11 घंटे पहलेलेखक: गौरव तिवारी
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16 दिसंबर को मथुरा में कोहरे के कारण सुबह साढ़े तीन बजे एक भीषण हादसा हुआ, जिसमें 8 बसें और 3 कारें आपस में टकरा गईं। इस हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 70 लोग घायल हो गए। इससे 2 दिन पहले 14 दिसंबर को कोहरे के कारण विजिबिलिटी घटने से यूपी-हरियाणा में 20 रोड एक्सीडेंट हुए थे, जिनमें 80 गाड़ियों की टक्कर हुई और 12 लोगों की मौत हो गई।
सर्दियों में कोहरे के कारण गाड़ी चलाने में दिक्कत आती है। इसके कारण रोड एक्सीडेंट बढ़ जाते हैं। भारत सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, 2022 में कोहरे और धुंध की वजह से 34,262 सड़क हादसे हुए, जबकि 2021 में ये संख्या 28,934 थी।
भारत मौसम विभाग (IMD) ने उत्तर, उत्तर-पश्चिम और आसपास के कई इलाकों में अगले कुछ दिनों तक घने कोहरे की चेतावनी दी है।
इसलिए जरूरत की खबर में आज सर्दियों में बढ़ते रोड एक्सीडेंट की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-
- कम विजिबिलिटी में ड्राइवर अक्सर क्या गलतियां करते हैं?
- सर्दियों में ड्राइविंग के सेफ्टी टिप्स क्या हैं?
- सर्दियों में टायर का एयर प्रेशर चेक करवाना क्यों जरूरी है?
एक्सपर्ट: वीर बहादुर सिंह, यातायात प्रभारी, जालौन, उत्तर प्रदेश
सवाल- सर्दियों में रोड एक्सीडेंट क्यों बढ़ते हैं?
जवाब- सर्दियों में कोहरा और ठंडी हवाएं विजिबिलिटी और गाड़ी पर कंट्रोल दोनों कम कर देते हैं। ड्राइवर को सामने की सड़क साफ नहीं दिखती और गाड़ी में समय पर सही समय पर ब्रेक नहीं लग पाता है। यही वजह है कि इस मौसम में सड़क हादसे तेजी से बढ़ जाते हैं।
सर्दियों में रोड एक्सीडेंट बढ़ने के कारण
- घने कोहरे के कारण सड़क और दूसरे वाहन नहीं दिखते।
- सड़क में कोहरा और ओस गिरने से फिसलन होती है।
- इससे ब्रेक देर से लगते हैं, गाड़ी स्लिप होती है।
- लो विजिबिलिटी में ओवरटेकिंग में गलतियां होती हैं।
- हाई-बीम लाइट से विजिबिलिटी और कम हो जाती है।
- गाड़ी में फॉग लाइट या इंडिकेटर ठीक न होने से गड़बड़ होती है।
सवाल- क्या कोहरा रोड एक्सीडेंट की मुख्य वजह है?
जवाब- कोहरा सड़क हादसों की एक बड़ी वजह जरूर है, लेकिन इसे अकेला कारण नहीं कहा जा सकता है। अगर सावधानी बरतें तो इतने एक्सीडेंट नहीं होंगे।
- कोहरे में विजिबिलिटी अचानक कम हो जाती है, जिससे दूसरे वाहन, मोड़ और सड़क के ऑब्सटेकल समय पर दिखाई नहीं देते हैं।
- कई ड्राइवर हाई-बीम का गलत इस्तेमाल करते हैं या रफ्तार नहीं घटाते, जिससे जोखिम और बढ़ जाता है।
- फिसलन, गलत ओवरटेकिंग, वाहन की खराब लाइटें, थकान और डिस्ट्रैक्शन भी हादसों में बड़ी भूमिका निभाते हैं।
- कोहरा खतरनाक है, लेकिन सुरक्षित ड्राइविंग और सही तैयारी से हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है।
सवाल- कम विजिबिलिटी में ड्राइवर अक्सर क्या गलतियां करते हैं?
जवाब- कम विजिबिलिटी और कोहरे में ड्राइवर अक्सर कुछ कॉमन गलतियां करते हैं, जो हादसों की वजह बनती हैं।

ये छोटी-छोटी लापरवाहियां कोहरे में बड़े हादसों का कारण बनती हैं।
सवाल- कोहरे में ड्राइविंग करते समय किन बातों का ध्यान रखना जरूरी है?
जवाब- कोहरे में ड्राइविंग करते समय अतिरिक्त सावधानी बरतने की जरूरत होती है। इसके लिए कुछ बातों का ध्यान हमेशा रखें।

इन सावधानियों से कोहरे में दुर्घटनाओं का जोखिम काफी कम हो जाता है।
सवाल- कोहरे में एक्सपर्ट येलो हेडलाइट की सलाह क्यों देते हैं?
जवाब- कोहरे में एक्सपर्ट येलो हेडलाइट लगाने की सलाह इसलिए देते हैं, क्योंकि पीली रोशनी हवा में मौजूद पानी की बूंदों से कम टकराती है।
इससे रोशनी ज्यादा फैलती नहीं और सड़क स्पष्ट दिखाई देती है। सफेद रोशनी कोहरा वापस आंखों में रिफ्लेक्ट कर देती है, जिससे विजिबिलिटी और घट जाती है। पीली लाइट आंखों को भी कम चुभती है और दूर तक पकड़ बनाती है। इसी वजह से कोहरे, धुंध या बारिश वाले मौसम में येलो हेडलाइट्स ड्राइविंग को ज्यादा सुरक्षित बनाती हैं और हादसों का खतरा कम करती हैं।
सवाल- फॉग लैंप क्या है, यह सर्दियों में कैसे काम करता है?
जवाब- फॉग लैंप गाड़ी की एक खास तरह की लाइट है, जो खासतौर पर कोहरे, धुंध या भारी बारिश में विजिबिलिटी बढ़ाने के लिए ही बनाई गई है।
यह साधारण हेडलाइट की तरह ऊपर नहीं चमकती, बल्कि नीचे की ओर तेज और केंद्रित रोशनी देती है। इससे सड़क का नजदीकी हिस्सा साफ दिखाई देता है और कोहरे में रोशनी उलटा रिफलेक्ट होकर आंखों में नहीं चुभती है।

सवाल- कोहरे में विंडस्क्रीन के लिए डिफॉगर और वाइपर क्यों जरूरी होते हैं?
जवाब- कोहरे में विंडस्क्रीन पर नमी और धुंध जल्दी जम जाती है, जिससे सामने का विजन धुंधला हो जाता है। ऐसे में डिफॉगर अंदर की गर्म हवा को कांच की तरफ रिफलेक्ट करके धुंध हटाता है और कांच को सूखा बनाए रखता है।
वहीं वाइपर बाहर जमी ओस, बूंदें या हल्की बारिश को तुरंत साफ कर देते हैं। जब दोनों साथ काम करते हैं, तो विंडस्क्रीन पारदर्शी रहती है और सड़क स्पष्ट दिखाई देती है।
इससे ड्राइवर को डिस्टेंस, मोड़ और सामने आ रहे वाहन सही ढंग से दिखाई देते हैं। इसलिए कोहरे में सुरक्षित ड्राइविंग के लिए डिफॉगर और वाइपर बेहद जरूरी होते हैं।
सवाल- सर्दियों में ड्राइविंग के लिए सेफ स्पीड क्या होनी चाहिए और स्पीड कम रखनी क्यों जरूरी है?
