
जोजिला दर्रा कश्मीर घाटी को लद्दाख से जोड़ता है.
नई दिल्ली :
कश्मीर को लद्दाख को जोड़ने वाली जोजिला दर्रा को बॉर्डर रोड्स ने रिकार्ड समय में मंगलवार को फिर से खोल दिया. सीमा सड़क संगठन (Border Roads Organisation) ने जोजिला दर्रे को इस वर्ष केवल 32 दिनों के रिकॉर्ड समय में फिर से खोल दिया. बीआरओ के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल रघु श्रीनिवासन ने लद्दाख की ओर जाने वाले पहले काफिले को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया. आपको बता दें कि जोजिला दर्रा दुनिया के सबसे चुनौतीपूर्ण और रणनीतिक रूप से उच्च पर्वतीय दर्रों में से एक है, जो कश्मीर घाटी को लद्दाख से जोड़ता है.
इस साल यह दर्रा पश्चिमी विक्षोभ के कारण 27 फरवरी से 16 मार्च 2025 तक 17 दिनों तक लगातार भारी बर्फबारी की चपेट में रहा, जिससे इस पर बर्फ की भारी परत जम गई थी. अत्यधिक ठंड, तेज़ हवाओं और हिमस्खलन से इलाके में काम बहुत मुश्किल था. कठिन चुनौतियों के बावजूद बीआरओ कर्मियों ने मात्र 15 दिनों (17 मार्च से 31 मार्च) में बर्फ हटाकर इसे फिर से चालू कर दिया.

अस्थायी रूप से बंद हो जाता है दर्रा
हर साल, यह उच्च पर्वतीय दर्रा सर्दियों के दौरान भारी बर्फबारी के चलते अस्थायी रूप से बंद हो जाता है. इससे सैन्य आवाजाही, आवश्यक आपूर्ति और स्थानीय आबादी की दैनिक आवश्यकताओं पर गहरा प्रभाव पड़ता है. लद्दाख के लोग व्यापार, चिकित्सा सेवाओं और आर्थिक गतिविधियों के लिए इस मार्ग पर निर्भर हैं. वैसे तकनीकी प्रगति, उन्नत बर्फ-सफाई तकनीकों और बीआरओ के समर्पित प्रयासों ने सड़क बंद रहने की अवधि को पिछले कुछ दशकों के छह महीनों से घटाकर अब कुछ ही हफ्तों तक सीमित कर दिया है.
BRO के समर्पण और दक्षता का प्रमाण
जोजिला दर्रे का रिकॉर्ड समय में फिर से खुलना बीआरओ के अथक समर्पण और दक्षता का प्रमाण है. बीआरओ कश्मीर में प्रोजेक्ट बीकन और लद्दाख में प्रोजेक्ट विजयक के माध्यम से इस महत्वपूर्ण मार्ग को सुचारु रूप से संचालित करने के लिए लगातार प्रयासरत है.