मुंबई7 घंटे पहले
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पेटीएम पेमेंट्स बैंक का कामकाज आज 24 अप्रैल से पूरी तरह बंद कर दिया गया है। भारतीय रिजर्व बैंक ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक लिमिटेड (PPBL) का बैंकिंग लाइसेंस तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिया है।
RBI ने कहा कि बैंक के कामकाज से ग्राहकों का पैसा सुरक्षित नहीं था। हालांकि, UPI एप पहले की तरह चलता रहेगा।
RBI ने कहा है कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक के पास इतनी नकदी है कि बैंक बंद होने की प्रक्रिया के दौरान वह अपने सभी ग्राहकों की जमा राशि वापस कर सकता है। इसका मतलब यह है कि जमाकर्ताओं का पैसा डूबने की संभावना नहीं है।

RBI ने पेटीएम पेमेंट्स बैंक बंद करने का आदेश दिया।
RBI ने लाइसेंस रद्द करने की 4 वजह बताईं
- ग्राहकों का नुकसान: बैंक जिस तरह से काम कर रहा था, उससे वहां पैसा जमा करने वाले लोगों का पैसा सुरक्षित नहीं था।
- मैनेजमेंट की लापरवाही: बैंक चलाने वाले अधिकारियों का रवैया और फैसले आम जनता और खाताधारकों के फायदे में नहीं थे।
- जारी रखने का कोई फायदा नहीं: रिजर्व बैंक को लगा कि इस बैंक को और ज्यादा चलाने से जनता को कोई लाभ नहीं होगा, बल्कि जोखिम ही बढ़ेगा।
- शर्तें तोड़ीं: बैंक ने लाइसेंस लेते समय जो वादे और नियम (जैसे KYC और फंड्स का सही इस्तेमाल) माने थे, उनका लगातार उल्लंघन किया गया।
4 सवाल में समझें यूजर पर क्या असर होगा
1. पेमेंट्स बैंक क्या होता हैं? जवाब: पेमेंट्स बैंक का कामकाज सामान्य बैंक (जैसे SBI या PNB) की तरह ही होता है, लेकिन इसकी कोई फिजिकल ब्रांच नहीं होती है। इसमें बैंकिंग के सभी काम- जैसे खाता खोलना, राशि जमा करना और ट्रांजैक्शन मोबाइल एप के जरिए होता है। हालांकि, पेमेंट्स बैंक के (वॉलेट) अकाउंट में अधिक्तम 2 लाख रुपए तक जमा किए जा सकते हैं।
इस तरह के बैंक किसी भी तरह का लोन नहीं दे सकते, क्रेडिट कार्ड जारी नहीं कर सकते, प्रवासी भारतीय इनमें खाता नहीं खोल सकते और आपका पैसा निवेश नहीं कर सकते। इन्हें अपना अधिकांश पैसा सरकारी बॉन्ड्स में सुरक्षित रखना होता है।

2. मैं पेटीएम एप का इस्तेमाल करता हूं, क्या मेरा UPI अब बंद हो जाएगा?
जवाब: अगर आपका पेटीएम एप SBI, HDFC या ICICI जैसे अन्य बैंक के अकाउंट से लिंक है, तो UPI पहले की तरह ही चलता रहेगा। पेटीएम अब गूगल पे और फोनपे की तरह एक ‘थर्ड पार्टी एप’ के रूप में काम कर रहा है।
इसके लिए कंपनी ने एक्सिस, HDFC और SBI जैसे बैंकों के साथ पार्टनरशिप की है। यानी UPI ट्रांजेक्शन जारी रहेंगे, लेकिन अब उनका बैंक पार्टनर पेटीएम बैंक नहीं होगा।
3. अगर UPI सीधे ‘पेटीएम पेमेंट्स बैंक’ से लिंक है तो क्या होगा?
जवाब: RBI ने @paytm वाले हैंडल (जो पेटीएम पेमेंट्स बैंक से जुड़े हैं) से नए पैसे जमा करना या ट्रांजेक्शन करना 2024 में ही बंद कर दिया था। लाइसेंस रद्द होने के बाद पेटीएम की इसे फिर से चालू करने की उम्मीद भी खत्म हो गई है। अगर किसी यूजर का पेटीएम वॉलेट में पैसा अब भी है तो वह अपने बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर सकता है।
क्या करें- आपको पेटीएम एप में जाकर अपने किसी दूसरे बैंक अकाउंट को प्राइमरी अकाउंट के तौर पर लिंक करना होगा। इसके बाद आप फिर से UPI पेमेंट कर सकेंगे।
4. पेटीएम और डिजिटल पेमेंट इकोसिस्टम पर क्या असर होगा?
जवाब: RBI के फैसले से पेटीएम अब खुद बैंकिंग नहीं कर पाएगा, उसे दूसरे बैंकों पर निर्भर रहना होगा। इससे UPI मार्केट में फोनपे और गूगल पे का दबदबा बढ़ सकता है। अन्य फिनटेक कंपनियों के लिए यह कड़ा संदेश है कि नियमों की अनदेखी भारी पड़ेगी और अब रेगुलेटरी सख्ती बढ़ेगी।
पेटीएम का शेयर 0.5% गिरा
शुक्रवार को शेयर बाजार में पेटीएम की मूल कंपनी ‘वन 97 कम्युनिकेशंस’ के शेयरों में गिरावट देखी गई। पेटीएम के शेयर 0.5% गिरकर 1,153 रुपए प्रति शेयर पर बंद हुए। बैंकिंग लाइसेंस रद्द होने की खबर का असर आने वाले दिनों में स्टॉक पर और अधिक देखने को मिल सकता है।

2022 से ही RBI के रडार पर था पेटीएम बैंक
पेटीएम पेमेंट्स बैंक पर रिजर्व बैंक की सख्ती काफी पुरानी है। इसकी शुरुआत मार्च 2022 में हुई थी, जब RBI ने बैंक को नए ग्राहक जोड़ने से रोक दिया था। इसके बाद जनवरी 2024 में नियमों के उल्लंघन और कस्टमर ड्यू डिलिजेंस (KYC) में खामियों के चलते बैंक को नए डिपॉजिट लेने से भी रोक दिया गया था।
तभी से बैंक केवल पुराने डिपॉजिट निकालने और लोन रेफरल जैसी सीमित गतिविधियों तक ही सिमट गया था।
2015 में मिला था लाइसेंस, बड़े निवेशकों का था साथ
पेटीएम पेमेंट्स बैंक को अगस्त 2015 में सीमित बैंकिंग लाइसेंस मिला था। इसके तहत बैंक छोटी जमा राशि स्वीकार कर सकता था, लेकिन उसे सीधे लोन देने की अनुमति नहीं थी। इस बैंक को वन 97 कम्युनिकेशंस का समर्थन प्राप्त था, जिसमें चीन के ‘आंट ग्रुप’ (Ant Group) और जापान के ‘सॉफ्टबैंक’ जैसे दिग्गज निवेशक शामिल रहे हैं।

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