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जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) प्रोटेस्ट में पैलेट-गन के इस्तेमाल की वजह से एक आंख की रोशनी गंवाने वाले साहिल लोहचब मूल रूप से हरियाणा में सोनीपत के रहने वाले हैं। साहिल तीन भाई-बहनों में सबसे बड़े हैं। उनके पिता दीपक ड्राइवर हैं। उनका परिवार कई बरसों से दिल्ली के नजफगढ़ इलाके में रह रहा है। साहिल दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग के छात्र हैं। पढ़ाई के साथ वह SSC-CGL और पुलिस भर्ती की तैयारी कर रहे हैं। साहिल का आरोप है कि CJP प्रोटेस्ट में शामिल स्टूडेंट्स पर पैरामिलिट्री फोर्स की ओर से पैलेट-गन का जो इस्तेमाल किया गया, उसी के छर्रे लगने से उनकी एक आंख की रोशनी चली गई। साहिल लोचब ठीक होने के बाद से कई बार कनॉट प्लेस और संसद मार्ग थाने के चक्कर काट चुके थे। कई बार थाने से लौटा दिए जाने के बाद भी उसकी एफआईआर दर्ज नहीं की गई। साहिल की FIR दर्ज कराने के लिए शुक्रवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी उनके साथ दिल्ली के संसद मार्ग पुलिस थाने में 6 घंटे धरने पर बैठे। इसके बाद पुलिस ने उनकी शिकायत पर अज्ञात लोगों पर केस दर्ज कर लिया। अब जानिए साहिल ने अपनी शिकायत में क्या कहा… पिता दिव्यांग, सबसे बड़ा बेटा हूं दिल्ली के संसद मार्ग थाने में दी शिकायत में साहिल ने कहा कि वह दिल्ली यूनिवर्सिटी के स्कूल ऑफ ओपन लर्निंग (SOL) से पढ़ाई कर रहा है। उसके पिता दिव्यांग हैं और वह घर में सबसे बड़ा बेटा है। आज तक उसके खिलाफ न तो कभी कोई मुकदमा दर्ज हुआ और न ही कभी थाने से उसका कोई वास्ता पड़ा। 20 जुलाई, 2026 को जंतर-मंतर पर परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी के खिलाफ छात्रों का प्रदर्शन था और वहां से संसद तक मार्च निकाला जा रहा था। दिल्ली पुलिस परीक्षा के खिलाफ प्रदर्शन में पहुंचा साहिल ने शिकायत में आगे कहा कि वह खुद एक छात्र है और 2025 में हुई दिल्ली पुलिस परीक्षा में धांधली और NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन में भाग लेने के लिए जंतर-मंतर गया था। वहां पहुंचने के समय लाठीचार्ज हुआ और भगदड़ मच गई। वह भी अन्य युवाओं की भीड़ के साथ भागता हुआ पालिका, कनॉट प्लेस क्षेत्र के पास पहुंचा। जब वह भीड़ में आगे पहुंचा तो उसके हाथ में तिरंगा था और वहां हजारों छात्र व युवा मौजूद थे। साहिल का आरोप- नीली पोशाक पहने व्यक्ति ने मारे पैलेट साहिल ने कहा कि उस समय उसका चेहरा दूसरी तरफ था। अचानक उसे ऐसा लगा कि उसके शरीर के दाहिने हिस्से, दिल के नजदीक छाती, बाजू और आंख पर कुछ फटा है। उसने मुड़कर देखा तो नीली पोशाक पहने एक व्यक्ति के हाथ में बड़ी बंदूक थी और उसने उस पर बहुत सारे पैलेट दागे। उसकी आंख, चेहरे, हाथ और छाती से खून बह रहा था और उसे दाहिनी आंख से कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। इसके बाद उसे बाइक पर बैठाकर नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे सफदरजंग अस्पताल भेज दिया गया। इसके बाद उसे AIIMS रेफर किया गया। AIIMS में सर्जरी, रोशनी लौटने की संभावना 1% से कम बताई साहिल ने बताया कि 21 जुलाई को रात करीब 1 बजे उसे RPC आई सेंटर, AIIMS भेजा गया। इसके बाद उसे AIIMS ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया। 