मोदी बोले- भारत की सोलर एनर्जी कैपेसिटी 32 गुना बढ़ी:  भारत दुनिया का तीसरा बड़ा सोलर एनर्जी प्रोड्यूसर, इंडिया एनर्जी वीक 2025 की शुरुआत
ऑटो-ट्रांसपोर्ट

मोदी बोले- भारत की सोलर एनर्जी कैपेसिटी 32 गुना बढ़ी: भारत दुनिया का तीसरा बड़ा सोलर एनर्जी प्रोड्यूसर, इंडिया एनर्जी वीक 2025 की शुरुआत

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नई दिल्ली4 घंटे पहले

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पीएम मोदी ने इंडिया एनर्जी वीक 2025 का उद्घाटन किया। - Dainik Bhaskar

पीएम मोदी ने इंडिया एनर्जी वीक 2025 का उद्घाटन किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि पिछले एक दशक में भारत की सोलर एनर्जी कैपेसिटी 32 गुना बढ़ी है। इससे भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा सोलर एनर्जी प्रोड्यूसर बन गया है। पीएम ने आज यानी, 11 फरवरी को ‘इंडिया एनर्जी वीक 2025’ की शुरुआत की।

पीएम ने कहा, भारत अपनी ही नहीं, दुनिया की ग्रोथ को भी ड्राइव कर रहा है और इसमें हमारे एनर्जी सेक्टर की बहुत बड़ी भूमिका है। हम अभी 19% इथेनॉल की ब्लेंडिंग कर रहे हैं। इससे फॉरेन करेंसी की बचत, CO2 एमिशन में कमी और किसानों को डायरेक्ट फायदा हो रहा है।

इंडिया एनर्जी वीक 2025 में पीएम मोदी की 5 बड़ी बातें…

  1. भारत ने 2030 तक 500 गीगावॉट अक्षय ऊर्जा क्षमता जोड़ने, भारतीय रेलवे को नेट ज़ीरो कार्बन उत्सर्जन की ओर ले जाने और हर साल 50 लाख मीट्रिक टन ग्रीन हाइड्रोजन उत्पादन का लक्ष्य रखा है। उन्होंने कहा कि ये लक्ष्य महत्वाकांक्षी लग सकते हैं, लेकिन पिछले 10 वर्षों में भारत ने जो उपलब्धियां हासिल की हैं, वे इन लक्ष्यों को प्राप्त करने की क्षमता को दर्शाती हैं।
  2. देश ने पिछले 10 वर्षों में दुनिया की 10वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था से 5वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का सफर तय किया है। भारत की सौर ऊर्जा उत्पादन क्षमता 32 गुना बढ़ी है। इससे हमारा देश दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा सौर ऊर्जा उत्पादक देश बन गया है। गैर-जीवाश्म ईंधन आधारित ऊर्जा क्षमता भी तीन गुना बढ़ी है।
  3. आज भारत में 19 % इथेनॉल ब्लेंडिंग की जा रही है। इससे विदेशी मुद्रा की बचत हुई है। किसानों की आय बढ़ी है और कार्बन उत्सर्जन में कमी आई है। भारत अक्टूबर 2025 से पहले 20% इथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य हासिल कर लेगा। भारत के नेतृत्व में बने ‘ग्लोबल बायोफ्यूल्स एलायंस’ से 28 देश और 12 अंतरराष्ट्रीय संगठन जुड़ चुके हैं।
  4. ‘मेक इन इंडिया’ और लोकल सप्लाई चेन को बढ़ावा देने के तहत भारत में फोटोवोल्टिक (पीवी) मॉड्यूल और अन्य हार्डवेयर के निर्माण की विशाल संभावनाएं हैं। भारत की सौर पीवी मॉड्यूल निर्माण क्षमता पिछले दस वर्षों में 2 गीगावॉट से बढ़कर 70 गीगावॉट हो गई है।
  5. ऊर्जा भंडारण क्षेत्र भारत इलेक्ट्रिक मोबिलिटी की ओर तेजी से बढ़ रहा है, और बैटरियों की मांग को पूरा करने के लिए एनर्जी स्टोरेज एरिया में तेजी से काम करने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि इस साल के बजट में ग्रीन एनर्जी को समर्थन देने के लिए कई घोषणाएं की गई हैं। सरकार ने ईवी और मोबाइल फोन बैटरियों के निर्माण से जुड़ी कई सामग्रियों को बेसिक कस्टम ड्यूटी से मुक्त कर दिया है, जिससे इस क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहन मिलेगा।

700 से ज्यादा कंपनियां और 6,000 से ज्यादा प्रतिनिधी हो रहे शामिल

‘भारत एनर्जी वीक एग्जीबिशन’ ग्लोबल स्तर पर एनर्जी सेक्टर से जुड़े लोगों के लिए नया सेंटर बन गया है। यहां लाखों डॉलर का कारोबार होता है। एनर्जी सेक्टर में काम करने वाले 120 देशों के प्रोड्यूसर्स यहां अपने प्रोडक्ट और कॉन्सेप्ट शोकेस करते हैं, पार्टनरशिप करते हैं और इस सेक्टर के भविष्य और ग्रोथ पर चर्चा करते हैं।

यहां दुनियाभर से 70,000 एनर्जी प्रोफेशनल, 700 से ज्यादा कंपनियां, 120 से ज्यादा देश, 6,000 से ज्यादा प्रतिनिधी, 500 से ज्यादा स्पीकर्स शामिल हो रहे हैं। इसमें 95 से ज्यादा कॉन्फ्रेंस सेशन ​​​​​​होंगे।

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