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फैक्ट चेक: झूठा है फ्लाईदुबई विमान को हाईजैक करने में भारत की भूमिका का दावा, पढ़ें पूरी पड़ताल

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दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 में बुधवार को अफरातफरी मच गई। दरअसल, कॉकपिट के अंदर दोनों पायलटों के बीच कथित तौर पर हिंसक झड़प हो गई। घटना के दौरान भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद विमान अचानक तेजी से नीचे जाने लगा। घायल होने के बावजूद कैप्टन मच्छार ने कॉकपिट का दरवाजा खोलने में मदद की, जिससे अंदर मौजूद हमलावर को काबू करने का रास्ता बना।

इसी बीच पाकिस्तानी  सोशल मीडिया यूजर्स की ओर से एक  वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में एक महिला पत्रकार बोलती नजर आ रही है। वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि भारत के पराग जैन और अजीत डोभाल ने मोसाद के साथ गुप्त बैठक की और दुबई-तेल अवीव फ्लाइट को हाईजैक करने के एक गुप्त मिशन बनाया है।  इसके साथ ही यह योजना थी कि इसका दोष ईरान या अरब देशों पर मढ़ दिया जाए। 

अमर उजाला ने अपनी पड़ताल में वायरल दावे को गलत पाया है। हमने पाया कि वायरल वीडियो में पत्रकार ने प्लाइट से संबंधित कोई बात नहीं की। वहीं, इस प्लाइट हाईजैक में भारत की कोई भूमिका नहीं है। 

क्या है दावा 

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल शेयर कर दावा किया जा रहा है कि दुबई-तेल अवीव फ्लाइट को हाईजैक करने की कोशिश में भारत की भूमिका थी। 

Clash Fire (@Clashfire_) नाम के एक्स यूजर ने लिखा, ‘ब्रेकिंग फ्लाइट FZ10703 से जुड़ी ताजा जानकारी के अनुसार, भारत के पराग जैन और अजीत डोभाल ने मोसाद के साथ गुप्त बैठक की और दुबई-तेल अवीव फ्लाइट को हाईजैक करने के एक गुप्त मिशन के लिए भारतीय पायलट स्मित मच्छार के साथ मिलकर पूर्व RAW एजेंट राघव मेनन को चुना। योजना यह थी कि इसका दोष ईरान या अरब देशों पर मढ़ दिया जाए। लेकिन जब यह योजना नाकाम हो गई, तो इस्राइली सुरक्षा मीडिया ने इस घटना को दोनों पायलटों के बीच हुई मामूली कहासुनी बताकर कम करके दिखाया।’ पोस्ट का लिंक आप यहां और आर्काइव लिंक यहां देख सकते हैं।

 

इसी तरह के अन्य पोस्ट के लिंक आप यहां और  यहां देख सकते हैं। वहीं, आर्काइव लिंक आप यहां और यहां देख सकते हैं। 

पड़ताल 

इस दावे की पड़ताल करने के लिए हमने सबसे पहले वीडियो के कीफ्रेम को गूगल रिवर्स इमेज पर सर्च किया। इस दौरान हमें बीबीसी की रिपोर्ट मिली। यह वीडियो 30 सितंबर 2026 को साझा किया गया है। हमने पूरा वीडियो देखा यहां हमे कई भी विमान के बारे में कोई जानकारी नहीं मिली। यहां पत्रकार एआई के बारे में बात कर रही हैं। 

 

यहां से हमें वायरल वीडियो पर संदेह हुआ। इसके बाद हमने एआई टूल हाइव पर वीडियो की पड़ताल की। इस टूल ने वायरल वीडियो को 68.7 फीसदी एआई से बना पाया। 

 

आगे की पड़ताल के लिए हमने अमर उजाला के न्यूज डेस्क से संपर्क किया। इस दौरान हमें एक रिपोर्ट मिली। यह रिपोर्ट 1 अक्तूबर 2026 को प्रकाशित की गई है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि बुधवार को एक भारतीय पायलट की हिम्मत से एक बड़ी त्रासदी टल गई और फ्लाईदुबई के विमान में सवार 180 लोगों की जान बच गई। सुबह करीब 8.20 बजे फ्लाईदुबई के विमान एफजेड1073 सिर्फ दो मिनट में 17,400 फीट नीचे आ गया। कॉकपिट के भीतर पायलट और ओमानी मूल के सह-पायलट के बीच झगड़ा हुआ और सह-पायलट ने भारतीय पायलट स्मित मच्छार पर चाकू से हमला कर दिया। इस दौरान कॉकपिट में चीख-पुकार मच गई। 

 


यहां से पता चलता है कि इस हादसे में भारत की कई भूमिका नहीं थी। 

पड़ताल का नतीजा

 हमने अपनी पड़ताल में पाया कि विमान हाईजैक में भारत की कोई भूमिका नहीं है। इस दावे को शेयर कर लोगों में भ्रम फैलाया जा रहा है।



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