Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta Column: Money, Education, Parents & God Are Great Supporters 1 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता हमारे जीवन में कुछ लोग और स्थितियां ऐसी होती हैं, जो हमको सिर उठाकर चलना सिखाती हैं। दु:ख में हमें साहस प्रदान करती हैं। ये चार बातें हमारे जीवन में हमको बहुत […]
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: अपने जीवन में विचार और वीरता, दोनों ही बनाए रखें
मनुष्य का जीवन निराला है। यह मां की गोद और चिता की वेदी के बीच का है। जब आप पहली बार आंख खोलते हैं तो अपने को मां की गोद में पाते हैं। कई लोग प्रसन्न हो रहे होते हैं। आगमन का आनंद मनाया जाता है। उस आगमन से आप अनजान हैं, लेकिन आपका जन्म […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: सोशल मीडिया युग में भक्ति व योग का महत्व और बढ़ा है
Hindi News Opinion Social Media Era: Bhakti & Yogas Rising Importance | Pt. Vijayshankar Mehta 4 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता ख्यालों में रहने वाले लोग ख्यालों में ही मिलते हैं- ये पंक्ति सुनने में तो अच्छी लगती है, लेकिन जब ख्यालों वाले लोग वास्तविक रूप में सामने आते हैं तो या तो […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: अपने रास्ते ठीक से चलें, किसी का रास्ता क्यों रोकें
5 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता राजा और साधु में विवाद के कई प्रसंग शास्त्रों में आए हैं। जो सांसारिक दृष्टि से सफल हो और निजी दृष्टि से संतुष्ट- वो साधु है। हमारे यहां तीन लोगों को महाराज कहा जाता है। साधु, राजा और रसोई बनाने वाले को और ये तीनों ही जीवन […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: बच्चों को समझाया जाए कि वास्तविकता से कटें नहीं
दुनिया के सारे ही चिराग रोशनी देने के साथ-साथ धुआं भी उठाते हैं। प्रकाश पाना चाहते हैं तो धुएं की तैयारी भी रखिए। केवल सूर्य का प्रकाश ऐसा है, जिसमें धुआं नहीं होता। और उसमें जो तपिश है, वो भी स्वास्थ्य के लिए आवश्यक बन जाती है। इन दिनों हमारे हाथ में एक चिराग है, […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: बच्चों को समझाया जाए कि वास्तविकता से कटें नहीं
दुनिया के सारे ही चिराग रोशनी देने के साथ-साथ धुआं भी उठाते हैं। प्रकाश पाना चाहते हैं तो धुएं की तैयारी भी रखिए। केवल सूर्य का प्रकाश ऐसा है, जिसमें धुआं नहीं होता। और उसमें जो तपिश है, वो भी स्वास्थ्य के लिए आवश्यक बन जाती है। इन दिनों हमारे हाथ में एक चिराग है, […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: रामराज्य किस सुव्यवस्था का नाम था, यह मानस में दिखेगा
जिस रामराज्य को तुलसीदास जी ने आदर्श माना, आज वही व्यंग्य में अव्यवस्था का प्रतीक हो गया। अगर कहीं बिगड़ी हुई व्यवस्था हो तो लोग कहते हैं कि सब रामराज्य चल रहा है। लेकिन रामराज्य किस सुव्यवस्था का नाम था, यह रामचरितमानस में दिखेगा। जब पिछले दिनों दुबई में पारम्परिक रूप से मैंने भागवत कथा […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: साथ भोजन करने से शांति व प्रेम का माहौल बनता है
जीवन में अशांति आने के अनेक रास्ते हैं, पर शांति के मार्ग सीमित हैं। उनमें से एक है- भोजन। अन्न भी हमें बहुत शांति पहुंचा सकता है। भोजन का संबंध तीन बातों से हैं- बनाना, परोसना, खाना। और यदि ये ठीक हों तो पचाना आसान है। अन्न की ये तीनों प्रक्रियाएं मनुष्य को शांत कर […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: साथ भोजन करने से शांति व प्रेम का माहौल बनता है
जीवन में अशांति आने के अनेक रास्ते हैं, पर शांति के मार्ग सीमित हैं। उनमें से एक है- भोजन। अन्न भी हमें बहुत शांति पहुंचा सकता है। भोजन का संबंध तीन बातों से हैं- बनाना, परोसना, खाना। और यदि ये ठीक हों तो पचाना आसान है। अन्न की ये तीनों प्रक्रियाएं मनुष्य को शांत कर […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: किसी की कुशलता पूछना आदत नहीं हमारा स्वभाव हो
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta Column | Indian Culture: Asking Wellbeing Is Nature, Not Habit 4 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता हमारी भारतीय संस्कृति में किसी की कुशलता पूछना जीवंत कृत्य है। धीरे-धीरे इसे हमने आदत बना लिया, जबकि यह पूछताछ स्वभाव होना चाहिए। हम समाज में किसी से मिलते हैं तो […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: मनुष्य संतान से जुड़ता है तो ईश्वर के निकट हो जाता है
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta’s Column When A Person Connects With His Children, He Becomes Closer To God. 2 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता समाज में एक खतरनाक विचार पनप रहा है। इसके परिणाम आने वाले 15-20 साल में दिखेंगे। इसकी सबसे ज्यादा कीमत हमारे परिवार चुकाएंगे। इस विचार को आज की […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: कुछ ऐसा करें कि सपने अशांति का कारण न बनें
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta’s Column Do Something So That Dreams Do Not Become A Cause Of Unrest 1 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता नींद भी निराली होती है। कम आए तो बीमारी, ज्यादा आए तो भी बीमारी। नींद का संबंध सपनों से भी है। नींद के सपने बीमारी के लक्षण हैं। […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: अतीत को भूलें, वर्तमान को पकड़ें और भविष्य से जुड़ें
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta’s Column Forget The Past, Seize The Present And Connect With The Future 1 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता नए साल की पहली तारीख को बहुत सारे लोग कोई न कोई संकल्प लेते हैं। फिर 2 तारीख तक उसे भूल भी जाते हैं और उसके बाद वैसे ही […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: भगवान के भरोसे की नींव हो तो कभी डगमगाएंगे नहीं
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta’s Column If You Have The Foundation Of Trust In God, You Will Never Waver. 49 मिनट पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता जिसमें नींव न हो, ऐसे भवन को हवा महल कहेंगे। कुछ लोग जीवन भर हवा महल ही बनाते हैं। अगर बचपन की नींव कमजोर हो तो जवानी […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: सत्संग सुनने जाएं तो तन के साथ मन को भी स्नान कराएं
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta’s Column When You Go To Listen To Satsang, Bathe Your Mind Along With Your Body. 33 मिनट पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता सत्संग सुनने का भी अपना प्रोटोकॉल है। गरुड़ जी जब काकभुशुंडि जी के यहां गए तो सत्संग हो रहा था वटवृक्ष के नीचे। तुलसीदास जी लिखते […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: हनुमान जी से जुड़े रहें तो शानदार उड़ान भर सकेंगे
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta’s Column If You Stay Connected With Hanumanji, You Will Be Able To Fly Great Distances 2 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता दुनिया में जब भी उड़ान की बात आएगी, हनुमान जी याद आएंगे। निर्दोष, समयबद्ध, सफलता के साथ उड़ने की कला जैसी हनुमान जी के पास है, […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: जो रिश्ते आपके पास उपलब्ध हों, उनको बचाए रखिए
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta’s Column Preserve The Relationships You Have Available. 2 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता अत्यधिक व्यस्त लोगों को एक युद्ध प्रतिदिन अपने ही समय से लड़ना पड़ता है। हम जितने व्यस्त होंगे, समय उतना कम पड़ेगा। जो कुछ भी समय आपके पास है और जो समय ईश्वर ने […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: जब भी दु:ख आए, अपने दोषों पर दृष्टि डालना
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta’s Column Whenever Sorrow Comes, Look At Your Faults 3 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता आजकल व्यावसायिक क्षेत्र में विश्लेषण करते हुए एक टिप्पणी की जा रही है सरकार और सबसे बड़ी हवाई कंपनी के बीच। इंडिगो ने पिछले दिनों अपने यात्रियों के साथ जो किया, उस पर […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: ठीक से पर्वतों को देख लें तो माया, मोह, शोक चला जाता है
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta’s Column If You Look At The Mountains Properly, Illusion, Attachment And Sorrow Go Away. 48 मिनट पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता पहले पर्वतों के भी पंख हुआ करते थे। उनकी उड़ान देखकर हर कहीं उनका टिकना इंद्र को पसंद नहीं आया। इंद्र ने पंख काट दिए और पहाड़ […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: किसी भी काम की अति जीवन में एंग्जायटी लाती है
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta’s Column Excess Of Any Work Brings Anxiety In Life 2 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता एक परिवार ऐसा है, जो हमारे जीवन में प्रवेश करने के लिए कुछ दरवाजे ढूंढता है। पहले उन द्वारों की बात करें, जो हमने बना रखे हैं। जैसे अति सफाई, अत्यधिक समयबद्धता, […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: मन की गति रोक ली तो पूरा व्यक्तित्व संतुलित हो जाएगा
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta’s Column If The Mind’s Movement Is Stopped, The Entire Personality Will Become Balanced. 2 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता ऐसा कहते हैं कि पीपल के पान (पत्ते), हाथी के कान और भ्रमित के भगवान- हिलते ही रहते हैं। अब इसे हम अपनी मानसिकता, दृष्टिकोण, सोच के साथ […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: वृद्धावस्था से पहले जीवन को तराशने का अभ्यास करें
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta’s Column Practice Carving Your Life Before Old Age 8 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता ईश्वर किसी को बीच में से ना उठाए तो हर इंसान को तीन उम्र से गुजरना ही पड़ेगा- बचपन, जवानी और बुढ़ापा। हमारे जीवन में एक उम्र होती है- अधेड़ उम्र। आंकड़ों के […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: मनुष्य जितना नीचे गिरेगा, उतना पतित होता जाएगा
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta’s Column The Lower A Man Falls, The More He Degenerates. 1 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता कायदे से तो मंदिर में जाकर अहंकार गिराना चाहिए, पर कुछ लोग वहां जाकर आचरण गिरा देते हैं। पानी कितना ही नीचे गिरे, पानी ही रहेगा। लेकिन मनुष्य जितना नीचे गिरेगा, […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: बुद्धि को तराश लीजिए और भक्ति को दृढ़ कर लिया जाए
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta’s Column Sharpen Your Intellect And Strengthen Your Devotion 5 घंटे पहले कॉपी लिंक अगर बुद्धि तराश ली जाए, भक्ति दृढ़ कर ली जाए तो हमारी हैसियत चाहे छोटी हो, बड़े-बड़े पद-कद वाले लोग भी हमारे पास कुछ प्राप्त करने आएंगे। इसका उदाहरण हैं काकभुशुंडि जी। हैं तो कौवा, लेकिन […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: जर्नलिंग की तरह बच्चों से रिश्तों का मूल्यांकन करें
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta’s Column Evaluate Relationships With Children Like Journaling 33 मिनट पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता हमारे बच्चे अब धीरे-धीरे उस दुनिया में जी रहे हैं, जिसमें हमारे जैसे वो रहें- ऐसा अति-आग्रह अब ना किया जाए। लेकिन वो जैसे भी रहें, अच्छे इंसान के रूप में रहें। इसलिए अपने […]



























