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1 घंटे पहलेलेखक: अदिति ओझा
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बारिश में ड्राइव करना काफी चैलेंजिंग होता है। सड़क पर कहीं पानी भरा होता है, तो कहीं कीचड़ जमा होता है। विजिबिलिटी भी कम हो जाती है। ऐसे में छोटी-सी लापरवाही भी बड़े हादसे की वजह बन सकती है।
बारिश में सड़क की स्थिति, ब्रेकिंग सिस्टम और गाड़ी पर कंट्रोल, तीनों बदल जाते हैं। इसलिए इस मौसम में गाड़ी चलाते हुए सेफ्टी का खास ख्याल रखना जरूरी है।
इसलिए ‘जरूरत की खबर’ में आज हम बारिश में सुरक्षित ड्राइविंग के बारे में बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-
- बारिश में ड्राइविंग के दौरान क्या सावधानी बरतनी चाहिए?
- कौन-सी गलतियां नहीं करनी चाहिए?
- गाड़ी के मेन्टेनेंस से जुड़ी कौन सी चीजें चेक करनी चाहिए?
एक्सपर्ट-
वीर बहादुर सिंह, यातायात प्रभारी, जालौन, उत्तर प्रदेश
अमित खरे, फाउंडर ‘ASK CARGURU’ (ऑटोमोबाइल नॉलेज प्लेटफॉर्म)
सवाल- बारिश में ड्राइव करना रिस्की क्यों होता है?
जवाब- इसके कई कारण हैं। पॉइंटर्स से समझिए-
- गीली सड़क पर टायर की पकड़ (ग्रिप) कम हो जाती है।
- सड़क पर पानी की लेयर होने से हाइड्रोप्लानिंग (टायर का पानी पर फिसलना) का रिस्क बढ़ जाता है।
- इससे गाड़ी सड़क पर फिसल सकती है और स्टीयरिंग या ब्रेक पर कंट्रोल कम हो सकता है।
- तेज बारिश की वजह से सामने का रास्ता साफ नहीं दिखता।
- विंडशील्ड पर पानी और धुंध जमने से विजिबिलिटी कम हो जाती है।
- सड़क पर पानी भरने से गड्ढे और सड़क की स्थिति का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है।

सवाल- बारिश में ड्राइव करते समय लोग क्या कॉमन गलतियां करते हैं?
जवाब- बारिश में ड्राइविंग के दौरान कई छोटी-छोटी गलतियां दुर्घटना का कारण बन सकती हैं। सभी गलतियां ग्राफिक में देखिए-

सवाल- बारिश में गाड़ी चलाते समय किन बातों का ध्यान रखें?
जवाब- बारिश में ड्राइविंग के दौरान कुछ बुनियादी सावधानियों को ध्यान में रखकर खुद को खतरे से बचा सकते हैं। ग्राफिक में सभी सेफ्टी टिप्स देखिए-

सवाल- बारिश में ड्राइविंग से पहले गाड़ी में क्या चेक करना जरूरी है?
जवाब- बारिश आने से पहले गाड़ी के वाइपर्स, विंडशील्ड क्लीनर, टायरों की ग्रिप और ब्रेक पैड्स समेत कुछ चीजें चेक करना जरूरी है। इससे सफर सुरक्षित रहता है। ग्राफिक में पूरी सेफ्टी चेकलिस्ट देखिए-

