों पर छिपे हो सकते हैं मच्छर, एक्सपर्ट से जानें कैसे करें बचाव
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जरूरत की खबर- बारिश में बढ़ते डेंगू-मलेरिया के केसेज: घर में इन जगहों पर छिपे हो सकते हैं मच्छर, एक्सपर्ट से जानें कैसे करें बचाव

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18 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल

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इन दिनों डेंगू के केसेज काफी बढ़ रहे हैं। पिछले दिनों एक्ट्रेस स्वरा भास्कर, श्वेता तिवारी और अविका गोर के डेंगू पॉजिटिव होने की खबर आई थी।

हर साल बारिश के मौसम में डेंगू, मलेरिया जैसी मच्छरों से फैलने वाली बीमारियों के मामले तेजी से बढ़ते हैं। ‘नेशनल सेंटर फॉर वेक्टर बोर्न डिजीज कंट्रोल’ (NCVBDC) के मुताबिक, भारत में साल 2024 में डेंगू के कुल 2,33,519 केस दर्ज हुए। इनमें से 297 लोगों की मृत्यु हो गई। वहीं साल 2024 में देश में मलेरिया के 2.55 लाख से ज्यादा मामले सामने आए। इनमें करीब 86 लोगों की मौत हुई।

साल 2022 में ‘नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन’ में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, मानसून में मच्छरों को पनपने के लिए अनुकूल माहौल मिलता है। इस कारण मच्छर जनित बीमारियों के केस बढ़ जाते हैं।

इसलिए, आज ‘जरूरत की खबर’ में डेंगू-मलेरिया के बारे में विस्तार से बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • डेंगू-मलेरिया के लक्षण क्या हैं?
  • इससे बचने के लिए क्या करें?

एक्सपर्ट- डॉ. संदीप दोशी, कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल, मुंबई

सवाल- मानसून में डेंगू और मलेरिया ज्यादा क्यों फैलता है?

जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए-

  • बारिश के दौरान जगह-जगह पानी जमा हो जाता है।
  • जमा पानी में मच्छर तेजी से पैदा होते हैं।
  • नमी और तापमान मच्छरों के पनपने के लिए अनुकूल माहौल बनाते हैं।
  • पानी की खराब निकासी और आसपास जमा गंदगी संक्रमण का रिस्क बढ़ाते हैं।

सवाल- किन जगहों पर इनके मच्छर पनपने का रिस्क सबसे ज्यादा है?

जवाब- इन जगहों पर मच्छर पनपने का रिस्क ज्यादा होता है-

1. घर के अंदर

  • कूलर, AC ट्रे और फ्रिज की ट्रे में जमा पानी।
  • टब या खुले कंटेनर।
  • फूलदान, गमलों की प्लेट।
  • बाथरूम में लंबे समय तक जमा पानी।

2. आउटडोर एरिया

  • छत पर जमा बारिश का पानी।
  • पुराने टायर, बोतल, डिब्बे या कबाड़।
  • पानी के खुले टैंक।
  • नालियां और ड्रेनेज सिस्टम, जहां पानी रुकता है।
  • कंस्ट्रक्शन साइट्स पर जमा पानी।

3. सोसाइटी/कॉलोनी एरिया

  • पार्क या गार्डन में पानी भरे गड्ढे।
  • खराब स्ट्रीट ड्रेनेज।
  • खाली प्लॉट में जमा बारिश का पानी।
  • कचरे के ढेर में फंसा पानी।

सवाल- क्या घर के अंदर भी डेंगू और मलेरिया के मच्छर पैदा हो सकते हैं?

जवाब- हां, डेंगू फैलाने वाले एडीस एजिप्टी मच्छर साफ और रुके हुए पानी में अंडे देते हैं। वहीं मलेरिया फैलाने वाले एनोफेलीज मच्छर गंदे या ठहरे पानी में पनपते हैं। घर के अंदर जमा थोड़ा-सा पानी भी इन मच्छरों के लिए पर्याप्त होता है। ग्राफिक में मच्छरों के ब्रीडिंग हॉटस्पॉट देखिए-

सवाल- डेंगू-मलेरिया के लक्षण क्या हैं?

जवाब- दोनों ही मच्छरों के काटने से होने वाली बीमारियां हैं। इनके शुरुआती लक्षण अक्सर सामान्य बुखार जैसे लगते हैं। हालांकि इसमें कुछ अंतर होते हैं। सभी लक्षण ग्राफिक में देखिए-

सवाल- डेंगू-मलेरिया का पता कैसे चलता है?

जवाब- इसके लिए डॉक्टर ब्लड टेस्ट कराते हैं। हर टेस्ट बीमारी के अलग फेज और गंभीरता को समझने में मदद करता है।

डेंगू के टेस्ट

  • NS1 एंटीजन टेस्ट: शुरुआती 1-5 दिनों में वायरस की पहचान करता है।
  • IgM/IgG एंटीबॉडी टेस्ट: 5 दिन बाद संक्रमण की पुष्टि करता है।
  • CBC (कम्प्लीट ब्लड काउंट): प्लेटलेट्स और अन्य ब्लड पैरामीटर्स की जानकारी देता है।

मलेरिया के टेस्ट

  • मलेरिया पैरासाइट टेस्ट: ब्लड में मलेरिया पैरासाइट की पहचान करता है।
  • रैपिड डायग्नोस्टिक टेस्ट (RDT): 15-20 मिनट में रिजल्ट देता है।
  • CBC (कम्प्लीट ब्लड काउंट): बीमारी की गंभीरता का अंदाजा लगाने में मदद करता है।

सवाल- डेंगू-मलेरिया का इलाज क्या है?

जवाब- इसे पॉइंटर्स से समझिए-

डेंगू का इलाज

  • इसकी कोई खास एंटीवायरल दवा नहीं होती।
  • पैरासिटामोल से बुखार और दर्द कंट्रोल किया जाता है।
  • पर्याप्त पानी, ORS, जूस जैसे फ्लुइड देना जरूरी है।
  • प्लेटलेट काउंट मॉनिटर किया जाता है।
  • गंभीर मामलों में अस्पताल में भर्ती और जरूरत पड़ने पर प्लेटलेट ट्रांसफ्यूजन की जरूरत पड़ सकती है।

मलेरिया का इलाज

  • डॉक्टर की सलाह से एंटी-मलेरियल दवाएं दी जाती हैं।
  • बुखार और दर्द के लिए सपोर्टिव ट्रीटमेंट दिया जाता है।
  • समय पर पूरा दवा कोर्स करना बहुत जरूरी है।
  • गंभीर केस में अस्पताल में भर्ती होना पड़ सकता है।

ध्यान रखें, खुद से दवा न लें और बुखार 1–2 दिन से ज्यादा रहे तो तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।

सवाल- कब डॉक्टर को दिखाना जरूरी है?

जवाब- इन स्थितियों में तुरंत डॉक्टर के पास जाएं-

  • 1-2 दिन से ज्यादा तेज बुखार (102°F या इससे ज्यादा) रहे।
  • ठंड के साथ बुखार आए।
  • बुखार के साथ बेहोशी, भ्रम या ज्यादा सुस्ती लगे।
  • लगातार उल्टी हो।
  • कमजोरी महसूस हो या चक्कर आए।
  • शरीर पर लाल चकत्ते दिखें।
  • नाक या मसूड़े से खून आए।
  • तेज पेट दर्द हो।
  • सांस लेने में परेशानी हो।

सवाल- किन लोगों को रिस्क ज्यादा होता है?

