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- Column By Pt. Vijayshankar Mehta Diseases Can Be Cured By Being Careful About Food
3 घंटे पहले
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पं. विजयशंकर मेहता
दांत को आंत नहीं होती और आंत को दांत नहीं होते। इस कहावत का मतलब है, अन्न के मामले में अत्यधिक सावधान रहिए। सादा भोजन आपको सीधा, सादा, भोला, समझदार बनाएगा। अब तो अन्न में भी फैशन और प्रदर्शन उतर आया है।
अपने स्वाद में चटोरापन कम करिए और तृप्ति ज्यादा उतारिए। अगर अन्न के मामले में सावधानी रखें तो बीमारियों को दूर किया जा सकता है। अन्न आपको दुबले या पतले होने का फर्क बताता है। दुबला होना यानी आदर्श मापदंडों के अनुसार, उम्र को देखते हुए, आपके कद के हिसाब से शरीर का आकार। इसको दुबला होना कहेंगे। और पतला होना यानी रोगग्रस्त होना। ये दोनों बातें अन्न से जुड़ी हैं।
अन्न तन से जुड़े तो डाइटिंग और मन से जुड़े तो लाइटिंग का फर्क है। लाइटिंग यानी व्यक्तित्व की चमक। दूषित अन्न आपके व्यक्तित्व को बहुत प्रभावित करेगा। हमने अन्न को देव माना है तो शुद्ध अन्न लेने, सीमित मात्रा में लेने और जूठा कभी नहीं छोड़ने का संकल्प लें।








