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- Pt. Vijayshankar Mehta’s Column Morality Should Not Be Lost In The Relationship Between Man And Woman
7 घंटे पहले
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पं. विजयशंकर मेहता
कोविड के बाद जो भी नुकसान हो, पर कुछ फायदे भी हुए हैं। दो लाभ दिखते हैं। पुरुषों ने परिवार के महत्व को जाना, और स्त्रियों के प्रति एक अलग भाव उनका जागा। हम हर बात में अमेरिका से तुलना करते हैं तो एक आंकड़ा बड़ा संतोष देता है कि टेक इंडस्ट्री में आज भारत में लगभग 20 लाख स्त्रियां हैं। पहले ये आंकड़ा कम था। और अमेरिका से यह आंकड़ा अधिक है। तो पुरुष इस बात को समझ रहे हैं कि महिलाओं का सम्मान किया जाए और उनको पूरे अधिकार दिए जाएं।
जेंडर गैप की समस्या समझदार पुरुष खुद मिटा रहे हैं। पिछले दिनों नाइजीरिया में एक जनजातीय जोड़ा मिला। द्रौपदी के साथ भरी सभा में अत्याचार पर चर्चा चल रही थी। किसी ने उन्हें उनकी भाषा में समझाया तो उन्होंने बताया स्त्रियों पर सारी दुनिया में अत्याचार होते हैं, पर नाइजीरिया में एक जाति ऐसी है, जिसको तुआरेग कहते हैं। यहां स्त्रियां बिना घूंघट के निकलती हैं, और पुरुष को पर्दे में रहना पड़ता है। तो सोचने में आता है दुनिया बड़ी विचित्र है स्त्री और पुरुषों के संबंध के मामले में, लेकिन इस संबंध में नैतिकता नहीं खोनी चाहिए।








