Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta Column | Indian Culture & Hindi Language In USA 3 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता तेजी से बदलती दुनिया में विवाह-संस्कार के नए-नए रूप देख अच्छा तो लगता है, पर चिंता भी की जानी चाहिए। पिछले दिनों अमेरिका के सेंट लुइस शहर में एक विवाह समारोह में […]
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: हमारे युवा अंगद व अभिमन्यु की तरह निर्भय हों और संस्कारी रहें
अनादिकाल से संसार युवाओं में भविष्य देखता रहा है। संसारभर के युवा एक जैसे ही हैं। लेकिन भारत की युवा-अवस्था कुछ विशेष हो जाती है। क्योंकि, यहां संस्कार की सम्भावना अभी बनी हुई है। शिक्षा तो सारे संसार में पसर रही है। लेकिन शिक्षा के साथ संस्कार का आग्रह भारत के रज-रज और कण-कण में […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: योग करेंगे तो सौंदर्य हो या नहीं, पर तेज अवश्य होगा
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta Column | Yoga Enhances Soul Beauty & Inner Tej 5 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता सुंदरता और कुरूपता के मामले में हम केवल देह पर टिकते हैं। कौन सुंदर है, कौन कुरूप है- मनुष्य के शरीर के मामले में यह हमारा दिया हुआ ही प्रमाण-पत्र है। और […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: भौतिक सफलता में अध्यात्म का भी संतुलन बनाना सीखें
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta Column | Ram Mandir Ayodhya CEO & Spirituality 9 मिनट पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता अब मंदिरों में भी अत्यधिक प्रबंधन की आवश्यकता होगी। राम मंदिर, अयोध्या में सीईओ का चयन किया गया। शास्त्रों में व्यक्त है कि जब भी पूजा करें, किसी मंदिर में जाएं, तो जैसे […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: भौतिक सफलता में अध्यात्म का भी संतुलन बनाना सीखें
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta Column | Ram Mandir Ayodhya CEO & Spirituality 2 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता अब मंदिरों में भी अत्यधिक प्रबंधन की आवश्यकता होगी। राम मंदिर, अयोध्या में सीईओ का चयन किया गया। शास्त्रों में व्यक्त है कि जब भी पूजा करें, किसी मंदिर में जाएं, तो जैसे […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: जेन-जी कितने ही व्यस्त हों थोड़ा समय योग-ध्यान को दें
कबीर दास जी कुछ बातें ऐसी लिख गए हैं, जिनका आज बहुत समसामयिक महत्व दिखता है। उनकी एक पंक्ति को हम जेन-जी के लिए संदेश मान सकते हैं- माला तो कर में फिरे, जीभ फिरे मुख मांहि। मनुवा तो दहु दिसि फिरे, यह तो सुमिरन नाहिं। अब इसे सुनकर लगता है कबीर दास जी ने […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: आंतरिक खुशी चाहिए तो आस्तिकता स्वीकार करें
जो अपने जीवन के लक्ष्य को नकार दे, नास्तिकता उसके भीतर प्रवेश करने लगती है। कोई यूं ही नास्तिक नहीं हो जाता। जब वो परमशक्ति को प्राप्त करने की चुनौती से मुंह मोड़ता है, तब नास्तिक होता है। ईश्वर की खोज कितनी मायने रखती है- इसे समझना हो तो नास्तिक से पूछिए, आस्तिक नहीं बता […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: आंतरिक खुशी चाहिए तो आस्तिकता स्वीकार करें
जो अपने जीवन के लक्ष्य को नकार दे, नास्तिकता उसके भीतर प्रवेश करने लगती है। कोई यूं ही नास्तिक नहीं हो जाता। जब वो परमशक्ति को प्राप्त करने की चुनौती से मुंह मोड़ता है, तब नास्तिक होता है। ईश्वर की खोज कितनी मायने रखती है- इसे समझना हो तो नास्तिक से पूछिए, आस्तिक नहीं बता […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: युवा उम्र में चरित्र को समझें और अपने तेज का उपयोग करें
