बुजुर्ग NRI कपल को 17 दिन डिजिटल अरेस्ट रखा:  ₹15 करोड़ लूटे, ठगों ने कहा- आपके अकाउंट में ब्लैक मनी; जानें इससे कैसे बचें
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बुजुर्ग NRI कपल को 17 दिन डिजिटल अरेस्ट रखा: ₹15 करोड़ लूटे, ठगों ने कहा- आपके अकाउंट में ब्लैक मनी; जानें इससे कैसे बचें

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नई दिल्ली4 मिनट पहले

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पीड़ित कपल, डॉ. ओम तनेजा और उनकी पत्नी डॉ. इंदिरा तनेजा ने लगभग 48 साल अमेरिका में बिताए थे। - Dainik Bhaskar

पीड़ित कपल, डॉ. ओम तनेजा और उनकी पत्नी डॉ. इंदिरा तनेजा ने लगभग 48 साल अमेरिका में बिताए थे।

दिल्ली में एक बुजुर्ग नॉन रेजिडेंट इंडियन (NRI) कपल से 15 करोड़ रुपए की ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। दिल्ली पुलिस के मुताबिक, ठगों ने कपल को 17 दिनों तक डिजिटल अरेस्ट रखा। ठगों ने खुद को टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (TRAI) और प्रवर्तन निदेशालय (ED) का अधिकारी बताया था।

पीड़ित कपल डॉ. ओम तनेजा और उनकी पत्नी डॉ. इंदिरा तनेजा करीब 48 साल तक अमेरिका में रहे और संयुक्त राष्ट्र (UN) से जुड़े रहे। रिटायरमेंट के बाद 2015 में वे भारत लौटे थे और तब से ग्रेटर कैलाश-2 में रहकर सामाजिक और चैरिटी कार्यों से जुड़े थे।

77 साल की डॉ. इंदिरा तनेजा ने पुलिस को बताया कि उन्हें एक कॉल आया, जिसमें कॉलर ने दावा किया कि उनके मोबाइल नंबर से आपत्तिजनक कॉल की गई हैं। साथ ही यह भी कहा गया कि उनके बैंक खातों में काला धन पाया गया है और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच चल रही है।

पूरा मामला सिलसिलेवार जानें…

  • महिला के मुताबिक, यह घटना 24 दिसंबर 2025 से शुरू हुई। साइबर ठगों ने 10 जनवरी की सुबह तक वीडियो कॉल के जरिए दंपती पर लगातार नजर रखी। इस बीच साइबर ठगों ने उन्हें गिरफ्तारी वारंट और फर्जी आपराधिक मामलों की धमकी दी। कॉल करने वालों ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम कानून (PMLA) जैसे कानूनों का हवाला देते हुए दंपती पर राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े आरोप भी लगाए।
  • इसके बाद उन्हें मुंबई में पेश होने के लिए कहा। महिला ने जब उन्हें पति के ऑपरेशन के कारण मुंबई न आने की बात कही तो उन्हें डिजिटल अरेस्ट किया। महिला ने पुलिस को बताया कि ठग उनकी हर गतिविधि पर नजर रखते थे।
  • जब भी वह घर से बाहर निकलतीं या किसी को फोन करने की कोशिश करतीं, ठग उनके पति के फोन पर वीडियो कॉल शुरू कर देते थे, ताकि वह किसी को जानकारी न दे सकें। इस दौरान ठगों ने डॉ. इंदिरा पर दबाव डालकर आठ अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर कराए।
  • हर बार रकम अलग-अलग होती। कभी 2 करोड़ रुपए, तो कभी 2.10 करोड़ रुपए से ज्यादा। कुल मिलाकर ठगों ने कपल से अलग-अलग बैंक अकाउंट में कुल 14.85 करोड़ रुपए ट्रांसफर करवा लिए। डॉ. इंदिरा ने पुलिस को बताया कि बैंक जाने से पहले ठग उन्हें बताते थे कि अगर बैंक स्टाफ सवाल करे तो क्या जवाब देना है।

ठगों ने कहा था- आपका पैसा RBI के जरिए वापस आ जाएगा

10 जनवरी को मामला तब सामने आया, जब ठगों ने बुजुर्ग कपल को स्थानीय पुलिस थाने जाने को कहा। कपल के मुताबिक, ठगों ने उनसे कहा कि अब उनके पैसे भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के जरिए वापस किए जाएंगे और पुलिस को इसकी जानकारी दे दी गई है।

डॉ. इंदिरा तनेजा वीडियो कॉल पर रहते हुए पुलिस थाने पहुंचीं और ठगों की पुलिसकर्मियों से बात भी कराई। महिला के मुताबिक, कॉल करने वालों ठगों ने पुलिस से भी बदतमीजी से बात की। पुलिस थाने पहुंचने के बाद ही डॉ. इंदिरा तनेजा को ठगी का पूरा अंदाजा हुआ और यह साफ हुआ कि पैसे लौटाने का दावा पूरी तरह झूठा था।

दिल्ली पुलिस-IFSO जांच में जुटी

दंपती अपनी जीवन भर की जमा पूंजी गंवाने के बाद गहरे सदमे में है। पीड़ित डॉ. इंदिरा ने बताया कि पुलिस के पास जाने के बाद ही उन्हें ठगी का पता चला। उन्होंने राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई और वकील की मौजूदगी में विस्तृत शिकायत देने के लिए समय मांगा।

दिल्ली पुलिस ने कपल की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है। अपराध की गंभीरता को देखते हुए जांच स्पेशल सेल की साइबर यूनिट- इंटेलिजेंस फ्यूजन एंड स्ट्रैटेजिक ऑपरेशंस (IFSO) को सौंप दी गई है।IFSO यूनिट ने इस मामले में FIR दर्ज कर ली है।

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