जवाब- डेंगू-मलेरिया किसी को भी हो सकता है, लेकिन कुछ लोगों में ये ज्यादा गंभीर हो सकता है, जैसेकि-

  • जिनकी इम्यूनिटी कमजोर है।
  • जिन्हें क्रॉनिक डिजीज है।
  • जिन्हें पहले डेंगू हो चुका है।
  • जो मच्छर-प्रभावित इलाकों में रहते हैं।
  • बच्चे और बुजुर्ग।
  • गर्भवती महिलाएं।

सवाल- डेंगू-मलेरिया से बचने के लिए क्या करें?

जवाब- थोड़ी-सी सावधानी से इन बीमारियों से काफी हद तक बचा जा सकता है। सभी सेफ्टी टिप्स ग्राफिक में देखिए-

सवाल- मच्छर भगाने के घरेलू उपाय क्या हैं?

जवाब- पॉइंटर्स से समझिए-

नीम का धुआं: सूखी नीम की पत्तियां जलाने से मच्छर दूर भागते हैं।

कपूर: कमरे में कपूर जलाने या रख देने से मच्छर कम होते हैं।

नीम का तेल: स्किन पर लगाने से नेचुरल रिपेलेंट का काम करता है।

लहसुन का स्प्रे: पानी में लहसुन उबालकर छिड़काव करने से मच्छर कम आते हैं।

तुलसी का पौधा: घर के आसपास तुलसी लगाने से मच्छरों की संख्या कम होती है।

लेमनग्रास/सिट्रोनेला ऑयल: इसकी खुशबू मच्छरों को पसंद नहीं होती है।

लौंग और नींबू: नींबू में लौंग लगाकर कमरे में रखने से इसकी खुशबू से भी मच्छर दूर रहते हैं।

सवाल- अगर डेंगू-मलेरिया हो जाए तो क्या करें?

जवाब- ऐसी स्थिति में समय पर सही इलाज और देखभाल जरूरी है। इसलिए ग्राफिक में दी गई कुछ बातों का खास ख्याल रखें-

डेंगू-मलेरिया से जुड़े कुछ कॉमन सवाल और जवाब

सवाल- क्या डेंगू-मलेरिया संक्रामक बीमारी है?

जवाब- नहीं, डेंगू और मलेरिया सीधे एक व्यक्ति से दूसरे में नहीं फैलते हैं। ये बीमारियां संक्रमित मच्छर के काटने से फैलती हैं।

सवाल- क्या एक बार डेंगू होने के बाद दोबारा नहीं होता?

जवाब- नहीं, इसके 4 अलग-अलग प्रकार (सीरोटाइप) होते हैं। इसलिए एक बार होने के बाद भी दूसरी बार संक्रमण का रिस्क रहता है। दूसरी बार यह ज्यादा गंभीर भी हो सकता है।

सवाल- डेंगू-मलेरिया होने पर क्या गलतियां नहीं करनी चाहिए?

जवाब- नीचे ग्राफिक में लिखी गलतियां बिल्कुल न करें-

सवाल- डेंगू-मलेरिया में क्या खाना-पीना चाहिए और क्या नहीं?

जवाब- डेंगू-मलेरिया होने पर खानपान को लेकर सावधानियां बरतनी चाहिए-

क्या लें?

  • हल्का और सुपाच्य खाना (खिचड़ी, दलिया)।
  • पानी, ORS, नारियल पानी, सूप।
  • फल जैसे पपीता, सेब, अनार।

क्या न लें?

  • तला-भुना और मसालेदार खाना।
  • जंक फूड और पैकेज्ड ड्रिंक्स।
  • शराब और ज्यादा कैफीन।

सवाल- बच्चों और बुजुर्गों को मच्छरों से बचाने के लिए क्या अतिरिक्त सावधानी रखें?

जवाब- पॉइंटर्स से समझिए-

  • दिन और रात दोनों समय मच्छरदानी का यूज करें।
  • फुल स्लीव कपड़े पहनाएं।
  • मच्छर भगाने वाले सुरक्षित रिपेलेंट लगाएं।
  • हल्के लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

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