आजकल खासतौर पर नए बच्चे खूब मेहनत कर रहे हैं। लेकिन अब परिश्रम के साथ शिक्षा, योग्यता और संस्कार का तेज भी शामिल करना पड़ेगा। क्योंकि जब हम संस्कार अपनाते हैं तो अपने चरित्र पर टिकते हैं। भीतर से जो तेज जागता है, वह चरित्र से जागता है, बाहर के व्यक्तित्व से नहीं। हममें सूर्य […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: सींग में आक्रमण है और पूंछ में सुरक्षा, दोनों का महत्व है
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta Column | Tulsidas Philosophy On Life & Success 6 मिनट पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता किसी बात को मुहावरे में समझाने में तुलसीदास जी को महारत हासिल थी। गरुड़ जी से बात करते हुए उन्होंने कहा था- रामचंद्र के भजन बिनु जो चह पद निर्बान, ज्ञानवंत अपि सो […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: सींग में आक्रमण है और पूंछ में सुरक्षा, दोनों का महत्व है
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta Column | Tulsidas Philosophy On Life & Success 2 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता किसी बात को मुहावरे में समझाने में तुलसीदास जी को महारत हासिल थी। गरुड़ जी से बात करते हुए उन्होंने कहा था- रामचंद्र के भजन बिनु जो चह पद निर्बान, ज्ञानवंत अपि सो […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: मेहनत हमें करनी है, लेकिन इसकी ताकत ऊपर वाला देगा
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta Column | Power Of Hard Work And Prayer In Life 11 मिनट पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता दो तरह की आंधियां जीवन में आती हैं- एक है ‘आई-गई’ आंधी और दूसरी ‘आई-ले गई’ आंधी। आई-गई आंधी मतलब आई, चली गई, आपको कोई फर्क नहीं पड़ा। लेकिन कुछ आंधियां […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: मेहनत हमें करनी है, लेकिन इसकी ताकत ऊपर वाला देगा
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta Column | Power Of Hard Work And Prayer In Life 2 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता दो तरह की आंधियां जीवन में आती हैं- एक है ‘आई-गई’ आंधी और दूसरी ‘आई-ले गई’ आंधी। आई-गई आंधी मतलब आई, चली गई, आपको कोई फर्क नहीं पड़ा। लेकिन कुछ आंधियां […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: जीवन में जब-जब माया सताए, ईश्वर की लीला से जुड़ जाएं
Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta’s Column: Whenever Worldly Illusions Trouble You In Life, Connect With The Divine Play Of The Almighty. 16 मिनट पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता पूजा-पाठ करने वाले भी भ्रमित हो जाते हैं। शिकायत करते हैं कि हमारे साथ ऐसा क्यों होता है? क्या ईश्वर है नहीं, है तो […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: जीवन में जब-जब माया सताए, ईश्वर की लीला से जुड़ जाएं
Hindi News Opinion Pandit Vijay Shankar Mehta’s Column: Whenever Worldly Illusions Trouble You In Life, Connect With The Divine Play Of The Almighty. 2 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता पूजा-पाठ करने वाले भी भ्रमित हो जाते हैं। शिकायत करते हैं कि हमारे साथ ऐसा क्यों होता है? क्या ईश्वर है नहीं, है तो […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: दूसरों का फायदा उठाने में माहिर लोगों से बचना जरूरी है
पिछले दिनों जेन-जी ने ऐसा युद्ध लड़ा, जिसमें कई परिभाषाएं बदल गईं। अविश्वसनीय, अकल्पनीय साकार हो गया। झुकती है दुनिया, झुकाने वाला चाहिए- इस कहावत में दुनिया शब्द को समझना होगा। दुनिया बड़े अजीब ढंग से बनी है। कभी-कभी लगता है झुक गई पर सीधे खड़ी रहती है। और कभी लगता है सीधे खड़ी है […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: सत्ता अपना विरोध सुने और विरोधी अपनी मर्यादा न खोए
