9 घंटे पहलेलेखक: गौरव तिवारी
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चाय का कप और सिगरेट का कश। ये कॉम्बिनेशन भारत में बहुत कॉमन है। इसे ‘चाय-सुट्टा’ कहते हैं। किसी भी चाय की टपरी पर लोग एक हाथ में चाय और दूसरे में सिगरेट लिए मिल जाएंगे।
ये कॉम्बिनेशन खतरनाक है। लोग इसे स्ट्रेस से रिलैक्स पाने के लिए पीते हैं, लेकिन यह दिल पर अतिरिक्त दबाव डालता है, ब्लड प्रेशर बढ़ाता है और दिमाग को इस आदत का गुलाम बनाता है।
गर्म चाय के साथ सिगरेट पीने से एसिड रिफ्लेक्स, कैंसर और क्रॉनिक लंग्स डिजीज का रिस्क कई गुना बढ़ जाता है।
इसलिए आज ‘फिजिकल हेल्थ‘ में पॉपुलर कॉम्बिनेशन चाय-सुट्टा की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-
- चाय और सिगरेट साथ लेने से क्या नुकसान होते हैं?
- ये रिलैक्सेशन का भ्रम कैसे पैदा करता है?
- चाय-सुट्टा छोड़ने के लिए क्या करें?
भारत में स्मोकिंग से हर साल 10 लाख मौतें
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, पूरी दुनिया में हर साल स्मोकिंग की वजह से 80 लाख से ज्यादा लोगों की समय से पहले मौत हो जाती है।
भारत में ये आंकड़ा 10 लाख से ऊपर है। अगर तंबाकू के दूसरे प्रोडक्ट्स भी जोड़ें तो इसके कारण हर साल 13.5 लाख मौतें होती हैं। अब चाय का कनेक्शन देखें तो भारत दुनिया का सबसे बड़ा चाय उत्पादक और कंज्यूमर देश है। यहां औसतन हर शख्स साल में 700 ग्राम से ज्यादा चाय पीता है। लेकिन जब ये चाय सिगरेट के साथ मिलती है, तो नुकसान दोगुना हो जाता है।
चाय-सिगरेट साथ पीने से अच्छा क्यों महसूस होता है?
चाय में कैफीन होता है, जो अलर्टनेस बढ़ाता है। सिगरेट का निकोटिन इसे और तेज कर देता है। इससे कुछ देर के लिए अच्छा महसूस हो सकता है।
हालांकि, इसके कारण दिल की धड़कन बढ़ जाती है और ब्लड प्रेशर हाई हो जाता है। अगर कोई रोजाना ये करता है, तो लंबे समय में हार्ट डिजीज का खतरा बढ़ जाता है।

चाय-सुट्टा से सिकुड़ रही है सेहत
चाय और सिगरेट साथ पीने से गंभीर सिरदर्द, चक्कर, मतली और पेट खराब होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। निकोटिन बॉडी को स्ट्रेन देता है, जबकि कैफीन इसे बढ़ावा देता है। अगर कोई रोज सिगरेट-चाय साथ पी रहा है, तो उसका ब्लड शुगर लेवल भी बढ़ सकता है। चाय-सिगरेट का कॉम्बिनेशन हेल्दी डाइट को भी बेअसर कर देता है।
अगर कोई रोज 2-3 कप चाय के साथ सिगरेट भी पीता है तो क्या होता है। इसका कैलकुलेशन ग्राफिक में देखिए-

चाय-सुट्टा छोड़ने से फिर पटरी पर आएगी सेहत
चाय-सुट्टा छोड़ते ही बॉडी में रिकवरी शुरू हो जाती है। अगर कोई रोज एक सिगरेट कम करता है, तो उसकी जिंदगी में रोज 20 मिनट जुड़ सकते हैं। लेकिन कॉम्बो छोड़ने से कैफीन और निकोटिन दोनों की क्रेविंग कम होती है। इसमें तेजी से रिकवरी होती है।

