पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  सुबह के 60 मिनट साध लें तो दिन भर मस्त रहेंगे
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: सुबह के 60 मिनट साध लें तो दिन भर मस्त रहेंगे

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  • Column By Pt. Vijayshankar Mehta If You Concentrate On 60 Minutes In The Morning, You Will Be Happy The Whole Day

1 घंटे पहले

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पं. विजयशंकर मेहता - Dainik Bhaskar

पं. विजयशंकर मेहता

सुनियोजित सुबह के लिए सिर्फ 60 मिनट सावधान हो जाएं। सुबह-सुबह के 60 मिनट आने वाले 23 घंटों के लिए टॉनिक बन सकते हैं। अच्छा तो यह है कि सूर्योदय के साथ उठें और अगले 60 मिनट पांच बातों पर काम कर लें। अधिकांश लोग सुबह या तो पानी पीते हैं या चाय-कॉफी। पंचामृत भी पीकर देखिए। 60 मिनट में शरीर, मन, आत्मा, बुद्धि और हृदय- इन पांचों पर अच्छे से काम कर लीजिए।

शरीर से व्यायाम करिए और सबसे बड़ा व्यायाम जो चुनौतीपूर्ण है, वो है पलंग छोड़ना। दूसरा, मन को मौन से साधिए। उठने के एक घंटे बाद तक जितना कम बोलें, उतना अच्छा है। आत्मा तक जाने के​ लिए ध्यान बहुत जरूरी है और बुद्धि में सकारात्मक विचार का बहाव बढ़ा दीजिए।

सुबह से कोई ऐसी बात न सोचें, जिसमें भय हो, संदेह हो। तय कर लें कि परिवार के प्रत्येक सदस्य से उस एक घंटे के भीतर मीठा बोलेंगे, प्रेमपूर्ण हो जाएंगे। यह हृदय पर काम करना हुआ। 60 मिनट साध लीजिए और दिन भर मस्त रहेंगे।

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