जरूरत की खबर- मानसून में बढ़ रहा स्किन इन्फेक्शन:  नमी से बढ़ता बैक्टीरियल और फंगल इंफेक्शन, जानें बचाव और इलाज के टिप्स
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जरूरत की खबर- मानसून में बढ़ रहा स्किन इन्फेक्शन: नमी से बढ़ता बैक्टीरियल और फंगल इंफेक्शन, जानें बचाव और इलाज के टिप्स

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9 घंटे पहले

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बारिश के मौसम में स्किन से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ती हैं। बीते कुछ दिनों में मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के हमीदिया अस्पताल और जेपी अस्पताल में स्किन रोगियों की संख्या में 10 गुना से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है। रोजाना 10-12 मरीजों की जगह अब 100 से 150 लोग फंगल और बैक्टीरियल इन्फेक्शन से परेशान होकर डॉक्टर के पास पहुंच रहे हैं। इसका मुख्य कारण है मौसम में बढ़ी नमी है, जो दाद, खाज, खुजली और अन्य इन्फेक्शन को बढ़ावा देती है।

तो चलिए, जरूरत की खबर में जानेंगे कि मानसून के इस मौसम में स्किन इन्फेक्शन को कैसे सुरक्षित रखें। साथ ही बात करेंगे कि-

  • किन लोगों को इसका खतरा ज्यादा रहता है?
  • स्किन इन्फेक्शन होने पर क्या घरेलू उपाय करना सही है?

एक्सपर्ट: डॉ. शीना कपूर, डर्मेटोलॉजिस्ट, कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल, इंदौर

सवाल- मानसून में किस तरह के स्किन इन्फेक्शन का खतरा बढ़ जाता है?

जवाब- बरसात के मौसम में वातावरण में नमी और गीलापन बढ़ जाता है। यही नमी बैक्टीरिया और फंगस को पनपने का मौका देती है, जिससे खुजली, लाल चकत्ते, फोड़े-फुंसी, दाने और दुर्गंध जैसी स्किन प्रॉब्लम्स बढ़ जाती हैं। इसके अलावा कई तरह के स्किन रोग का खतरा भी बढ़ जाता है। इसे नीचे दिए ग्राफिक में समझिए-

सवाल- मानसून में स्किन इन्फेक्शन से कैसे बच सकते हैं?

जवाब- बरसात में लगातार नमी और पसीना होने से स्किन इन्फेक्शन जल्दी हो जाता है। इसलिए हमेशा स्किन साफ और सूखी रहे। नहाने के बाद शरीर को अच्छे से पोंछें। गीले या पसीने वाले कपड़े तुरंत बदलें और कॉटन जैसे हल्के कपड़े पहनें। इन आसान आदतों से आप मानसून में स्किन को सुरक्षित रख सकते हैं।

सवाल- मानसून में होने वाले फंगल और बैक्टीरियल इन्फेक्शन में क्या फर्क होता है?

जवाब- बरसात के मौसम में नमी और गीलापन बढ़ने से फंगल और बैक्टीरियल, दोनों तरह के इन्फेक्शन तेजी से फैलते हैं। कई बार लोग इन दोनों को एक जैसा समझ लेते हैं, लेकिन इनके लक्षण अलग होते हैं। अगर सही समय पर फर्क पहचान लिया जाए तो इलाज आसान हो जाता है।

फंगल इन्फेक्शन

  • यह धीरे-धीरे फैलता है।
  • स्किन पर गोल या रिंग जैसे लाल चकत्ते बन जाते हैं।
  • खुजली, जलन और पपड़ी जमने जैसी समस्या रहती है।
  • ज्यादा गीली जगहों जैसे बगल, जांघ या पैरों की उंगलियों के बीच पर होता है।
  • पसीना या लंबे समय तक गीलापन रहने से और बढ़ जाता है।

बैक्टीरियल इन्फेक्शन

  • यह तेज दर्द, लालिमा और सूजन के साथ शुरू होता है।
  • स्किन पर पस भरे फोड़े-फुंसी हो सकते हैं।
  • छूने पर दर्द ज्यादा महसूस होता है।
  • यह तेजी से फैल सकता है और गंभीर रूप ले सकता है।

सवाल- क्या फंगल इन्फेक्शन एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है?

