भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील जल्द:  अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव ब्रेंडन लिंच दिल्ली पहुंचे, भारतीय प्रतिनिधी के साथ छठे दौर की बातचीत संभव
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भारत-अमेरिका के बीच ट्रेड डील जल्द: अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव ब्रेंडन लिंच दिल्ली पहुंचे, भारतीय प्रतिनिधी के साथ छठे दौर की बातचीत संभव

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नई दिल्ली2 घंटे पहले

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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि उन्हें पूरा विश्वास है कि वॉशिंगटन और दिल्ली के बीच चल रही बातचीत जल्द किसी बेहतर नतीजे पर पहुंचेगी। - Dainik Bhaskar

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि उन्हें पूरा विश्वास है कि वॉशिंगटन और दिल्ली के बीच चल रही बातचीत जल्द किसी बेहतर नतीजे पर पहुंचेगी।

टैरिफ वॉर के बीच भारत और अमेरिका एक बार फिर ट्रेड डील पर बातचीत शुरू कर सकते हैं। इसके लिए अमेरिका के असिस्टेंट ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव ब्रेंडन लिंच आज रात (मंगलवार,16 सितंबर) भारत आए हैं। न्यूज एजेंसी PTI के मुताबिक, आज की बैठक को छठे दौर की बातचीत की तैयारी मानी जाएगी।

इससे पहले दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार समझौते (BTA) पर अब तक पांच दौर की बातचीत हो चुकी है। छठे दौर की बातचीत 25 से 29 अगस्त के बीच होनी थी, लेकिन अमेरिका की ओर से भारतीय सामानों पर 50% टैरिफ लगाने के बाद इसे टाल दिया गया था।

भारत की ओर से इस बातचीत को कॉमर्स डिपार्टमेंट में स्पेशल सेक्रेटरी राजेश अग्रवाल लीड कर रहे हैं। सोमवार को इन्होंने कहा था कि भारत और अमेरिका अपनी व्यापार वार्ताओं की गति बढ़ाएंगे। उन्होंने अमेरिकी अधिकारी ब्रेंडन लिंच के दिल्ली आने की भी जानकारी दी।

भारत अमेरिका के बीच BTA अब तक क्यों नहीं हुई

अमेरिका चाहता है कि उसके डेयरी प्रोडक्ट्स जैसे दूध, पनीर, घी को भारत में आयात की अनुमति मिले। भारत दुनिया का सबसे बड़ा दूध उत्पादक देश है और इस सेक्टर में करोड़ों छोटे किसान लगे हुए हैं।

भारत सरकार को डर है कि अगर अमेरिकी डेयरी उत्पाद भारत में आएंगे, तो वे स्थानीय किसानों को भारी नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसके अलावा धार्मिक भावना भी जुड़ी हुई हैं।

अमेरिका में गायों को बेहतर पोषण के लिए जानवरों की हड्डियों से बने एंजाइम (जैसे रैनेट) को उनके खाने में मिलाया जाता है। भारत ऐसी गायों के दूध को ‘नॉन वेज मिल्क’ यानी मांसाहारी दूध मानता है।

2030 तक व्यापार को 500 बिलियन डॉलर करने का लक्ष्य

भारत और अमेरिका का लक्ष्य 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को मौजूदा 191 अरब डॉलर से बढ़ाकर 500 अरब डॉलर करना है।

वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, अप्रैल-जुलाई 2025 में भारत का अमेरिका को निर्यात 21.64% बढ़कर 33.53 अरब डॉलर हो गया, जबकि आयात 12.33% बढ़कर 17.41 अरब डॉलर रहा।

अमेरिका इस दौरान भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार रहा, जिसके साथ 12.56 अरब डॉलर का व्यापार हुआ। अप्रैल से भारत का अमेरिका को निर्यात लगातार बढ़ रहा है।

पीयुष गोयल ने कहा था- नवंबर तक फाइनल हो जाएगी डील

इससे पहले केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने अमेरिका के साथ ट्रेड डील होने की उम्मीद जताई थी। 2 सितंबर को पियूष गोयल ने एक वैश्विक निवेशक सम्मेलन में कहा मुझे उम्मीद है कि चीजें जल्द ही पटरी पर लौट आएंगी और हम नवंबर तक बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट (BTA) को अंतिम रूप दे देंगे।

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