आगरा के दयालबाग के मंगलम शिला अपार्टमेंट के एक-दो नहीं 11 फ्लैटों में चोरी को अंजाम दिया गया। करोड़ों की कीमत वाले इन फ्लैटों में चोरों ने बाथरूम और किचन की नलों की टोंटियां चोरी कीं। दिलचस्प बात यह रही कि इस अजीबो-गरीब चोरी को अंजाम देने वाले बाहरी नहीं बल्कि सोसाइटी के ही सफाईकर्मी निकले। सोसाइटी पदाधिकारी ने दो संदिग्धों को पकड़कर पुलिस के हवाले किया है।
अपार्टमेंट निवासी अधिवक्ता अजीत सिंह ने बताया कि पिछले 15 दिनों से सोसाइटी में नलों की टोंटियां चोरी होने का सिलसिला चल रहा था। ज्यादातर उन फ्लैटों को निशाना बनाया गया जो लंबे समय से बंद पड़े थे और जिनके मालिक बाहर रह रहे थे। फ्लैट संख्या बी-403 के किराएदार के जाने के बाद से वह फ्लैट खाली था। वहीं, बी-404 में रहने वाले सेवानिवृत्त एलआईसी अधिकारी किशन बाबू गर्ग अपनी पत्नी के इलाज के लिए 15 दिन से गुरुग्राम गए हैं।
उनके फ्लैट से टोंटियों के साथ-साथ जेवरात चोरी होने की भी आशंका जताई जा रही है। इसके अलावा डी-701, डी-702, बी-901, बी-902, सी-1002, डी-602, डी-1001, डी-1002 और ई-1001 में बाथरूम, किचन और बालकनी में लगी महंगी टोंटियां और अन्य फिटिंग्स को पूरी तरह खंगाल लिया गया। सोसाइटी प्रबंधक अभिषेक ने दो संदिग्धों को पकड़कर थाना न्यू आगरा पुलिस के सुपुर्द कर दिया है।
ऐसे करते थे वारदात
घटना का खुलासा तब हुआ जब एक फ्लैट मालिक के लौटने पर ताले टूटे मिले। सोसाइटी के गार्ड ने तुरंत इसकी सूचना दी। पदाधिकारियों ने जब सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो दिन या रात के समय कोई बाहरी संदिग्ध व्यक्ति आता-जाता नजर नहीं आया। इससे शक सीधा हाउस कीपिंग स्टाफ पर गया। सख्ती से पूछताछ की गई तो दो सफाईकर्मियों ने टोंटियां चुराने का सच कबूल कर लिया। आरोपियों ने बताया कि वे सफाई और कूड़ा उठाने के दौरान बड़े ड्रम लेकर फ्लैटों के आसपास जाते थे और मौका पाकर बंद फ्लैटों में घुस जाते थे। ताले भी तोड़ देते थे। वे बाथरूम और किचन की चमकती हुई टोंटियां खोलकर कूड़े के ड्रमों में छिपा लेते थे और आसानी से बाहर ले जाकर बेच देते थे। इस अवैध कमाई को उन्होंने अपने शौक पूरे करने में खर्च कर दिया।
डीसीपी सिटी रविंद्र कुमार ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और चोरी हुई टोंटियां व अन्य माल बरामद करने के प्रयास किए जा रहे हैं। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई चल रही है।







