फाल्गुन मास से जुड़ी मान्यताएं:  फाल्गुन मास में करें भगवान शिव, विष्णु जी, श्रीकृष्ण के साथ भक्त प्रहलाद की विशेष पूजा, गायों को खिलाएं हरी घास
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फाल्गुन मास से जुड़ी मान्यताएं: फाल्गुन मास में करें भगवान शिव, विष्णु जी, श्रीकृष्ण के साथ भक्त प्रहलाद की विशेष पूजा, गायों को खिलाएं हरी घास

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11 घंटे पहले

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अभी हिन्दी पंचांग का बारहवां महीना फाल्गुन चल रहा है। इस महीन से वसंत ऋतु की शुरुआत होती है। इस महीने में महाशिवरात्रि और होली से जैसे बड़े व्रत-पर्व मनाए जाते हैं। इस साल होलिका दहन 3 मार्च (फाल्गुन पूर्णिमा) को होगा और 4 मार्च को होली खेली जाएगी। जानिए फाल्गुन मास से जुड़ी परंपराएं…

उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक, फाल्गुन मास में भगवान शिव, विष्णु जी, श्रीकृष्ण के साथ भक्त प्रहलाद की विशेष पूजा करनी चाहिए, क्योंकि इसी महीने की पूर्णिमा पर भक्त प्रहलाद की पूजा का पर्व होलिका दहन मनाया जाता है।

इस महीने रोज सुबह जल्दी जागना चाहिए और स्नान के बाद सूर्य को जल चढ़ाकर दिन की शुरुआत करनी चाहिए। इसके लिए तांबे के लोटे में जल भरें और फिर कुमकुम, चावल, फूल डालें, फिर सूर्य को अर्घ्य चढ़ाएं। फाल्गुन मास में किसानों की फसलें पकना शुरू हो जाती हैं। ये समय फसल आने का है, इसलिए फाल्गुन में किसान उत्सव मनाते हैं।

फाल्गुन मास से जुड़ी परंपराएं

  • फाल्गुन मास में मथुरा, वृंदावन, गोकुल, बरसाना, गोवर्धन पर्वत क्षेत्र में दर्शन-पूजन करने का विशेष महत्व है। इस महीने मथुरा के आसपास कई दिनों तक होली खेली जाती है। श्रीकृष्ण के लाखों भक्त इन दिनों में मथुरा और श्रीकृष्ण से जुड़ी जगहों की यात्रा करते हैं। यहां यमुना नदी में स्नान करके दान-पुण्य करने की परंपरा है।
  • इस महीने घर में विराजित लड्डू गोपाल का रोज अभिषेक करना चाहिए। पूजा-पाठ में तुलसी के साथ माखन-मिश्री का भोग लगाना चाहिए। अभिषेक के लिए दक्षिणावर्ती शंख का इस्तेमाल करेंगे तो बहुत शुभ रहेगा। पूजा में कृं कृष्णाय नम: मंत्र का जप करना चाहिए।
  • इस महीने में महाशिवरात्रि (15 फरवरी) मनाई जाती है। इसलिए इन दिनों में भगवान शिव का अभिषेक खासतौर पर करना चाहिए। शिवलिंग पर जल, दूध, पंचामृत चढ़ाएं। पंचामृत दूध, दही, घी, मिश्री और शहद मिलाकर बनाना चाहिए। अभिषेक के बाद शिवलिंग पर चंदन का लेप लगाएं। बिल्व पत्र, धतूरा, आंकड़े के फूलों से श्रृंगार करें। अबीर, गुलाल, जनेऊ सहित अन्य पूजन सामग्री चढ़ाएं। ऊँ नम: शिवाय मंत्र का जप करें।
  • किसी मंदिर में भगवान की पूजा के लिए तेल, घी, गुलाल, कुमकुम, चावल, अबीर, वस्त्र, जनेऊ, चुनरी जैसी पूजन सामग्री भेंट करें। अपने सामर्थ्य के अनुसार धन का दान करें।
  • किसी गोशाला में गायों को हरी घास खिलाएं। गायों की देखभाल के लिए गोशाला में धन का दान करें। किसी तालाब में मछलियों को आटे की गोलियां बनाकर खिलाएं।
  • फाल्गुन मास मंत्र जप और ध्यान के लिए बहुत शुभ माना जाता है, क्योंकि इन दिनों में मौसम में न तो ज्यादा ठंड रहती है और न ही ज्यादा गर्मी रहती है। इस वजह से इन दिनों में किए गए ध्यान में एकाग्रता बनी रहती है। ध्यान करने से नकारात्मक विचार दूर होते हैं।

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