पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  भगवान के भरोसे की नींव हो तो कभी डगमगाएंगे नहीं
टिपण्णी

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: भगवान के भरोसे की नींव हो तो कभी डगमगाएंगे नहीं

Spread the love


  • Hindi News
  • Opinion
  • Pt. Vijayshankar Mehta’s Column If You Have The Foundation Of Trust In God, You Will Never Waver.

49 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक
पं. विजयशंकर मेहता - Dainik Bhaskar

पं. विजयशंकर मेहता

जिसमें नींव न हो, ऐसे भवन को हवा महल कहेंगे। कुछ लोग जीवन भर हवा महल ही बनाते हैं। अगर बचपन की नींव कमजोर हो तो जवानी हवा महल ही होगी। लेकिन ऐसा भी कहते हैं कि भक्त लोग हवा महल बनाते हैं, क्योंकि उनकी नींव भगवान बनाते हैं। इसे भगवान के प्रति भरोसा कहते हैं।

हमारे यहां शास्त्रों में सत्य की गरिमा को स्थापित करने के लिए उसके साथ नारायण को जोड़ दिया है। यानी ईश्वर और सत्य- लगभग एक स्वरूप हैं। कलियुग में लोगों ने इसी फॉर्मूले को उलटा कर दिया। पुराने लोगों ने सत्य की ताकत बढ़ाने के लिए नारायण को जोड़ा तो नए लोगों ने नारायण को असत्य के साथ जोड़ दिया। किंतु यदि आप भक्त हैं तो इस कलियुग में नींव भगवान के भरोसे की रखना, भवन कभी हवा महल नहीं बनेगा।

आज केवल कर्मकांड ही भक्ति नहीं है। किताब पढ़ना, डायरी लिखना, मन को रोकना यानी मेडिटेशन और तन को ठोकना यानी योगासन, यह सब करते हुए भक्तिभाव बनाए रखिए, तो इस कठिन समय में भी हमारा हवा महल ईश्वर के भरोसे की नींव के कारण हवा में डगमगाएगा नहीं।

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *