पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम:  कहीं परिवार में सदस्यों की सोच पर आक्रमण न हो जाए
टिपण्णी

पं. विजयशंकर मेहता का कॉलम: कहीं परिवार में सदस्यों की सोच पर आक्रमण न हो जाए

Spread the love


  • Hindi News
  • Opinion
  • Pt. Vijayshankar Mehta’s Column Lest There Be An Attack On The Thinking Of The Family Members

2 घंटे पहले

  • कॉपी लिंक
पं. विजयशंकर मेहता - Dainik Bhaskar

पं. विजयशंकर मेहता

पूरी दुनिया में समाज और परिवार को मान्यता अपने-अपने ढंग से दी गई है। हम भारतवासियों ने समाज का मान किया है, लेकिन महत्व परिवार को दिया। इसलिए हमारे पारिवारिक जीवन में बहुत सावधान रहने की आवश्यकता अब लग रही है।

दुनियाभर के टेक्नोलॉजी एक्सपर्ट समूहों ने यह बात बोली है कि एआई कहीं परमाणु युद्ध या महामारी जैसा जोखिम न बन जाए। उन्होंने व्यावसायिक जीवन के खतरे भी बताए। हमें चिंता पालनी चाहिए कि यह आक्रमण हमारे परिवारों पर भी होगा। पहले टीवी और मोबाइल के उपयोग और दुरुपयोग में हम चूक चुके हैं।

एआई का फायदा तो उठाना है पर नुकसान से अपने को बचाना है। विदेश में एक रोबोट ने एक कर्मचारी को डिब्बा समझकर पटक दिया और उसकी मृत्यु हो गई। ऐसी बहुत सारी बातें रोबोट की गलतियों की आएंगी। हमारे परिवारों में सदस्यों की सोच पर उसका आक्रमण न हो जाए। वरना परिवार संवेदनहीन हो जाएंगे। रिश्ते ही रोबोट बन जाएंगे। सावधान रहिए, समय रहते हुए।

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *