जरूरत की खबर- 900 किलो मिलावटी सौंफ बरामद:  आपकी सौंफ में मिलावट तो नहीं, 5 तरीकों से चेक करें, खरीदते हुए 8 बातें ध्यान रखें
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जरूरत की खबर- 900 किलो मिलावटी सौंफ बरामद: आपकी सौंफ में मिलावट तो नहीं, 5 तरीकों से चेक करें, खरीदते हुए 8 बातें ध्यान रखें

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5 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल

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देश में हर दिन कहीं-न-कहीं से खाद्य पदार्थों में मिलावट की खबरें आती रहती हैं। बीते दिनों मध्य प्रदेश के इंदौर (सियागंज) में खाद्य सुरक्षा विभाग और जिला प्रशासन की टीम ने छापेमारी कर 900 किलो मिलावटी सौंफ जब्त की।

जांच के दौरान सौंफ में आर्टिफिशियल कलर की मिलावट के संकेत मिले। प्रशासन ने मौके पर गोदाम सील कर सैंपल जांच के लिए भेजा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही।

हम अपने खाने को स्वादिष्ट बनाने व नेचुरल माउथ फ्रेशनर के रूप में रोजाना सौंफ का इस्तेमाल करते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि कहीं हम भी मिलावटी सौंफ का सेवन तो नहीं कर रहे हैं। इसलिए असली और मिलावटी सौंफ के बीच फर्क को समझना बेहद जरूरी है।

तो चलिए, आज जरूरत की खबर में हम मिलावटी सौंफ के बारे में विस्तार से बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • मिलावटी सौंफ खाने से किस तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं?
  • घर पर मिलावटी सौंफ की पहचान कैसे करें?

एक्सपर्ट: डॉ. अनु अग्रवाल, न्यूट्रिशनिस्ट और ‘वनडाइटटुडे’ की फाउंडर

सवाल- सौंफ में किन चीजों की मिलावट की जाती है?

जवाब- मिलावटखोर सौंफ की चमक बढ़ाने के लिए आमतौर पर आर्टिफिशियल ग्रीन कलर की मिलावट करते हैं। इससे सौंफ ज्यादा फ्रेश और आकर्षक दिखाई देती है। इसके अलावा पुरानी या खराब सौंफ को नया दिखाने के लिए उसमें भी कलर मिलाते हैं। कुछ मामलों में वजन बढ़ाने के लिए धूल, रेत या अन्य सस्ते बीज भी मिलाते हैं।

सवाल- मिलावटी सौंफ खाने से किस तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं?

जवाब- मिलावटी सौंफ में मौजूद आर्टिफिशियल कलर और केमिकल्स शरीर पर धीरे-धीरे बुरा प्रभाव डाल सकते हैं। लंबे समय में इसके सेवन से पाचन समस्या से लेकर लिवर प्रॉब्लम तक हो सकती है। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए-

सवाल- घर पर मिलावटी सौंफ की पहचान कैसे कर सकते हैं?

जवाब- कुछ आसान घरेलू तरीकों से घर पर सौंफ की शुद्धता की पहचान की जा सकती है। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए-

सवाल- ऑर्गेनिक सौंफ की क्या पहचान है?

जवाब- ऑर्गेनिक सौंफ में किसी भी तरह के केमिकल, आर्टिफिशियल कलर या पॉलिश का इस्तेमाल नहीं होता है। कुछ आसान संकेतों से इसकी पहचान की जा सकती है। जैसेकि-

  • ऑर्गेनिक सौंफ बहुत ज्यादा चमकदार/हरी नहीं होती है।
  • इसका रंग हल्का और नेचुरल होता है।
  • खुशबू बहुत हल्की और फ्रेश होती है।
  • इसमें तेज या केमिकल जैसी गंध नहीं होती है।
  • दाने थोड़े असमान होते हैं।
  • एक जैसे पॉलिश किए हुए दाने अक्सर प्रोसेस्ड होते हैं।
  • ऑर्गेनिक सौंफ नेचुरली हल्की मीठी होती है।
  • इसमें कड़वाहट या तीखापन नहीं होता है।

सवाल- सौंफ का इस्तेमाल किन चीजों में किया जाता है?

जवाब- स्वाद और सेहत दोनों के लिए बड़े पैमाने पर सौंफ का इस्तेमाल किया जाता है। जैसेकि-

  • खाना खाने के बाद सौंफ चबाने से मुंह की दुर्गंध दूर होती है और पाचन बेहतर होता है।
  • सौंफ का पानी या चाय गैस, अपच और एसिडिटी में राहत देता है।
  • सौंफ को सब्जी, दाल व ग्रेवी में और पंचफोरन के रूप में यूज किया जाता है।
  • गर्मियों में ठंडक के लिए सौंफ का शरबत काफी पसंद किया जाता है।
  • खांसी, पेट दर्द और पीरियड्स की परेशानी में राहत के लिए सौंफ का इस्तेमाल किया जाता है।

सवाल- बाजार से सौंफ खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?

जवाब- हम अक्सर बाजार से बिना जांचे सौंफ खरीद लेते हैं। ऐसे में कई बार हमें मिलावटी सौंफ भी मिल सकती है। इसलिए सौंफ खरीदते समय कुछ बातों का खास ख्याल रखना चाहिए। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए-

सवाल- सौंफ स्टोर करने का सही तरीका क्या है?

जवाब- सौंफ को लंबे समय तक सुरक्षित और सुगंधित रखने के लिए उसे पूरी तरह सूखे, साफ और एयरटाइट कंटेनर में स्टोर करें। कंटेनर को नमी, धूप और गर्मी से दूर, ठंडी व सूखी जगह पर रखें। ऐसा करना इसलिए जरूरी है क्योंकि नमी से सौंफ खराब हो सकती है। उसमें फंगस लग सकते हैं।

सौंफ को गैस चूल्हे के पास न रखें। कंटेनर से निकालने के बाद उसे खुला न छोड़ें, ताकि उसकी खुशबू और क्वालिटी बरकरार रहे। साथ ही लंबे समय से रखी सौंफ का इस्तेमाल न करें।

सवाल- किसी भी फूड में मिलावट की शिकायत कहां और कैसे कर सकते हैं?

जवाब- आप फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) के टोल-फ्री नंबर 1800-11-2100 पर कॉल करके शिकायत कर सकते हैं। साथ ही ‘फूड सेफ्टी कनेक्ट’ एप के जरिए भी ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

शिकायत करते समय दुकान का नाम, पता, फूड डिटेल और बिल या फोटो जैसी जानकारी रखना जरूरी है। इसके अलावा अपने जिले के फूड सेफ्टी ऑफिसर या जिला प्रशासन से भी सीधे शिकायत कर सकते हैं। उपभोक्ता हेल्पलाइन 1915 या consumerhelpline.gov.in पर भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

सवाल- फूड में मिलावट पाए जाने पर क्या कार्रवाई हो सकती है?

जवाब- इसके लिए ‘फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006’ के तहत सख्त कार्रवाई की जाती है। दोषी पाए जाने पर भारी जुर्माना लगता है और लाइसेंस रद्द किया जा सकता है। गंभीर मामलों में जेल भी हो सकती है।

अगर मिलावटी फूड से किसी की सेहत को नुकसान पहुंचता है तो सजा और जुर्माने की राशि और बढ़ जाती है। इसके अलावा मिलावटी सामान को जब्त कर नष्ट कर दिया जाता है और संबंधित दुकान या गोदाम को सील भी किया जा सकता है।

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