कानपुर में दवा कारोबारी विनीत मिनोचा की हत्या के मामले में 20 दिनों तक उनकी बेगुनाह बहू शालू को सलाखों के पीछे रखने वाली पुलिस अब अपनी गलतियां सुधारने में लगी है। शालू की रिहाई कराने के लिए शुक्रवार को विवेचक समेत अन्य पुलिसकर्मियों के साथ पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने अपने कार्यालय में बैठक की। आठ बिंदुओं पर क्लोजर रिपोर्ट तैयार की गई।
इसके आधार पर शालू की रिहाई का रास्ता साफ हो सकेगा। हालांकि, क्लोजर रिपोर्ट की भी सबसे अहम कड़ी हत्यारोपी विशाल ही है जिसने पहले शालू और अब सुब्रत का नाम लिया। अब सवाल उठ रहा है कि विशाल कल अगर तीसरे का नाम ले लेगा तब पुलिस क्या करेगी। क्या सुब्रत के लिए भी पुलिस शालू की तरह ही क्लोजर रिपोर्ट तैयार करेगी।