22 जुलाई की रात उसकी आंख का पहला ऑपरेशन किया गया। डॉक्टर ने उसकी MLC में भी साफ लिखा है कि उसकी आंख में चोट पैलेट लगने से हुई है। डॉक्टर ने यह भी बताया कि आंख की रोशनी वापस आने की संभावना 1 प्रतिशत से भी कम है। CT Scan में शरीर में 200 से अधिक छर्रे होने का दावा साहिल ने कहा कि AIIMS में उसका CT Scan हुआ, जिसमें उसके शरीर में 200 से अधिक छर्रे होने की बात सामने आई। ये छर्रे आंख, गर्दन, छाती में दिल के पास, जबड़े, बाजू समेत शरीर के कई हिस्सों में हैं। दाहिनी आंख के गड्ढे में और उसके सबसे पीछे भी छर्रे हैं, जो नस के पास हैं और उन्हें निकाला नहीं जा सकता। इसी तरह दो छर्रे जीवनभर उसकी आंख के अंदर रहेंगे। दिल के पास भी छर्रे हैं। डॉक्टर ने उसे बताया है कि इलाज लंबा चलेगा और आंख में लगे छर्रे नहीं निकाले जा सकते। दूसरी सर्जरी के बाद भी आंख में सिर्फ अंधेरा साहिल ने कहा कि 25 जुलाई को उसकी फिर जांच हुई, जिसमें उसकी आंख में सिर्फ अंधेरा था और कोई रोशनी दिखाई नहीं दे रही थी। इसके बाद 31 को RPC आई सेंटर, AIIMS की OPD में उसकी जांच हुई। डॉक्टर की राय पर 1 अगस्त को उसकी आंख की दूसरी सर्जरी की गई। इसके बाद भी उसकी आंख की स्थिति जस की तस है। डॉक्टर ने आंख की रोशनी वापस आने की संभावना न के बराबर बताई है। साहिल बोला- शांतिपूर्वक खड़े रहने की मिली ऐसी सजा साहिल ने कहा कि उसका कसूर इतना है कि वह एक छात्र होकर अपनी बात कहने के लिए शांतिपूर्वक खड़ा था। इसके बदले उसने अपनी आंख खो दी और उसके शरीर में सैकड़ों छर्रे लग गए। जिस दिल्ली पुलिस में भर्ती होने के लिए उसने पढ़ाई की, अब वह नौकरी उसे नहीं मिल सकती। उसकी पढ़ाई भी रुक गई है। उसके घर के हालात भी ऐसे नहीं हैं कि वह अपना इलाज करवा सके। CCTV और ड्रोन फुटेज सुरक्षित कराने की मांग साहिल ने शिकायत में प्रार्थना की कि 20 जुलाई की जंतर-मंतर, नई दिल्ली के संसद मार्ग, कनॉट प्लेस और चंद्र रोड, पटेल चौक, राजीव चौक, मेट्रो स्टेशन, ट्रैफिक पुलिस के CCTV और ड्रोन फुटेज आदि को सुरक्षित कराया जाए। उसके ऑपरेशन के दौरान उसके शरीर से जो धातु के छर्रे निकाले गए हैं, उन्हें मंगवाकर जांच के लिए भेजा जाए। साथ ही, उसके इलाज और मुआवजे के लिए मामले पर विचार किया जाए, क्योंकि उसका इलाज बहुत लंबा चलेगा। कुमारी सैलजा बोलीं- FIR के लिए लंबा संघर्ष करना पड़ा सिरसा से कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने फेसबुक पोस्ट में लिखा कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी साहिल को न्याय दिलाने के लिए शुक्रवार सुबह 11:30 बजे संसद मार्ग स्थित DCP कार्यालय पहुंचे और वहीं डटे रहे। शाम करीब 6:45 बजे FIR दर्ज की गई। उन्होंने कहा कि साहिल के शरीर और आंख में अब भी छर्रे हैं। दिल के पास भी छर्रे लगे हैं और एक आंख से दिखाई नहीं दे रहा है। इसके बावजूद FIR दर्ज कराने के लिए इतना लंबा संघर्ष करना पड़ा।
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