पिटबुल का 6 साल के बच्चे पर अटैक, Video:  कान नोंच खाया, सिर-शरीर पर कई जगह काटा; पहले भी कई बच्चों पर हमला कर चुका
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पिटबुल का 6 साल के बच्चे पर अटैक, Video: कान नोंच खाया, सिर-शरीर पर कई जगह काटा; पहले भी कई बच्चों पर हमला कर चुका

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नई दिल्ली11 मिनट पहले

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बच्चे का दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में इलाज चल रहा है। - Dainik Bhaskar

बच्चे का दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में इलाज चल रहा है।

दिल्ली के प्रेम नगर इलाके में पिटबुल डॉग के अटैक में 6 साल का बच्चा गंभीर जख्मी हुआ है। अटैक में बच्चे का एक कान कटकर अलग हो गया। उसके सिर, चेहरे और शरीर पर गहरे जख्म आए हैं। घटना सीसीटीवी में रिकॉर्ड हुई है। वीडियो वायरल है।

घटना 23 नवंबर की दोपहर 3 बजे के आसपास की है। पीड़ित परिवार के मुताबिक बच्चा अपने बड़े भाई के साथ गली में बॉल से खेल रहा था। बॉल पड़ोसी के घर की ओर चली गई थी। बच्चा जब उसे लेने जा रहा था, तभी पिटबुल ने अटैक किया।

वीडियो में नजर आ रहा है कि पिटबुल बच्चे की ओर दौड़ता है। एक महिला उसे रोकने की कोशिश करती है, लेकिन रोक नहीं पाती। बच्चा डॉग से बचकर भागता है, लेकिन पिटबुल उसे गिरा लेता है और बुरी तरह से काटता है। पिटबुल बच्चे का दाहिना कान काटकर अलग कर देता है।

काट कटा, सिर-चेहरे पर 8-10 गहरे घाव

चश्मदीद सतीश के मुताबिक हमने बच्चे को पिटबुल से बचाया था। देखा तो बच्चे का कान कट गया था। उसे सुरक्षित अपने पास रखा। बच्चे के शरीर से खून बह रहा था। उसे पास के अस्पताल लेकर पहुंचे। वहां से बच्चे को सफदरजंग रेफर किया गया। सतीश का बेटा हत्या के मामले में पहले से जेल में है।

मामले में पुलिस ने पिटबुल के मालिक राजेश पाल (50) ​​​​​​​को गिरफ्तार किया है। उसके खिलाफ धारा 291 (पशुओं के प्रति लापरवाही) और धारा 125(b) (लापरवाही से दूसरों की जान को खतरे में डालना) के तहत केस दर्ज किया है। राजेश पेशे से दर्जी है।

परिवार के मुताबिक, बच्चे सिर, चेहरे पर और शरीर पर पिटबुल के काटने के 8-10 गहरे घाव हैं। बच्चे के दादा ने कहा कि पिटबुल पहले भी 4-5 बच्चों पर हमला कर चुका है। हमने कई बार कहा कि इस कुत्ते को हटाया जाए, लेकिन कुछ नहीं हुआ।

7 नवंबर: सुप्रीम कोर्ट का आदेश- स्कूल, अस्पताल से आवारा कुत्ते हटाएं: जहां से पकड़ें, नसबंदी के बाद वहीं न छोड़ें

सुप्रीम कोर्ट ने 7 नवंबर को दिल्ली और NCR के नगर निकायों को निर्देश दिया था कि आवारा कुत्तों को तुरंत पकड़कर नसबंदी करें और उन्हें स्थायी रूप से शेल्टर होम में रखें। कोर्ट ने कहा था- इस काम में कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं होगी और अगर कोई व्यक्ति या संगठन इसके बीच में आया, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस आर. महादेवन की बेंच ने कहा था कि दिल्ली, एमसीडी और एनएमडीसी जल्द से जल्द सभी इलाकों, खासकर संवेदनशील क्षेत्रों से कुत्ते उठाएं। जरूरत हो तो इसके लिए अलग बल बनाएं। कोर्ट ने 28 जुलाई को खुद नोटिस लेते हुए यह मामला उठाया था, जब संसद में पेश एक रिपोर्ट में दिल्ली-एनसीआर में रेबीज के बढ़ते मामलों और बच्चों व बुजुर्गों की मौत पर चिंता जताई गई थी। पूरी खबर पढ़ें…

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जरूरत की खबर- क्या टीका लगाने पर भी होता रेबीज: कुत्ते-बिल्ली का काटना क्यों है खतरनाक, डॉक्टर से जानें हर सवाल का जवाब

एक बच्चे को कुत्ते ने काट लिया। इसके बाद उसे हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने इसे थर्ड ग्रेड डॉग बाइट मानते हुए बच्चे को रेबीज का टीका लगाया और ईम्यूग्लोबिन सीरम की डोज दी। साथ ही बच्चे को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में समयानुसार रेबीज के तीन और टीके भी लगवाए गए, लेकिन इसके एक महीने बाद रेबीज के लक्षणों के कारण बच्चे की मौत हो गई। पूरी खबर पढ़ें…

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