पूरे साल शनि रहेगा मीन राशि में:  जानिए सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा शनि का असर, किन राशियों पर रहेगी साढ़ेसाती और ढय्या
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पूरे साल शनि रहेगा मीन राशि में: जानिए सभी 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा शनि का असर, किन राशियों पर रहेगी साढ़ेसाती और ढय्या

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10 मिनट पहले

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2026 में शनि राशि नहीं बदलेगा और पूरे साल मीन राशि में रहेगा। इस समय मीन राशि पर साढ़ेसाती का दूसरा चरण चल रहा है। कुंभ राशि पर अंतिम चरण है और मेष राशि पर साढ़ेसाती का पहला चरण है। सिंह और धनु राशि के लोगों पर शनि की ढय्या चल रही है। इस साल शनि 27 जुलाई से 11 दिसंबर 2026 तक मीन राशि में ही वक्री रहेगा। जानिए सभी 12 राशियों के लिए शनि का कैसा असर रहने वाला है…

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक, मीन राशि में शनि का होना एक शांत, लेकिन गहरे बदलाव का संकेत देता है, क्योंकि ये गुरु (बृहस्पति) की राशि है। शनि को ग्रहों का न्यायाधीश माना जाता है, ये ग्रह ही हमारे कर्मों का फल देता है। इसलिए शनि की स्थिति का सीधा असर सभी 12 राशियों पर होता है।