Hindi News Opinion Pt Vijayshankar Mehta Column | Power Opposition Ethics & Democracy Debate 1 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता इन दिनों देश में आंदोलनों का उत्सव चल रहा है। कभी छात्र, कभी किसान तो कभी विपक्ष अनुष्ठान की तरह आंदोलन कर रहा है। सब अपने-अपने स्तर पर यह समझाने की कोशिश कर […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: ये पांच बातें यदि परिवार में उतारें तो निपुणता आ जाएगी
आजकल एक शब्द चल रहा है निपुण परिवार बनाया जाए। पांच बातें यदि हम परिवार में उतारें तो निपुणता आ जाएगी। संस्कार, स्वास्थ्य, समृद्धि, सामर्थ्य और सदस्यों में निरंतर सीखने की भावना। चूंकि परिवार में हर उम्र के लोग होते हैं तो बड़े यह न समझ लें कि जो हमने सोचा, वही सही और छोटे […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: जीवन को सिद्धांतों से जोड़ें तो हर गतिविधि परिपक्व होगी
हमारी गतिविधियों में ज्यादातर मौकों पर सूझ, बूझ और बोध का अभाव होता है। यह परिश्रम तो हो सकता है, लेकिन पुरुषार्थ नहीं है। यदि अपने कर्म को पुरुषार्थ बनाना है तो सूझ, जिसका संबंध बुद्धि से है; बूझ, जिसका संबंध बुद्धि और समझ दोनों से है और बोध, यानी अनुभूति और आत्मा- ये तीनों […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: प्रकृति और परमात्मा चातुर्मास में अलग ढंग से आपके साथ में हैं
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta Column | Chaturmas Significance & Spiritual Growth 5 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता आने वाले चार महीने हम मनुष्यों के लिए एक अलग यात्रा के रहेंगे। आज हरिशयनी एकादशी है। साल भर हमारी कुछ आदतें रहीं- अच्छी भी, बुरी भी। आदत बनती है समय और व्यवहार से। […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: प्रकृति का मान करो, भगवान का भी स्वत: सम्मान हो जाएगा
मनुष्य अगर प्रकृति को निर्जीव करके जीवन ढूंढने का प्रयास करेगा तो बड़े विचित्र दृश्य उतर कर आएंगे। यह चौंकाने और चिंतित करने वाली बात है कि बाबा अमरनाथ पांच दिन में ही अंतर्धान हो गए। यह लगातार तीसरा साल है, जब बाबा यह संकेत दे रहे हैं कि प्रकृति का मान करो, नहीं तो […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: प्रकृति का मान करो, भगवान का भी स्वत: सम्मान हो जाएगा
मनुष्य अगर प्रकृति को निर्जीव करके जीवन ढूंढने का प्रयास करेगा तो बड़े विचित्र दृश्य उतर कर आएंगे। यह चौंकाने और चिंतित करने वाली बात है कि बाबा अमरनाथ पांच दिन में ही अंतर्धान हो गए। यह लगातार तीसरा साल है, जब बाबा यह संकेत दे रहे हैं कि प्रकृति का मान करो, नहीं तो […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: रोज अपनी मित्रताओं को अपनेपन का एक आकार दें
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta Column | Tips To Improve Friendship & Relationships 47 मिनट पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता इन दिनों हमारी जीवनशैली में एक रिश्ता और अलग रूप ले रहा है- वह है मित्रता का। आज दोस्ती भी सोशल मीडिया के कारण इफेक्टेड है, लेकिन इमोशनली कनेक्टेड नहीं है। मित्रता टाइम-पास […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: जीवन में भक्ति उतर आए तो फिर हर कृत्य में सेवा ही होगी
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta Column | Bhakti And Seva Life Philosophy | 2026 9 मिनट पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता कहते हैं कि सेवक को सपने में भी सुख नहीं मिलता। लेकिन यह बात लक्ष्मण जी और हनुमान जी जैसे सेवकों ने बदल दी। तुलसीदास जी ने लिखा है- कहइ भसुंड सुनहु […]
पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: मन को हटाने से ही वह स्पेस बनेगा, जो हमें शांत करता है
Hindi News Opinion Pt. Vijayshankar Mehta’s Column: Only By Withdrawing The Mind Will That Space Be Created Which Brings Us Peace. 3 घंटे पहले कॉपी लिंक पं. विजयशंकर मेहता जीवन में दु:ख आना और दु:खी हो जाना, ये दो अलग बातें हैं। ऐसा कोई दु:ख बना ही नहीं, जो बिना सुख के आए और ऐसा […]













