भगवान नरसिंह प्रकट उत्सव 30 अप्रैल को:  भगवान नरसिंह के साथ गुरु ग्रह की भी करें विशेष पूजा, अन्न-जल, कपड़े, तिल, धन और छाते का करें दान
जीवन शैली/फैशन लाइफस्टाइल

भगवान नरसिंह प्रकट उत्सव 30 अप्रैल को: भगवान नरसिंह के साथ गुरु ग्रह की भी करें विशेष पूजा, अन्न-जल, कपड़े, तिल, धन और छाते का करें दान

Spread the love




गुरुवार, 30 अप्रैल को भगवान विष्णु के चौथे अवतार भगवान नरसिंह का प्रकट उत्सव है। वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर यह पर्व मनाया जाता है। इसी दिन भगवान विष्णु ने अपने उग्र रूप में नरसिंह अवतार लेकर भक्त प्रह्लाद की रक्षा की थी और हिरण्यकश्यपु का वध किया था। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मनीष शर्मा के मुताबिक, नरसिंह अवतार आधा मानव और आधा सिंह के रूप में प्रकट हुआ था, जिसने यह संदेश दिया कि जब-जब धरती पर अत्याचार और अधर्म बढ़ता है, तब-तब भगवान किसी न किसी रूप में अवतरित होकर धर्म की रक्षा करते हैं। इस वर्ष यह पर्व गुरुवार को पड़ने से इसका धार्मिक महत्व और भी बढ़ गया है। गुरुवार और नरसिंह प्रकट उत्सव के योग में गुरु ग्रह की भी विशेष पूजा करनी चाहिए, ऐसा करने से कुंडली के गुरु ग्रह से जुड़े दोष भी शांत हो सकते हैं। नरसिंह भगवान के प्रकट उत्सव पर भक्त पूरे दिन व्रत रखते हैं और नरसिंह जी की विशेष पूजा करते हैं। मान्यता है कि इस व्रत से भक्त के पापों का नाश होता है और जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं। ग्रंथों में लिखा है कि भगवान नरसिंह की पूजा करने से व्यक्ति को भय, रोग, शत्रु और तनाव से मुक्ति मिलती है। वैसे तो भगवान नरसिंह की उपासना पूरे भारत में की जाती है, लेकिन दक्षिण भारत में इस पर्व का विशेष महत्व है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, तमिलनाडु और तेलंगाना जैसे राज्यों में इस दिन बड़े स्तर पर धार्मिक आयोजन होते हैं। यहां भगवान नरसिंह के कई प्राचीन मंदिर हैं, जहां भक्त बड़ी संख्या में दर्शन करने पहुंचते हैं। नरसिंह प्रकट उत्सव पर करें दान-पुण्य



Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *