4 घंटे पहलेलेखक: गौरव तिवारी
- कॉपी लिंक

मसूड़ों में सूजन, दर्द या मुंह में छाले होना कॉमन है। आमतौर पर ये लक्षण कुछ दिनों में अपने आप ठीक भी हो जाते हैं। ज्यादातर मामलों में ऐसा खराब ओरल हाइजीन, संक्रमण या चोट के कारण होता है। कुछ मामलों में स्ट्रेस या न्यूट्रिशन की कमी से भी ऐसा हो सकता है।
अगर ये लक्षण ज्यादा दिनों तक बने रहें तो यह खतरनाक हो सकता है। दरअसल, ओरल कैंसर के शुरुआती लक्षण भी अक्सर सामान्य छाले या मसूड़ों में सूजन जैसे ही होते हैं। इसलिए इनके बीच का फर्क समझना जरूरी है।
आज ‘फिजिकल हेल्थ’ में मसूड़ों में सामान्य सूजन और कैंसर के बीच फर्क समझेंगे। साथ ही जानेंगे कि-
- मसूड़ों के किन लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए?
- किन लोगों को ओरल कैंसर का रिस्क ज्यादा होता है?
- इससे बचने के लिए क्या करें?
एक्सपर्ट: डॉ. शुभम गर्ग, डायरेक्टर, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी, धर्मशिला नारायणा हॉस्पिटल, दिल्ली
सवाल- मसूड़ों में सूजन और दर्द की समस्या कितनी कॉमन है?
जवाब- मसूड़ों में सूजन यानी जिंजिवाइटिस दुनिया भर में सबसे कॉमन ओरल हेल्थ समस्याओं में से एक है। खराब ओरल हाइजीन, प्लाक जमा होने, सिगरेट पीने, डायबिटीज और कुछ अन्य कारणों से यह समस्या हो सकती है।
यदि समय पर इसका इलाज न किया जाए, तो यह पेरियोडोंटाइटिस में बदल सकती है। इस स्थिति में दांतों को सहारा देने वाले मसूड़े, हड्डी और अन्य टिश्यूज धीरे-धीरे डैमेज होने लगते हैं, जिससे दांत ढीले पड़ सकते हैं और गंभीर मामलों में गिर भी सकते हैं।
सवाल- अमूमन किन कारणों से सूजन और दर्द हो सकता है? यह सामान्यत: कितने दिनों में ठीक हो जाता है?
जवाब- मसूड़ों में सूजन और दर्द के प्रमुख कारण इस प्रकार हैं-
- प्लाक और टार्टर (दांतों पर सख्त लेयर) जमना।
- ठीक से ब्रश और फ्लॉस न करना।
- चोट या जलन।
- मसूड़ों की बीमारी।
- दांत या मसूड़ों में संक्रमण।
- हॉर्मोनल बदलाव।
- दवाओं का साइड इफेक्ट।
- न्यूट्रिशनल डेफिशिएंसी।
- डायबिटीज।
- स्मोकिंग।
यह कितने दिनों में ठीक हो जाता है?
अगर जलन, मामूली चोट या हल्की सूजन है तो हाइजीन मेंटेन करने पर 3-10 दिनों में सुधार हो सकता है। अगर यह प्लाक या जिंजिवाइटिस के कारण है तो हाइजीन का ख्याल रखने और सही देखभाल से 1-2 सप्ताह में सुधार हो सकता है।
सवाल- ‘कैंकर सोर’ यानी मुंह में छाले होना कितना कॉमन है? छाले क्यों होते हैं?
जवाब- कैंकर सोर एक कॉमन प्रॉब्लम है। यह लगभग हर 5 में से 1 व्यक्ति को जीवन में कभी-न-कभी हो सकती है। इसके संभावित कारण ये हैं-
- मुंह के अंदर चोट
- स्ट्रेस और कम नींद
- डाइजेस्टिव इश्यूज
- मसालेदार या साइट्रस फूड से सेंसिटिविटी
- विटामिन B12, फोलेट या आयरन की कमी
- हॉर्मोनल बदलाव
- दवाओं के साइड इफेक्ट्स
- कुछ बीमारियां जैसे सिलिएक डिजीज।
सवाल- मुंह के छाले अमूमन कितने दिनों में ठीक हो जाते हैं?
जवाब- सामान्य छाले ज्यादातर मामलों में 1-2 सप्ताह के भीतर अपने-आप ठीक हो जाते हैं।