जवाब- सर्दियों में किसी भी सड़क की सेफ स्पीड 30-50 किमी प्रति घंटा मानी जाती है, लेकिन यह मौसम और विजिबिलिटी के हिसाब से बदल सकती है। जरूरत पड़े तो इससे भी कम स्पीड रखें।
- कोहरा, फिसलन और कम रोशनी में तेज रफ्तार गाड़ी पर कंट्रोल कम हो जाता है।
- ब्रेक देर से लगते हैं और सामने क्या है, यह समय पर दिख नहीं पाता है।
- स्पीड कम रखने से ड्राइवर को मोड़, स्पीड ब्रेकर, दूसरी गाड़ियां और बाधाएं जल्दी पहचान में आती हैं।
- इससे रिएक्शन टाइम बढ़ता है और हादसे की संभावना काफी घट जाती है।
- इसलिए सर्दियों में धीरे और कंट्रोल में गाड़ी चलाना सबसे सुरक्षित विकल्प है।
सवाल- कोहरे में गाड़ियों के बीच सेफ डिस्टेंस ज्यादा क्यों रखनी चाहिए?
जवाब- कोहरे में आगे की गाड़ी अचानक दिखती है और ब्रेक भी देर से लगते हैं। इसलिए गाड़ियों के बीच सेफ डिस्टेंस ज्यादा रखना बहुत जरूरी होता है।
- कम विजिबिलिटी में अगर आगे वाला वाहन अचानक रुक जाए या कहीं टर्न ले, तो करीब चलने पर पीछे वाली गाड़ी समय पर कंट्रोल नहीं कर पाती है।
- कोहरे की नमी से सड़क पर फिसलन होने पर टायर स्लिप होने का खतरा भी बढ़ जाता है।
- दूरी ज्यादा रखने से ड्राइवर को रिएक्ट करने का ज्यादा समय मिलता है और टक्कर की संभावना कम हो जाती है।
- कोहरे में धीमी रफ्तार और ज्यादा दूरी, दोनों मिलकर ड्राइविंग सुरक्षित बनाते हैं।
सवाल- सर्दियों में टायर एयर प्रेशर पर क्या असर पड़ता है और यह कितना होना चाहिए?
जवाब- सर्दियों में टेम्प्रेचर कम होने से टायर के अंदर की हवा भी सिकुड़ जाती है, जिससे एयर प्रेशर कम हो जाता है। लो प्रेशर होने पर टायर सड़क को ठीक से क्लच नहीं कर पाते और ब्रेक लगाने पर फिसलने का खतरा बढ़ जाता है। इससे माइलेज भी खराब होता है और टायर जल्दी घिसते हैं।
- इसलिए ठंड के मौसम में टायर प्रेशर को नियमित रूप से चेक करना जरूरी है। आमतौर पर कार के लिए 30–35 PSI और बाइक के लिए 28–32 PSI सही प्रेशर माना जाता है, लेकिन हर वाहन के लिए सही प्रेशर अलग होता है।
- सबसे अच्छा है कि व्हीकल बनाने वाली कंपनी की गाइडलाइन के अनुसार प्रेशर सेट किया जाए।
सवाल- कोहरे में ओवरटेकिंग से क्यों बचना चाहिए और इसके क्या खतरे हैं?
जवाब- कोहरे में ओवरटेकिंग से बचना चाहिए क्योंकि कम विजfबिलिटी में सामने से आने वाली गाड़ी या सड़क का मोड़ अचानक दिखाई देता है।
- ऐसे में ओवरटेक करते समय टक्कर की संभावना बहुत बढ़ जाती है।
- कई बार ड्राइवर दूरी गलत आंक लेते हैं और सामने से आती गाड़ी समय पर न दिखने से सीधी टक्कर हो सकती है।
- कोहरे के कारण सड़क पर फिसलन होती है, जिससे तेज रफ्तार में लेन बदलने से भी वाहन का बैलेंस बिगड़ सकता है।
- ओवरटेकिंग से ब्लाइंड स्पॉट बढ़ जाते हैं और कंट्रोल कम होता है।
- इसलिए कोहरे में सुरक्षित दूरी रखकर अपनी लेन में ही गाड़ी चलना सबसे सुरक्षित विकल्प है।
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