नई दिल्ली5 मिनट पहले
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अमेरिका-चीन के बढ़ते ट्रेड वॉर के बीच कई चीनी इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स भारतीय कंपनियों को 5% तक की छूट ऑफर कर रहे हैं।
ऐसे में इंडियन इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरर्स मांग को प्रोत्साहित करने के लिए इस डिस्काउंट का कुछ हिस्सा कंज्यूमर को पास कर सकते हैं।
इस कदम से भारत में टीवी, फ्रिज, स्मार्टफोन जैसे कई इलेक्ट्रॉनिक्स सामान सस्ते हो सकते हैं। ईटी ने इसे लेकर एक रिपोर्ट पब्लिश की है।
चीनी मैन्युफैक्चरर्स को डिमांड कम होने की चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रेड वॉर से अमेरिका में चीन से आने वाला सामान महंगा हो जाएगा, इससे डिमांड में कमी आ सकती है।
डिमांड की कमी की चिंता चीनी कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स पर दबाव बढ़ा रही है। ऐसे में डिमांड को बढ़ाने के लिए ये मैन्युफैक्चरर्स भारतीय कंपनियों को डिस्काउंट दे रहे हैं।
टैरिफ टाइमलाइन: अमेरिका Vs चीन
- 2 अप्रैल, 2025: अमेरिका ने चीन पर कुल 54% (20%+34%) टैरिफ लगाया। चीन अमेरिका पर 67% टैरिफ लगाता था।
- 4 अप्रैल, 2025: चीन ने जवाबी कार्रवाई में अमेरिका पर 34% टैरिफ लगा दिया। कुल टैरिफ (67%+34%) 101% हो गया।
- 8 अप्रैल, 2025: डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा- चीन ने 34% टैरिफ वापस नहीं लिया तो वो 50% एडिशनल टैरिफ लगाएंगे।
- 9 अप्रैल, 2025: चीन ने टैरिफ वापस लेने से इनकार कर दिया और उसपर कुल टैरिफ बढ़कर 104% (54%+50%) हो गया।
- 9 अप्रैल, 2025: अमेरिकी टैरिफ के जवाब में चीन ने भी 50% टैरिफ लगा दिया। कुल टैरिफ 151% (101%+50%) हो गया।
- 9 अप्रैस, 2025: अमेरिका ने चीनी आयात पर एडिशनल 21% टैरिफ लगा दिया। चीन पर कुल टैरिफ बढ़कर 125% हो गया।
टैरिफ बढ़ने से चीनी सामान अमेरिका में महंगा हो जाएगा
चीन पर 125% टैरिफ लगाने का आसान भाषा में मतलब है कि चीन में बना 100 डॉलर का सामान अब अमेरिका में जाकर 225 डॉलर का हो जाएगा। अमेरिका में चीनी सामानों के मंहगे होने से उसकी डिमांड घटेगी और बिक्री कम हो जाएगी।
अमेरिका पर प्रहार होगा तो ट्रम्प इसका जवाब देंगे
वॉशिंगटन में व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लेविट ने चीन पर लगाए गए टैरिफ के बाद कहा: “जब आप अमेरिका पर प्रहार करेंगे, तो राष्ट्रपति ट्रम्प और अधिक प्रहार करेंगे।”