सवाल- मुंह में छाले, सूजन या मसूड़ों में दर्द कब ओरल कैंसर का शुरुआती संकेत हो सकते हैं?
जवाब- ये ज्यादातर मामलों में ओरल कैंसर नहीं होते हैं। लेकिन कुछ कंडीशंस में ये लक्षण ओरल कैंसर के शुरुआती संकेत भी हो सकते हैं और जांच कराना जरूरी है।
इन संकेतों पर विशेष ध्यान देना जरूरी
- मुंह का छाला या घाव 2-3 सप्ताह से ज्यादा समय तक बना रहे।
- मुंह में लाल या सफेद धब्बे कई दिनों तक बने रहें।
- मसूड़े, जीभ, गाल के अंदर या मुंह के किसी हिस्से में लगातार सूजन या गांठ महसूस हो।
- बिना स्पष्ट कारण के लगातार दर्द, जलन या सुन्नपन हो।
- चबाने, निगलने या बोलने में परेशानी होने लगे।
- दांत ढीले होने लगें।
- गर्दन में गांठ महसूस हो।
- बिना कारण वजन कम होने लगे।
सवाल- क्या कैंसर का घाव शुरू में सामान्य छाले जैसा ही दिखता है?
जवाब- हां, कुछ मामलों में ओरल कैंसर का शुरुआती घाव सामान्य छाले जैसा ही होता है। इसे केवल देखकर फर्क समझना आसान नहीं होता। नीचे ग्राफिक में दोनों के बीच फर्क समझिए-

सवाल- ओरल कैंसर के शुरुआती और गंभीर लक्षण क्या हैं?
जवाब- ओरल कैंसर के लक्षण शुरुआती स्टेज में बहुत सामान्य होते हैं। कई बार लोगों को दर्द भी नहीं होता। इसलिए यह देर से डायग्नोज होता है।

सवाल- मुंह में क्या बदलाव दिखें तो तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए?
जवाब- मुंह में कोई भी बदलाव 2-3 सप्ताह से अधिक समय तक बना रहे तो डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए। ग्राफिक में देखिए, कब डॉक्टर के पास जाना जरूरी है-

सवाल- ओरल कैंसर का रिस्क किसे ज्यादा होता है?
जवाब- कुछ कंडीशंस और आदतों के कारण ओरल कैंसर का रिस्क बढ़ सकता है। ग्राफिक में देखिए, किन्हें ज्यादा रिस्क है-

सवाल- क्या तंबाकू या गुटखा न खाने वालों को भी ओरल कैंसर हो सकता है?
जवाब- हां, उन्हें भी हो सकता है। हालांकि तंबाकू और गुटखा खाने वालों को इसका रिस्क ज्यादा होता है।
सवाल- क्या नियमित डेंटल चेकअप से ओरल कैंसर का जल्दी पता लगाया जा सकता है?
जवाब- हां, रेगुलर डेंटल चेकअप के दौरान डेंटिस्ट मुंह, जीभ, मसूड़ों की जांच करते हैं। इस दौरान गालों के अंदर असामान्य घाव, गांठ, लाल-सफेद धब्बे जैसे शुरुआती संकेत पहचाने जा सकते हैं।
सवाल- कैंसर से बचाव के लिए ओरल हाइजीन कितना जरूरी है? ओरल हाइजीन के लिए क्या करें?
जवाब- इसके लिए ब्रश करना और कुछ खाने-पीने के बाद कुल्ला करना जरूरी है। ओरल हाइजीन के सभी टिप्स ग्राफिक में देखिए-

सवाल- हाइजीन के अलावा ओरल कैंसर से बचाव के लिए क्या सावधानियां बरतना जरूरी है?
जवाब- इसके लिए ये सावधानियां बरतें-
- तंबाकू, गुटखा, खैनी, जर्दा और पान मसाला न खाएं।
- सिगरेट, बीड़ी, हुक्का या किसी भी तरह की स्मोकिंग न करें।
- शराब बिल्कुल न पिएं।
- फल और सब्जियों से भरपूर बैलेंस्ड डाइट लें।
- मुंह में किसी छाले, गांठ, लाल-सफेद धब्बे को नजरअंदाज न करें।
- मुंह का कोई घाव 2-3 हफ्ते में ठीक न हो तो डॉक्टर से जांच करवाएं।
- टूटे, नुकीले दांत या खराब फिटिंग डेंचर का समय पर इलाज करवाएं।
- रिस्क होने पर मुंह का सेल्फ एग्जामिनेशन करते रहें।
- नियमित डेंटल चेकअप करवाएं।
……………… ये खबर भी पढ़िए फिजिकल हेल्थ- सैलून में हेयर वॉश हो सकता है जानलेवा:डॉक्टर से जानें क्या है ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक सिंड्रोम, 10 लक्षण इग्नोर न करें

साल 2025 में ‘द अमेरिकन जर्नल ऑफ इमरजेंसी मेडिसिन’ में इस बारे में एक रिव्यू पब्लिश हुआ। इसमें पिछले 50 वर्षों में पार्लर में हुए स्ट्रोक के 54 मामलों काे एनालाइज किया गया। इनमें ज्यादातर घटनाएं सैलून में हेयर वॉश के दौरान हुई थीं। इस कंडीशन को ‘ब्यूटी पार्लर स्ट्रोक सिंड्रोम’ कहा जाता है। आगे पढ़िए…









