फिजिकल हेल्थ- हीमोग्लोबिन क्या है:  शरीर के हर कोने तक पहुंचाता ऑक्सीजन, डॉक्टर से जानें कमी के संकेत, लेवल बढ़ाने के लिए ये खाएं
महिला

फिजिकल हेल्थ- हीमोग्लोबिन क्या है: शरीर के हर कोने तक पहुंचाता ऑक्सीजन, डॉक्टर से जानें कमी के संकेत, लेवल बढ़ाने के लिए ये खाएं

Spread the love


13 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल

  • कॉपी लिंक

जब हम सांस लेते हैं तो ऑक्सीजन हमारे फेफड़ों तक पहुंचती है। लेकिन उसे शरीर के कोने-कोने तक पहुंचाने का जिम्मा ब्लड और उसमें मौजूद हीमोग्लोबिन संभालता है। इसे आप शरीर का सबसे वफादार ‘कूरियर बॉय’ कह सकते हैं।

हीमोग्लोबिन दो शब्दों से मिलकर बना है। ‘हीमो’ यानी आयरन और ‘ग्लोबिन’ यानी एक खास प्रकार का प्रोटीन। इन दोनों के मेल से बना हीमोग्लोबिन शरीर को जिंदा और सक्रिय रखने में अहम भूमिका निभाता है। यह रेड ब्लड सेल्स (RBC) में मौजूद होता है।

अगर शरीर में हीमोग्लोबिन का लेवल बहुत कम हो जाए तो हार्ट, ब्रेन और दूसरे ऑर्गन्स का काम प्रभावित होता है। गंभीर मामलों में आर्गन डैमेज या फेलियर भी हो सकता है।

इसलिए आज ‘फिजिकल हेल्थ’ में हीमोग्लोबिन के बारे में विस्तार से बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • शरीर में हीमोग्लोबिन का क्या काम है?
  • हीमोग्लोबिन की कमी होने पर शरीर क्या संकेत देता है?

एक्सपर्ट– डॉ. रोहित शर्मा, सीनियर कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, जयपुर

सवाल- शरीर में हीमोग्लोबिन का क्या काम है?

जवाब- हीमोग्लोबिन का मुख्य काम फेफड़ों से ऑक्सीजन को लेकर उसे शरीर के सभी अंगों और कोशिकाओं तक पहुंचाना है। हीमोग्लोबिन का लेवल यह बताता है कि शरीर में ऑक्सीजन पहुंचाने की क्षमता कितनी अच्छी है। हीमोग्लोबिन के सभी काम ग्राफिक में देखिए-

सवाल- हीमोग्लोबिन की सामान्य रेंज क्या है?

जवाब- शरीर में हीमोग्लोबिन का लेवल ग्राम प्रति डेसीलीटर (g/dL) में मापा जाता है। इसकी सामान्य रेंज पुरुष, महिला और बच्चों में अलग-अलग होती है। इसे ग्राफिक में देखिए-

सवाल- शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी क्यों होती है?

जवाब- इसके कई कारण हैं। इसे पॉइंटर्स से समझिए-

आयरन की कमी से

  • हीमोग्लोबिन बनाने के लिए शरीर को आयरन की जरूरत होती है।
  • अगर भोजन से पर्याप्त आयरन नहीं मिलता या शरीर उसे सही तरीके से अवशोषित नहीं कर पाता तो हीमोग्लोबिन का प्रोडक्शन कम होने लगता है।
  • इससे आयरन-डेफिशिएंसी एनीमिया हो सकता है।

विटामिन्स की कमी से

  • शरीर में विटामिन B-12 और फोलिक एसिड की कमी होने पर भी रेड ब्लड सेल्स ठीक से नहीं बन पाते।
  • इससे हीमोग्लोबिन का लेवल गिरने लगता है।

ब्लड लॉस की वजह से

  • गंभीर चोट या सर्जरी के दौरान ज्यादा खून बहने से हीमोग्लोबिन कम हो सकता है।
  • महिलाओं में पीरियड्स के दौरान हैवी ब्लीडिंग भी इसका कारण बन सकती है।

मेडिकल कंडीशंस की वजह से

  • किडनी, लिवर डिजीज और कैंसर जैसी कुछ गंभीर बीमारियों में हीमोग्लोबिन कम हो सकता है।
  • थैलेसीमिया और सिकल सेल एनीमिया जैसी जेनेटिक बीमारियां भी हीमोग्लोबिन का स्तर प्रभावित कर सकती हैं।

सवाल- हीमोग्लोबिन की कमी के क्या संकेत हैं?

जवाब- शरीर में हीमोग्लोबिन (Hb) की कमी होने पर कुछ संकेत दिखाई देते हैं। इसे ग्राफिक में देखिए-

सवाल- किन बीमारियों या हेल्थ कंडीशंस में हीमोग्लोबिन कम हो सकता है?

जवाब- शरीर में लंबे समय तक हीमोग्लोबिन का स्तर कम रहना कई बीमारियों या हेल्थ कंडीशंस का संकेत हो सकता है। इसे ग्राफिक में देखिए-

सवाल- हीमोग्लोबिन का कम होना कितना खतरनाक हो सकता है?

जवाब- पॉइंटर्स से समझिए-

  • हीमोग्लोबिन कम होने पर शरीर के अंगों तक ऑक्सीजन की सप्लाई प्रभावित होती है।
  • हल्की कमी में थकान, कमजोरी और चक्कर जैसे लक्षण हो सकते हैं।
  • कमी ज्यादा होने पर सांस फूलना, दिल की धड़कन तेज होना और हार्ट पर दबाव बढ़ सकता है।
  • गंभीर एनीमिया में हार्ट फेल्योर जैसे गंभीर कॉम्प्लिकेशंस का रिस्क भी बढ़ सकता है।

सवाल- हीमोग्लोबिन की जांच कैसे की जाती है?

जवाब- शरीर में इसका लेवल मापने के लिए दो मुख्य तरीके हैं-

CBC (कंप्लीट ब्लड काउंट) टेस्ट: इससे ब्लड में हीमोग्लोबिन और रेड ब्लड सेल्स की सटीक मात्रा का पता चलता है।

हीमोग्लोबिन मीटर: आजकल क्लिनिक या कैंप में उंगली से एक बूंद ब्लड लेकर डिजिटल मशीन से तुरंत हीमोग्लोबिन चेक कर लिया जाता है।

सवाल- हीमोग्लोबिन डेफिशिएंसी का इलाज क्या है?

जवाब- इसका इलाज कारण के आधार पर किया जाता है। इसे पॉइंटर्स से समझिए-

  • अगर कमी आयरन, विटामिन B-12 या फोलिक एसिड की वजह से है तो डॉक्टर इसके सप्लीमेंट्स या इंजेक्शन दे सकते हैं।
  • अगर कमी किसी हेल्थ कंडीशन (जैसे किडनी डिजीज, लिवर डिजीज या इन्फेक्शन) के कारण है तो पहले उसका इलाज करते हैं।
  • गंभीर स्थिति में डॉक्टर ब्लड ट्रांसफ्यूजन की सलाह दे सकते हैं।

सवाल- शरीर में हीमोग्लोबिन की कमी न हो इसके लिए लाइफस्टाइल में क्या बदलाव करें?

जवाब- शरीर में हीमोग्लोबिन का लेवल संतुलित रखने और इसकी कमी से बचने के लिए ये आसान उपाय अपनाएं-

सवाल- हीमोग्लोबिन बढ़ाने के लिए डाइट में कौन-सी चीजें शामिल करें?

जवाब- इसके लिए डाइट में आयरन, विटामिन B-12 और फोलिक एसिड से भरपूर चीजें शामिल करें, जैसेकि-

आयरन: हरी पत्तेदार सब्जियां (जैसे पालक, मेथी), अनार, चुकंदर, खजूर, किशमिश आदि।

विटामिन C: आंवला, नींबू, संतरा, अमरूद और टमाटर जैसी चीजें आयरन के अवशोषण में मदद करती हैं।

फोलेट: पालक, मेथी, ब्रोकली, दालें, चना और बीन्स आदि।

विटामिन B12: अंडा, दूध-दही, मछली, चिकन और मीट आदि।

प्रोटीन: दालें, दूध, अंडा, पनीर, मछली और मीट आदि।

हीमोग्लोबिन से जुड़े कॉमन सवाल-जवाब

सवाल- शरीर में हीमोग्लोबिन कितनी जल्दी बढ़ सकता है?

जवाब- अगर सही डाइट और डॉक्टर की सलाह से आयरन सप्लीमेंट्स लिए जाएं तो लगभग 1-2 महीने में हीमोग्लोबिन का स्तर सामान्य हो सकता है।

सवाल- क्या पीरियड्स के दौरान महिलाओं में हीमोग्लोबिन कम होना सामान्य है?

जवाब- हां, हैवी ब्लीडिंग के कारण महिलाओं में पीरियड्स के दौरान हीमोग्लोबिन की कमी हो सकती है।

सवाल- क्या सिर्फ चुकंदर और अनार खाने से हीमोग्लोबिन तेजी से बढ़ता है?

जवाब- यह एक आम धारणा है। हालांकि चुकंदर और अनार फायदेमंद हैं। लेकिन शरीर को पर्याप्त आयरन देने के साथ-साथ विटामिन B-12, फोलिक एसिड और प्रोटीन से भरपूर अन्य चीजें खाना भी उतना ही जरूरी है।

*****************

ग्राफिक्स- विपुल शर्मा

……………………..

ये खबर भी पढ़ें

फिजिकल हेल्थ- पेट दर्द को सिर्फ गैस न समझें:ये ‘पैंक्रियाटाइटिस’ हो सकता है, डॉक्टर से जानें इसका कारण, लक्षण, बचाव व सावधानियां

पेट दर्द, मतली और उल्टी को लोग अक्सर गैस या अपच समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन कई बार इसके पीछे ‘पैंक्रियाटाइटिस’ जैसी गंभीर बीमारी हो सकती है। यह पैंक्रियाज (अग्न्याशय) में होने वाली सूजन है। पैंक्रियाज भोजन को पचाने और ब्लड शुगर कंट्रोल रखने में अहम भूमिका निभाता है। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *