पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  योग को जीवन में उतारें तो  24 घंटे को 26 कर सकते हैं
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पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: योग को जीवन में उतारें तो  24 घंटे को 26 कर सकते हैं

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  • Pt. Vijayshankar Mehta’s Column If You Incorporate Yoga Into Your Life, You Can Make 24 Hours Into 26.

3 घंटे पहले

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पं. विजयशंकर मेहता - Dainik Bhaskar

पं. विजयशंकर मेहता

आजकल डिजिटल की दुनिया में ऐसा कहते हैं कि जो दिखता है, वो बिकता है। साहित्य के संसार में कहा जाता है, जो दिखता है वो लिखता है। लेकिन योग की दुनिया का संदेश है कि जो नहीं दिखता है, वो भी योग के माध्यम से दिखता है। एक अंतर्दृष्टि जाग्रत होती है।

योग के माध्यम से आप एक चीज बढ़ा सकते हैं और वो है 24 घंटों में बढ़ोतरी। वैसे तो भगवान ने 25वां घंटा किसी को नहीं दिया। लेकिन योग को जीवन में उतारें तो आप 24 घंटे को 26 घंटे में बदल सकते हैं। सुबह अगर आप जल्दी उठ गए तो आपके पास दो घंटे का अधिक समय होगा। घड़ी से मत गिनिए, लेकिन समय और कार्य का तालमेल बैठ जाएगा।

इसलिए कोशिश करिए कि समय की बढ़ोतरी करें तो काम आसानी से निपट जाएंगे। हमें दिन छोटा क्यों लगता है? क्योंकि आज भारत में 75% आबादी सूर्योदय के पश्चात उठती है और सूर्यास्त पर सक्रिय होती है। इस सबके दूरगामी परिणाम होंगे। प्रकृति आपके साथ है, यदि आप सूरज के साथ उठ गए।

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