भारतीय मूल के सबीह खान एपल में COO बने:  पिचाई और नडेला जैसे लीडर्स की लिस्ट में शामिल, टिम कुक बोले- सबीह एक शानदार स्ट्रैटजिस्ट
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भारतीय मूल के सबीह खान एपल में COO बने: पिचाई और नडेला जैसे लीडर्स की लिस्ट में शामिल, टिम कुक बोले- सबीह एक शानदार स्ट्रैटजिस्ट

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वॉशिंगटनकुछ ही क्षण पहले

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1995 में सबीह ने एपल में अपने करियर की शुरुआत की। शुरुआत में वो कंपनी के प्रोक्योरमेंट ग्रुप में शामिल हुए। पिछले 30 सालों में उन्होंने एपल के कई अहम रोल निभाए हैं। - Dainik Bhaskar

1995 में सबीह ने एपल में अपने करियर की शुरुआत की। शुरुआत में वो कंपनी के प्रोक्योरमेंट ग्रुप में शामिल हुए। पिछले 30 सालों में उन्होंने एपल के कई अहम रोल निभाए हैं।

दुनिया की सबसे बड़ी टेक कंपनी एपल ने भारतीय मूल के सबीह खान को कंपनी का नया चीफ ऑपरेटिंग ऑफिसर (COO) बनाया गया है। वो इस महीने के अंत में जेफ विलियम्स की जगह लेंगे, जो 2015 से इस पद पर थे। सबीह ने मुरादाबाद जैसे छोटे शहर से निकलकर टेक्नोलॉजी की दुनिया में ये मुकाम हासिल किया है।

एपल के CEO टिम कुक ने कहा, “सबीह एक शानदार स्ट्रैटजिस्ट हैं, जिन्होंने एपल की सप्लाई चेन को बनाने में अहम रोल निभाया है। वो दिल से लीडरशिप करते हैं और अपने मूल्यों के साथ काम करते हैं। मुझे यकीन है कि वो एक बेहतरीन COO साबित होंगे।”

ग्लोबल सप्लाई चेन को मैनेज करते हैं सबीह

सबीह खान एपल की ग्लोबल सप्लाई चेन को मैनेज करते हैं। इसका मतलब है कि वो प्रोडक्ट की क्वालिटी, प्लानिंग, खरीद, मैन्युफैक्चरिंग, लॉजिस्टिक्स और प्रोडक्ट डिलीवरी जैसे कामों की जिम्मेदारी संभालते हैं। वो एपल के सप्लायर रिस्पॉन्सिबिलिटी प्रोग्राम्स को भी लीड करते हैं, जो दुनिया भर में प्रोडक्शन फैसिलिटीज में काम करने वाले मजदूरों के हितों की रक्षा करते हैं।

सबीह की अगुवाई में कंपनी का कार्बन फुटप्रिंट भी 60% से ज्यादा कम हुआ है। यानी एपल ने अपने प्रोडक्शन और ऑपरेशंस से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान को काफी हद तक घटाया है।

सबीह खान (बाएं से दूसरे) के पास टफ्ट्स यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में ड्यूल बैचलर डिग्री है।

सबीह खान (बाएं से दूसरे) के पास टफ्ट्स यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में ड्यूल बैचलर डिग्री है।

सबीह का परिवार सिंगापुर चला गया था

सबीह खान का जन्म 1966 में उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद में हुआ था। जब वो पांचवीं कक्षा में थे, तब उनका परिवार सिंगापुर चला गया। वहां से उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी की और बाद में अमेरिका चले गए। सबीह ने टफ्ट्स यूनिवर्सिटी से इकोनॉमिक्स और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में बैचलर डिग्री हासिल की। इसके बाद उन्होंने रेनसेलर पॉलिटेक्निक इंस्टिट्यूट (RPI) से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री भी ली।

1995 में सबीह ने एपल में अपने करियर की शुरुआत की। शुरुआत में वो कंपनी के प्रोक्योरमेंट ग्रुप में शामिल हुए। पिछले 30 सालों में उन्होंने एपल के कई अहम रोल निभाए और कंपनी की ग्लोबल सप्लाई चेन को मजबूत करने में बड़ा योगदान दिया। 2019 में वो एपल के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट ऑफ ऑपरेशंस बने।

जेफ विलियम्स का क्या होगा?

जेफ विलियम्स, जो अभी एपल के COO हैं, इस महीने के अंत में अपनी भूमिका सबीह को सौंप देंगे। जेफ 27 साल से एपल के साथ हैं और उन्होंने कहा, “मैंने सबीह के साथ 27 साल तक काम किया है और मुझे लगता है कि वो दुनिया के सबसे टैलेंटेड ऑपरेशंस एक्जीक्यूटिव हैं।” रिटायर होने से पहले जेफ डिजाइन और हेल्थ इनिशिएटिव्स को देखते रहेंगे, ताकि ट्रांजिशन आसानी से हो सके।

सुंदर पिचाई और सत्या नडेला जैसे लीडर्स की लिस्ट में शामिल

सबीह खान सुंदर पिचाई (गूगल CEO) और सत्या नडेला (माइक्रोसॉफ्ट CEO) जैसे भारतीय मूल के उन ग्लोबल लीडर्स की लिस्ट में शामिल हो गए हैं, जो दुनिया की टॉप टेक कंपनियों में अहम रोल निभा रहे हैं।

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