जरूरत की खबर- सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना बंद:  अब सोने में निवेश के क्या हैं विकल्प, कैसे मिलेगा ज्यादा रिटर्न, जानें एक्सपर्ट से
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जरूरत की खबर- सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना बंद: अब सोने में निवेश के क्या हैं विकल्प, कैसे मिलेगा ज्यादा रिटर्न, जानें एक्सपर्ट से

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5 घंटे पहले

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भारत सरकार ने 2025 के बजट में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड (SGB) योजना को बंद करने का फैसला लिया है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को बजट के बाद मीडिया ब्रीफिंग के दौरान इसके संकेत दिए।

दरअसल इस योजना में सरकार को ज्यादा ब्याज का भुगतान करना पड़ रहा था, जिससे सरकार पर लगातार आर्थिक बोझ बढ़ रहा था। इस योजना के बंद होने के बाद गोल्ड में इन्वेस्ट करने के इच्छुक लोगों को निवेश के नए विकल्प की तलाश करनी होगी।

तो चलिए, आज जरूरत की खबर में बात करेंगे कि अब निवेशकों के लिए सोने में निवेश करने के दूसरे सुरक्षित विकल्प क्या हैं। साथ ही जानेंगे कि-

  • सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना क्यों बंद की गई?

एक्सपर्ट: जितेंद्र पी.एस सोलंकी, इन्वेस्टमेंट एडवाइजर, गाजियाबाद

सवाल- सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना क्या थी? जवाब- साल 2015 में डिजिटल गोल्ड को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना की शुरूआत की गई थी। इस योजना में सरकार इन्वेस्टर्स को सस्ते दामों में सोना खरीदने का मौका देती थी। इस योजना के कई फायदे थे। जैसेकि-

  • ब्याज: सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड योजना में इन्वेस्ट करने पर सालाना 2.5 फीसदी की दर से ब्याज मिलता था। यह पैसा हर 6 महीने इन्वेस्टर्स के खाते में ट्रांसफर किया जाता था।
  • गारंटी: सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड RBI की ओर से जारी किया जाता था। ऐसे में सोने की शुद्धता की गारंटी रहती थी।
  • बढ़ती कीमत: स्कीम की मैच्योरिटी 8 साल की थी। इस दौरान सोने की कीमत जितनी बढ़ती थी, इंवेस्टर्स को उतना फायदा मिलता था।
  • टैक्स फ्री: SBG योजना से मिले ब्याज में टैक्स लगता था, लेकिन अगर मैच्योरिटी तक उसे होल्ड किया जाए तो कैपिटल गेन पूरी तरह टैक्स फ्री होता था।
  • छूट: अगर कोई इन्वेस्टर ऑनलाइन SGB खरीदते हुए डिजिटल पेमेंट करता है तो 50 रुपए प्रति ग्राम की छूट भी मिलती थी।

सवाल- भारत सरकार ने इस योजना को बंद करने का फैसला क्यों लिया है?

जवाब- बीते कुछ सालों में सोने की कीमतों में बंपर उछाल देखने को मिला है। यही सबसे बड़ी वजह रही कि सरकार को इस योजना को बंद करना पड़ा। दरअसल ग्लोबल मार्केट में सोने का भाव 2,900 डॉलर प्रति औंस के पार है। जबकि इंडियन मार्केट में सोने की कीमत करीब 85,000 रुपए प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई है।

इसका सीधा सा मतलब है कि गोल्ड की कीमत बढ़ेगी तो सरकार को इन्वेस्टर्स को ज्यादा रिटर्न देना पड़ेगा। वहीं मार्केट एक्सपर्ट का कहना है कि सोने की कीमतों में अब लंबे समय तक तेजी रहने की उम्मीद है।

सवाल- SGB योजना बंद होने के बाद अब गोल्ड में निवेश करने का बेहतर विकल्प क्या है? जवाब- इन्वेस्टमेंट एडवाइजर जितेंद्र पी.एस सोलंकी बताते हैं कि अगर आप SGB में निवेश करने से चूक गए हैं और अब ऑनलाइन गोल्ड में निवेश करने का मन बना रहे हैं तो गोल्ड ETF (एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड) या गोल्ड म्यूचुअल फंड में भी निवेश कर सकते हैं। यह दोनों ही अभी के समय में गोल्ड में इन्वेस्टमेंट के सबसे अच्छे विकल्प हैं।

सवाल- गोल्ड ETF क्या है? जवाब- गोल्ड ETF ओपन एंडेड म्यूचुअल फंड है। इसे आप म्यूचुअल फंड के ही एक विकल्प की तरह समझ सकते हैं, जो सोने के गिरते-चढ़ते भाव पर आधारित होता है। गोल्ड ETF में फिजिकल सोने के बजाय उसके डिजिटल फॉर्म में निवेश किया जाता है। इसमें निवेश के लिए डीमैट अकाउंट होना जरूरी है क्योंकि आपके द्वारा खरीदा गया गोल्ड आपके डीमैट अकाउंट में ही जमा होता रहता है।

सवाल- गोल्ड ETF में निवेश करने के क्या फायदे हैं? जवाब- गोल्ड ETF में सोना यूनिट्स में खरीदा जाता है, जिसमें एक यूनिट का मतलब होता है एक ग्राम। इसलिए इसमें कम मात्रा में सोना खरीदना आसान हो जाता है। वहीं ज्वेलर्स से इतनी कम मात्रा में सोना खरीदना मुश्किल है। इसके कई फायदे हैं। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए-

सवाल- गोल्ड ETF में कैसे इन्वेस्ट कर सकते हैं? जवाब- गोल्ड ETF में इन्वेस्ट करने के लिए इन स्टेप्स को फॉलो करें।

स्टेप 1- इसके लिए सबसे पहले डीमैट अकाउंट खुलवाना पड़ता है।

स्टेप 2- फिर आप नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर उपलब्ध गोल्ड ETF के यूनिट खरीद सकते हैं।

स्टेप 3- डीमैट अकाउंट में ऑर्डर देने के दो दिन बाद गोल्ड ETF आपके अकाउंट में डिपॉजिट हो जाते हैं।

स्टेप 4- फिर आप कभी भी ट्रेडिंग खाते के जरिए ही गोल्ड ETF को बेच भी सकते हैं।

सवाल- गोल्ड म्यूचुअल फंड क्या है? जवाब- गोल्ड म्यूचुअल फंड भी सोने का एक डिजिटल फॉर्म ही है। गोल्ड म्यूचुअल फंड ओपन-एंडेड निवेश है। इसमें मंथली SIP के माध्यम से न्यूनतम 500 रुपए से भी गोल्ड म्यूचुअल फंड में निवेश शुरू कर सकते हैं। इसकी खास बात यह है कि इसमें इन्वेस्ट करने के लिए डीमैट अकाउंट की जरूरत नहीं होती है। आप किसी भी म्यूचुअल फंड हाउस के माध्यम से इसमें निवेश शुरू कर सकते हैं।

सवाल- गोल्ड म्यूचुअल फंड में इन्वेस्ट करना कितना फायदेमंद है? जवाब- गोल्ड म्यूचुअल फंड सोने में निवेश का एक आसान तरीका है, खासकर उन निवेशकों के लिए, जाे डीमैट अकाउंट नहीं खोलना चाहते हैं या SIP के जरिए धीरे-धीरे निवेश करना चाहते हैं। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए-

सवाल- गोल्ड म्यूचुअल फंड में कैसे इन्वेस्ट कर सकते हैं? जवाब- गोल्ड म्यूचुअल फंड में निवेश करना बहुत आसान है। इसमें आप SIP के जरिए या एकमुश्त भी निवेश कर सकते हैं। इसे बैंक, म्यूचुअल फंड प्लेटफॉर्म, ब्रोकर के जरिए खरीद सकते हैं। प्रोसेस इन पॉइंट्स में समझिए-

  • सबसे पहले आपको SIP या एकमुश्त में से कोई एक विकल्प चुनना होगा।
  • SIP में हर महीने एक तय रकम निवेश की किश्त के रूप में जमा कर सकते हैं।
  • वहीं एकमुश्त (Lump Sum) में एक बार में बड़ी रकम निवेश की जाती है।
  • आप UPI, डेबिट कार्ड या नेट बैंकिंग, किसी भी तरीके से किश्त जमा कर सकते हैं।
  • निवेश कन्फर्म होते ही आपको ईमेल या मैसेज के जरिए यूनिट्स अलॉट कर दी जाएंगी।
  • जिसे आप कभी भी अपनी जरूरत के हिसाब से बेच सकते हैं।

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