पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  अतीत को भूलें, वर्तमान को पकड़ें और भविष्य से जुड़ें
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: अतीत को भूलें, वर्तमान को पकड़ें और भविष्य से जुड़ें

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1 घंटे पहले

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पं. विजयशंकर मेहता - Dainik Bhaskar

पं. विजयशंकर मेहता

नए साल की पहली तारीख को बहुत सारे लोग कोई न कोई संकल्प लेते हैं। फिर 2 तारीख तक उसे भूल भी जाते हैं और उसके बाद वैसे ही हो जाते हैं, जैसे पिछले साल थे। लेकिन हमें ऐसा नहीं करना है। नए साल का उत्साह, संकल्प का चिंतन कम से कम एक महीने तो रहे- ताकि आने वाले 11 महीने हम कुछ नया कर सकें।

श्रीराम को जब वनवास हुआ और उन्होंने रामकथा के अरण्यकांड में प्रवेश किया तो तीन बातें सिखाईं। अतीत को भूलना, वर्तमान को पकड़ना और भविष्य से जुड़ना। श्रीराम का जीवन लगभग यू-टर्न ले चुका था। लेकिन जो कुछ कैकेयी ने उनके साथ किया, उसे अतीत मानकर, उससे शिक्षा लेकर भूल गए। क्योंकि जीवन में जितने बोझ हम उठाते हैं, उनमें से एक बड़ा बोझ अतीत का भी होता है।

सिर पर ज्यादा बोझ रख लो तो चाल बिगड़ जाती है। वर्तमान को पकड़ें। जो आज हो रहा है, उससे जुड़ें, एकाग्र होकर उस पर काम करें और भविष्य से अपने आप को जोड़ें। बहुत तेजी से इस साल दुनिया बदलेगी। हम अपडेट रहें, यही श्रीराम सिखा गए हैं।

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