पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  मनुष्य संतान से जुड़ता है तो ईश्वर के निकट हो जाता है
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: मनुष्य संतान से जुड़ता है तो ईश्वर के निकट हो जाता है

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  • Pt. Vijayshankar Mehta’s Column When A Person Connects With His Children, He Becomes Closer To God.

2 घंटे पहले

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पं. विजयशंकर मेहता - Dainik Bhaskar

पं. विजयशंकर मेहता

समाज में एक खतरनाक विचार पनप रहा है। इसके परिणाम आने वाले 15-20 साल में दिखेंगे। इसकी सबसे ज्यादा कीमत हमारे परिवार चुकाएंगे। इस विचार को आज की भाषा में कहते हैं डिंक्स- डबल इनकम, नो किड्स। ये ऐसा जोड़ा होता है, जिसमें पति-पत्नी माता-पिता बनने को तैयार नहीं है, लेकिन दोनों स्वतंत्र रूप से कमा रहे हैं।

एक बड़ा कारण सामने ये निकलकर आया कि इन्हें अपने ऊपर खर्च करने का शौक है। बच्चे होने के कारण उस पर नियंत्रण हो जाएगा। इसलिए जमकर अपने पर खर्च करते हैं। बच्चे पैदा नहीं करते और नतीजे में इनकी जिंदगी में फिजूलखर्ची उतर आती है। जिस मौज के लिए इन्होंने ऐसा किया, वो मस्ती भी इनको महंगी पड़ती है।

जबकि हमारे यहां हर धर्म की परंपरा में संतान की उत्पत्ति आध्यात्मिक उपलब्धि मानी गई है। बच्चे तो जानवर भी पैदा करते हैं, पर मनुष्य जब संतान से जुड़ता है तो ईश्वर के निकट हो जाता है। उसी विचार को खारिज किया जा रहा है। ये जीवनशैली परिवारों को बहुत आहत करेगी।

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