दुनिया के 100 बड़े शहरों में आधे में जल संकट:  दिल्ली चौथे नंबर पर, चेन्नई डे जीरो के करीब; मुंबई और बेंगलुरु भी प्रभावित
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दुनिया के 100 बड़े शहरों में आधे में जल संकट: दिल्ली चौथे नंबर पर, चेन्नई डे जीरो के करीब; मुंबई और बेंगलुरु भी प्रभावित

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संयुक्त राष्ट्र की नई रिपोर्ट में बताया गया है कि दुनिया अब ‘जल महासंकट’ के दौर में है। दुनिया के 100 सबसे बड़े शहरों में आधे शहरों को पानी की गंभीर कमी का सामना करना पड़ रहा है। इनमें दिल्ली, बीजिंग, न्यूयॉर्क और रियो जैसे बड़े शहर शामिल हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 39 शहरों में स्थिति बेहद गंभीर है। रिपोर्ट में दिल्ली 4वें स्थान पर है। कोलकाता 9वें, मुंबई 12वें, बेंगलुरु 24वें और चेन्नई 29वें स्थान पर हैं। इसके अलावा हैदराबाद, अहमदाबाद, सूरत और पुणे भी लंबे समय से पानी की कमी झेल रहे हैं। काबुल में पानी पूरी तरह खत्म होने का खतरा है। मैक्सिको सिटी हर साल करीब 20 इंच की दर से धंस रही है क्योंकि भूमिगत जल अधिक उपयोग किया जा रहा है। अमेरिका के दक्षिण-पश्चिमी राज्यों में कोलोराडो नदी के पानी को लेकर विवाद चल रहा है। 4 अरब लोग पानी की कमी से जूझ रहे रिपोर्ट के मुताबिक, नदियां और झीलें सिकुड़ रही हैं, भूमिगत जल स्तर गिर रहा है और वाटरलैंड सूख रही हैं। जमीन धंस रही है, सिंकहोल बन रहे हैं और रेगिस्तान फैल रहे हैं। हर साल करीब 4 अरब लोग कम से कम एक महीने तक पानी की कमी का सामना करते हैं। डे जीरो के करीब चेन्नई तेहरान लगातार छठे साल सूखे का सामना कर रहा है और डे जीरो के बेहद करीब है, यानी वो दिन जब नागरिकों के लिए बिल्कुल पानी नहीं बचेगा। केप टाउन और चेन्नई भी पहले इसी स्थिति के करीब पहुंच चुके हैं। यूनाइटेड नेशंस यूनिवर्सिटी के इंस्टीट्यूट फॉर वाटर, एनवायरनमेंट एंड हेल्थ डिपार्ट्मेंट के डायेक्टर कावेह मदानी का कहना है कि एक नई और सीमित वास्तविकता के साथ जीना सीखना होगा। झील, ग्लेशियर और ग्राउंड वाटर में गिरावट 1990 के बाद से दुनिया की आधी बड़ी झीलों में पानी कम हो गया है। जमीन के नीचे मौजूद पानी के भंडार लगातार 70% तक घट चुके हैं। पिछले 50 सालों में यूरोप की बहुत सारी नमी वाली जमीनें यानी आर्द्रभूमि खत्म हो चुकी हैं। 1970 के बाद से ग्लेशियरों का आकार करीब 30% कम हो गया है। ———— ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली में क्लाउड सीडिंग रोकी, 3 ट्रायल कामयाब नहीं रहे:एक की कीमत ₹64 लाख: IIT कानपुर ने कहा- नमी बेहद कम थी दिल्ली में बुधवार को होने वाली क्लाउड सीडिंग फिलहाल रोक दी गई है। एक्सपर्ट के मुताबिक, क्लाउड सीडिंग में तभी सफलता मिलती है जब हवा में करीब 50% नमी हो, इस समय हवा में नमी 10-15% के करीब है। पूरी खबर पढ़ें…



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