चाय-सुट्टा और हेल्थ से जुड़े कुछ कॉमन सवाल और जवाब
सवाल: चाय-सुट्टा पीने से बॉडी में तुरंत क्या होता है?
जवाब: चाय का कैफीन अलर्ट करता है, सिगरेट का निकोटिन दिल की धड़कन बढ़ाता है। दोनों चीजें साथ में पीने से ब्लड प्रेशर बढ़ता है, कंपकंपी होती है और पेट में एसिडिटी हो सकती है।
सवाल: चाय-सुट्टा पीने से रिलैक्स क्यों महसूस होता है?
जवाब: इसको साथ पीने से सुकून महसूस होता है, क्योंकि निकोटिन दिमाग को रिलैक्स करता है और कैफीन फोकस देता है। जबकि, इनका प्रभाव खत्म होने पर क्रेविंग, चिड़चिड़ापन और एंग्जायटी बढ़ जाती है। धीरे-धीरे इससे स्ट्रेस बढ़ता जाता है। इसलिए बार-बार दिमाग को रिलैक्स करने के लिए चाय-सिगरेट की इच्छा पैदा होती है।
सवाल: चाय-सुट्टा से कौन-सी बीमारियां हो सकती हैं?
जवाब: स्मोकिंग से लंग कैंसर, हार्ट डिजीज, स्ट्रोक और अस्थमा का रिस्क बढ़ता है। गर्म चाय के साथ सिगरेट पीने से ये सभी रिस्क और बढ़ जाते हैं। चाय-सुट्टा मिलकर बीपी और हार्ट रेट को बढ़ाते हैं। इसलिए दिल की बीमारियों का जोखिम कई गुना बढ़ जाता है। इससे एसिड रिफ्लेक्स, पेट में अल्सर, नींद में समस्या, मेमोरी लॉस, स्ट्रोक और इनफर्टिलिटी का खतरा भी बढ़ता है।
सवाल: चाय-सुट्टा छोड़ना मुश्किल क्यों होता है?
जवाब: निकोटिन दिमाग को लती बनाता है, कैफीन डिपेंडेंसी बढ़ाता है। इन दोनों को साथ में लेने से डोपामाइन रिलीज होता है, जो शरीर को एक साथ एक्टिव और रिलैक्स फीलिंग देता है। यही कारण है कि थोड़ा सा स्ट्रेस होने पर दिमाग रिलैक्स पाने के लिए चाय-सिगरेट की तरफ भागता है।
सवाल: चाय-सुट्टा छोड़ने के लिए क्या करें?
जवाब: सबसे पहले एक सही मोटिवेशन ढूंढें। ऐसे सोचें कि आपके इस लत को छोड़ने से फैमिली में कोई पैसिव स्मोकर नहीं बनेगा। आपकी हेल्थ अच्छी रहेगी तो आप अपने काम जतन से कर पाएंगे और भविष्य में बीमारियों के रिस्क से भी बचेंगे।
इसके बाद ट्रिगर्स पहचानें। इसका मतलब है कि आपको ये समझना होगा कि आपको कब चाय और स्मोकिंग की इच्छा होती है। ऐसा आमतौर पर खाली समय में या स्ट्रेस में होता है। इसलिए इससे बचें।
खुद को किसी प्रोडक्टिव काम में बिजी रखें, रेगुलर एक्सरसाइज करें या हेल्दी स्नैक्स लें। अगर जरूरत पड़े तो डॉक्टर से निकोटिन रिप्लेसमेंट थेरेपी लें। इसे प्लान के साथ धीरे-धीरे कम करें, जैसे पहले सिगरेट कम करें, फिर चाय कम करें। इन्हें अचानक छोड़ने से भी कुछ हेल्थ प्रॉब्लम्स हो सकती हैं।
चाय-सुट्टा छोड़ने के लिए अपनाएं ये तरीके
चाय-सुट्टा छोड़ना आसान नहीं है, लेकिन नामुमकिन भी नहीं है। डॉ. समित पुरोहित कहते हैं कि छोटे स्टेप्स से शुरुआत करें। सबसे पहले अपने उद्देश्य स्पष्ट रखें, जैसे ‘मैं अपनी फैमिली को पैसिव स्मोकिंग से बचाना चाहता हूं।’
इसके बाद ट्रिगर्स अवॉइड करें। जिन जगहों पर जाने से या जिन दोस्तों के साथ आप अक्सर चाय-सिगरेट पीते हैं। उनसे कुछ दिन दूरी बनाने की कोशिश करें। इसे छोड़ने के 10 टिप्स ग्राफिक में देखिए-

ये आदत छोड़ने के बाद आपको अपनी जिंदगी में नई ऊर्जा महसूस होगी। ये हमेशा ध्यान रखें कि हर छोटा स्टेप बड़ा बदलाव लाता है। अगर आप स्मोकर हैं या चाय-सुट्टा के शौकीन हैं, तो आज से ही बदलाव शुरू करें। आपकी सेहत आपके हाथ में है।
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