जवाब- डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. शीना कपूर कहती हैं कि फंगल इन्फेक्शन कॉन्टैक्ट इन्फेक्शन है यानी यह एक व्यक्ति से दूसरे तक फैल सकता है। अगर कोई संक्रमित व्यक्ति की स्किन को छू ले, उसका तौलिया, कपड़े, जूते या बिस्तर इस्तेमाल करे तो इन्फेक्शन होने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए डॉक्टर सलाह देते हैं कि फंगल इन्फेक्शन वाले व्यक्ति के पर्सनल हाइजीन आइटम शेयर न करें।

सवाल- मानसून में किन लोगों को स्किन इन्फेक्शन का खतरा ज्यादा होता है?

जवाब- डॉ. शीना कपूर बताती हैं कि बरसात के मौसम में हर किसी को स्किन प्रॉब्लम हो सकती है, लेकिन कुछ लोगों में इसका खतरा ज्यादा होता है।

ऑयली स्किन वाले लोग- जिनकी स्किन बहुत ऑयली होती है, उनमें पसीना और गंदगी ज्यादा टिकती है। यही नमी फंगस और बैक्टीरिया को बढ़ने का मौका देती है।

बच्चे और बुजुर्ग- आमतौर इनकी इम्युनिटी पर कम होती है, इसलिए ये जल्दी इन्फेक्शन की चपेट में आ जाते हैं।

एलर्जी या स्किन प्रॉब्लम वाले लोग- जिन्हें पहले से एक्जिमा, एलर्जी या दूसरी स्किन बीमारियां हैं, उन्हें मानसून में खास ध्यान रखना चाहिए।

डायबिटीज के मरीज- इनमें ब्लड शुगर लेवल बढ़ने से इम्युनिटी कमजोर हो जाती है। इसलिए शरीर इन्फेक्शन से आसानी से नहीं लड़ पाता है।

सवाल- क्या मानसून में डियोड्रेंट और टैल्कम पाउडर का ज्यादा इस्तेमाल नुकसान कर सकता है?

जवाब- हां, मानसून में इनका ज्यादा इस्तेमाल स्किन के लिए हानिकारक हो सकता है। अगर हम बार-बार डियोड्रेंट लगाते हैं तो उसमें मौजूद केमिकल्स स्किन को इरिटेट कर सकते हैं और पिंपल्स या खुजली जैसी समस्या बढ़ा सकते हैं। इसी तरह टैल्कम पाउडर नमी सोख लेता है, लेकिन अगर ज्यादा मात्रा में बार-बार लगाया जाए तो स्किन की नेचुरल नमी भी छिन जाती है, जिससे स्किन रूखी होकर और ज्यादा सेंसिटिव हो जाती है। इसलिए बरसात के मौसम में इनका सीमित इस्तेमाल करना ही बेहतर है।

सवाल- मानसून में होने वाले स्किन इन्फेक्शन पर डॉक्टर से कब सलाह लेनी चाहिए?

जवाब- अगर स्किन पर लगातार खुजली हो, लाल चकत्ते दिखें, पपड़ी जैसी परत बनने लगे, फफोले निकलें या दर्द होने लगे तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। बाजार से मिलने वाली क्रीम खुद से लगाने से बचें क्योंकि इनमें स्टेरॉयड हो सकते हैं, जो इन्फेक्शन को ठीक करने की बजाय और बढ़ा देते हैं। सही समय पर डॉक्टर की सलाह लेने से इन्फेक्शन जल्दी और पूरी तरह ठीक हो जाता है।

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