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- Pt. Vijayshankar Mehta’s Column Stay Away From Mobile While Sleeping And Immediately After Waking Up
57 मिनट पहले
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पं. विजयशंकर मेहता
देखते ही देखते लोग खूब चिड़चिड़े हो गए हैं, झल्लाकर जवाब देने लगे हैं। इस पर विचार करें कि हम चिड़चिड़े क्यों हो जाते हैं। एक जैविक घड़ी हम मनुष्यों के शरीर में है और प्रकाश और अंधेरे का जो चक्र है, उससे उसका संचालन होता है।
जैविक घड़ी बिगड़ जाए तो हम चिड़चिड़े हो जाते हैं। इसको अंग्रेजी में सर्केडियन रिदम कहते हैं। यह अच्छे-अच्छों का बिगड़ा हुआ है। अगर आप देर रात तक जाग रहे हैं, तो आपकी जैविक घड़ी गड़बड़ाएगी। दिनभर हम कामकाज, रिश्तों का दबाव लेते हैं और फिर सोने की तैयारी करते हैं।
सोचते हैं नींद आने से तरोताजा हो जाएंगे, लेकिन उसी समय राहत पाने के लिए हम टीवी-मोबाइल-गैजेट्स का उपयोग करते हैं तो सबकुछ उलटा हो जाता है। सर्केडियन रिदम के तो ये शत्रु हैं। भारत में ऐसे लोगों की संख्या 30% है, जो नींद की गड़बड़ी से पीड़ित हैं।
अब भारत में रात को सोने के पहले 80% लोग मोबाइल का उपयोग करते हैं और जब मोबाइल हाथ से गिर जाता है, तब सोते हैं। 10 से 11 के बीच सोना सबसे अच्छा है। सोते समय और उठने के तुरंत बाद मोबाइल से दूरी बनाए रखिए।