  • मेष – इस राशि के लिए शनि 12वें भाव में है। साढ़ेसाती का प्रथम चरण है। शनि आपके व्यय भाव में हैं। इस साल विदेश यात्रा या दूर स्थान से लाभ के योग बन सकते हैं। बिना सोचे-समझे निवेश करना भारी पड़ सकता है। नींद की कमी और आंखों में समस्या हो सकती है। कोर्ट-कचहरी के मामलों से दूर रहें और फिजूलखर्ची पर नियंत्रण रखें।
  • वृषभ – शनि 11वें भाव में है। इस राशि के लिए शनि शुभ है। शनि आपकी कुंडली के आय भाव में है। 2026 आपके लिए आर्थिक रूप से अच्छा साबित हो सकता है। बड़े भाइयों और मित्रों से सहयोग मिलेगा। जो प्रोजेक्ट्स लंबे समय से अटके थे, वे अब मुनाफा देना शुरू करेंगे। अपनी सफलता का अहंकार न करें, वर्ना शनि की कृपा कम हो सकती है।
  • मिथुन – शनि 10वें भाव में है। शनि आपको कर्म प्रधान रहने का संकेत दे रहा है। शनि आपके कर्म भाव में हैं। नौकरी में प्रमोशन और नई जिम्मेदारियों के योग हैं। व्यापार में विस्तार होगा। सामाजिक पद-प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। आप इस साल बहुत व्यस्त रहेंगे। काम के बोझ की वजह से परिवार को समय नहीं दे पाएंगे, जिससे घर में तनाव हो सकता है।
  • कर्क – शनि 9वें भाव में है। भाग्य का साथ मिल सकता है। नवम भाव में शनि होने से लंबी दूरी की यात्राएं हो सकती हैं। आध्यात्मिक कार्यों में रुचि बढ़ेगी। उच्च शिक्षा के लिए ये वर्ष बहुत अच्छा है। पिता के साथ संबंधों में सुधार होगा। भाग्य के भरोसे बैठने के बजाय मेहनत पर जोर दें, क्योंकि शनि कर्म के बिना फल नहीं देते।
  • सिंह – शनि 8वें भाव में है। ढय्या का प्रभाव है। ये समय आपके लिए थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है। स्वास्थ्य संबंधी समस्या या धन हानि हो सकती है। शोध और ज्योतिष से जुड़े लोगों के लिए ये समय मिलाजुला रहेगा। पैतृक संपत्ति को लेकर विवाद हो सकता है। वाहन सावधानी से चलाएं और किसी को पैसा उधार देने से बचें, क्योंकि आपका पैसा डूब सकता है।
  • कन्या – शनि 7वें भाव में है। विवाह और साझेदारी से जुड़े मामलों पर शनि का सीधा असर रहेगा। शनि आपके सप्तम भाव में हैं। पार्टनरशिप में किए गए काम सफल होंगे। अविवाहितों लोगों के लिए विवाह के योग बनेंगे, लेकिन विवाह में देरी या बाधा भी शनि की दृष्टि के कारण आ सकती है। दैनिक आय के स्रोत बढ़ेंगे। अपने जीवनसाथी के साथ पारदर्शिता बनाए रखें, गलतफहमियां दूर करें, वर्ना रिश्ता बिगाड़ सकता है।
  • तुला – शनि 6ठे भाव में है। शनि छठे भाव में अच्छी स्थिति में माना जाता है। ये लोग सभी विरोधियों और शत्रुओं को परास्त करेंगे। यदि कोई पुराना ऋण है, तो वह इस साल चुक सकता है। नौकरी में आपका दबदबा बढ़ेगा। खान-पान का ध्यान रखें, पेट या नसों से जुड़ी समस्या हो सकती है।
  • वृश्चिक – शनि 5वें भाव में है। विद्या और संतान से जुड़े मामलों को शनि प्रभावित करेगा। शनि पंचम भाव में है, इसकारण प्रेम संबंध के लिए ये वर्ष परीक्षा का हो सकता है। विद्यार्थियों को पढ़ाई में एकाग्रता बनाए रखने की आवश्यकता होगी। शेयर बाजार में निवेश करते समय सावधानी बरतें। संतान की गतिविधियों पर नजर रखें और सट्टेबाजी से बचें।
  • धनु – शनि 4थे भाव में है। ढय्या रहेगी। शनि के चौथे भाव में होने से पारिवारिक सुख में कमी हो सकती है। घर के नवीनीकरण या जमीन-जायदाद पर खर्च होगा। सीने में दर्द या सांस से संबंधित समस्या हो सकती है। घर में कलह न होने दें और कार्यक्षेत्र में सहकर्मियों से विवाद से बचें, धैर्य बनाए रखेंगे तो बेहतर रहेगा।
  • मकर – शनि 3रे भाव में है। शनि पराक्रम में वृद्धि करेगा। साढ़ेसाती से मुक्ति के बाद ये राशि बहुत राहत महसूर कर रही है। भाई-बहनों से सहयोग मिलेगा। साहस और पराक्रम में वृद्धि होगी। आप नए जोखिम उठाने के लिए तैयार रहेंगे जो भविष्य में लाभ देंगे। आलस को खुद पर हावी न होने दें, वर्ना बने-बनाए काम बिगड़ सकते हैं।
  • कुंभ – शनि 2रे भाव में है। साढ़ेसाती का अंतिम चरण चल रहा है। शनि आपके धन भाव में हैं। संचित धन में बढ़ोतरी होगी, लेकिन परिवार में किसी बात पर तनाव रह सकता है। आपकी वाणी में गंभीरता आएगी। पैतृक संपत्ति मिलने के योग हैं। कड़वा बोलने से बचना होगा, वर्ना रिश्ते बिगड़ सकते हैं।
  • मीन – शनि प्रथम भाव में है। साढ़ेसाती का मध्य चरण चल रहा है। शनि आपकी राशि में है। ये समय आपके व्यक्तित्व को निखारने का है। मानसिक तनाव और सिरदर्द जैसी समस्याएं रह सकती हैं। निर्णय लेने में दुविधा होगी। मेहनत ज्यादा और फल धीमा मिलेगा। कड़ी मेहनत करने का समय है। धैर्य रखें और आलस छोड़ें। योग और ध्यान को अपनी दिनचर्या में शामिल करें।

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