सवाल- क्या बारिश में हाईवे पर ड्राइविंग ज्यादा खतरनाक है?
जवाब- हां, इसके कई कारण हैं। पॉइंटर्स से समझिए-
- हाईवे पर गाड़ियों की रफ्तार ज्यादा होती है। सड़क गीली होने के कारण उस पर टायर की पकड़ कमजोर हो जाती है।
- तेज बारिश में विजिबिलिटी कम होती है, जिससे आगे का रास्ता और दूसरे वाहन साफ नहीं दिखते।
- तेज रफ्तार की वजह से गाड़ी रोकने के लिए ज्यादा दूरी चाहिए होती है और एक्शन का समय कम मिल पाता है।
- हाईवे पर एक छोटी-सी गलती भी कई वाहनों की दुर्घटना का कारण बन सकती है।
सवाल- कीचड़ और कच्ची सड़क पर ड्राइव करते समय क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?
जवाब- इस दौरान ये जरूरी सावधानियां जरूर बरतें-
- स्पीड कम रखें और मैक्सिमम सेकेंड गियर में ही चलें।
- अचानक एक्सिलरेटर दबाने या ब्रेक लगाने से टायर एक ही जगह पर घूमकर कीचड़ में फंस सकते हैं।
- स्टीयरिंग को अचानक तेजी से न घुमाएं। इससे गाड़ी अनियंत्रित हो सकती है।
- ब्रेक लगाने के लिए पैडल को झटके से दबाने की बजाय धीरे-धीरे पंप करें।
- कच्ची सड़क पर जहां आगे वाली गाड़ी के टायरों के निशान बने हों, अपनी गाड़ी भी उसी ट्रैक पर चलाएं।
- वहां जमीन थोड़ी दबी और मजबूत होती है, जिससे फिसलने का रिस्क कम हो जाता है।
सवाल- अगर ड्राइविंग के समय तेज आंधी-तूफान के साथ बारिश आए तो क्या करें?
जवाब- इस दौरान खास सावधानी बरतनी चाहिए। पॉइंटर्स से समझिए-
- गाड़ी को सड़क किनारे किसी सुरक्षित जगह पर पार्क कर लें और हेजार्ड लाइट्स ऑन कर दें।
- गाड़ी को कभी भी पेड़ों, बिजली के खंभों, होर्डिंग्स या कमजोर दीवारों के नीचे न रोकें, क्योंकि तूफान में इनके गिरने का खतरा होता है।
- जब तक मौसम थोड़ा शांत न हो जाए, गाड़ी के शीशे पूरी तरह बंद करके अंदर ही बैठे रहें।
- अगर ड्राइव करना ही पड़े तो स्पीड बेहद कम रखें। हेडलाइट्स ऑन रखें और आगे वाली गाड़ी से दोगुनी दूरी बनाकर चलें।
सवाल- अगर गाड़ी कीचड़ या गड्ढे में फंस गई है तो क्या करें?
जवाब- ऐसे में कुछ तरीके अपनाए जा सकते हैं-
- जबरदस्ती एक्सीलरेटर न दबाएं। इससे टायर एक ही जगह गोल घूमकर गाड़ी को और ज्यादा अंदर धंसा देंगे।
- गाड़ी को पहले फर्स्ट गियर में थोड़ा आगे बढ़ाएं और जैसे ही वह रुकने लगे तुरंत रिवर्स गियर लगाकर थोड़ा पीछे लें।
- इस तरह गाड़ी को आगे-पीछे हिलाकर एक मोमेंटम बनाने की कोशिश करें, ताकि वह झटके से बाहर निकल आए।
- फंसे हुए टायर के ठीक आगे या पीछे सूखी लकड़ी के टुकड़े, बड़े पत्थर, ईंट, बोरी या फिर अपनी गाड़ी के केबिन वाले फ्लोर मैट को बिछा दें।
- इससे टायर को सूखी सतह और जरूरी ग्रिप मिल जाएगी, जिससे गाड़ी आसानी से बाहर आ जाएगी।
- पहियों को ज्यादा दाएं-बाएं न घुमाएं। स्टीयरिंग को जितना हो सके, सीधा रखें।
- गाड़ी में बैठे बाकी लोगों को नीचे उतार दें ताकि गाड़ी हल्की हो जाए।
- गाड़ी को पीछे से धक्का लगाएं और ड्राइवर धीरे-धीरे एक्सीलरेटर देकर गाड़ी आगे बढ़ाए।
सवाल- अगर बारिश में ड्राइविंग के दौरान कार बंद हो जाए तो क्या करें?
जवाब- इसे पॉइंटर्स समझिए-
- तुरंत गाड़ी को सड़क के किनारे सुरक्षित जगह लगाने की कोशिश करें।
- हेजर्ड लाइट्स ऑन करें, ताकि पीछे आने वाले वाहन अलर्ट रहें।
- अगर गाड़ी पानी भरे हिस्से में बंद हुई है तो बार-बार स्टार्ट करने की कोशिश न करें। इससे इंजन में पानी जाने का रिस्क रहता है।
- बोनट खोलकर देखें कि एयर-इनटेक या एग्जॉस्ट में पानी तो नहीं गया है ।
- जरूरत पड़े तो रोडसाइड असिस्टेंस/टोइंग सर्विस बुलाएं।
- रात में या कम विजिबिलिटी में रिफ्लेक्टिव ट्रायंगल/इंडिकेटर लगाना मददगार होता है।
सवाल- अगर बारिश में ओवरटेक कर रहे हैं तो किन बातों का ध्यान रखें?
जवाब- बारिश में ब्लाइंड स्पॉट बढ़ जाते हैं, इसलिए जल्दबाजी में ओवरटेक न करें। सामने से आने वाली गाड़ी की दूरी सही आंकें। साथ ही कुछ बाताें का ध्यान रखें-
- स्पीड कंट्रोल में रखें, अचानक तेज न करें।
- आगे-पीछे पर्याप्त गैप रखें।
- इंडिकेटर देकर ही लेन बदलें।
- पानी भरे या स्लिपरी पैच पर ओवरटेक न करें।
- ओवरटेक के दौरान स्टीयरिंग और एक्सेलरेशन स्मूद रखें।
बारिश में सेफ ड्राइविंग से जुड़े कॉमन सवाल-जवाब
सवाल- मानसून में कार में कौन-सी इमरजेंसी चीजें रखनी चाहिए?
जवाब- बारिश में गाड़ी में ये चीजें जरूर रखें-
- टो रोप
- टॉर्च
- जंप स्टार्टर
- रेनकोट
- पावर बैंक
- फर्स्ट-एड किट
- टायर इंफ्लेटर और बेसिक टूल किट।
सवाल- बारिश में ड्राइविंग के दौरान क्या नहीं करना चाहिए?
जवाब- मानसून में ये गलतियां न करें-
- अचानक ब्रेक लगाना।
- अचानक लेन बदलना।
- मोबाइल इस्तेमाल करना।
- ओवर स्पीड में गाड़ी चलाना।
सवाल- बारिश में कितनी स्पीड सुरक्षित मानी जाती है?
जवाब- ये सड़क और बारिश की स्थिति पर निर्भर करती है। लेकिन आमतौर पर ड्राई रोड की तुलना में 20-30% कम स्पीड रखना सुरक्षित माना जाता है।
सवाल- बारिश में इलेक्ट्रिक कार (EV) चलाना कितना सुरक्षित है?
जवाब- अधिकांश EV वाटर-रेसिस्टेंट होती हैं, लेकिन गहरे पानी में ले जाना रिस्की हो सकता है। पानी भरी सड़क पर बैटरी या इलेक्ट्रिकल सिस्टम को नुकसान हो सकता है।
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