इस वर्ष ग्रहों के राजा सूर्य रोहिणी नक्षत्र में 25 मई को 15:37 बजे प्रवेश करेंगे। इसके बाद सूर्य रोहिणी नक्षत्र में 8 जून को 13:33 बजे तक अर्थात 15 दिन रहेंगे। ऐसे में सूर्य के रोहिणी नक्षत्र में प्रवेश के प्रारंभ के नौ दिन तक नौतपा का प्रभाव रहेगा। ज्योतिषाचार्य पुनीत वार्ष्णेय के अनुसार, यह प्रभाव 25 मई से शुरू होकर दो जून तक रहेगा। इस दौरान पृथ्वी पर सूर्य की सीधी किरणें पड़नी शुरू हो जाती हैं जिससे इस कालखंड में भीषण गर्मी पड़ती है।
भारतीय नक्षत्रवाणी पंचांग के संपादक और ज्योतिषाचार्य पुनीत वार्ष्णेय ने बताया कि नौतपा में जितना तापमान चढ़ेगा, आने वाले समय में उतनी ही अच्छी वर्षा होने की भी संभावना बढ़ जाती है। ज्योतिष के अनुसार, यदि नौतपा में बारिश हो जाए तो आने वाले समय में बारिश में कमी रहती है। पुनीत वार्ष्णेय के अनुसार, रोहिणी नक्षत्र के स्वामी चंद्रमा हैं, जहां सूर्य व चंद्रमा में मित्रता है वहीं रोहिणी नक्षत्र वृष राशि में आता है, जिसके स्वामी शुक्र हैं। शुक्र और सूर्य को एक-दूसरे का शत्रु माना गया है। इसलिए सूर्य इस शत्रु राशि में अपने मित्र के नक्षत्र रोहिणी में अधिक ऊर्जा के साथ प्रवेश कर और अधिक प्रभावी हो जाते हैं। 25 मई से 2 जून तक नौतपा का प्रभाव अपने चरम पर होगा और तेज धूप व गर्मी का सामना करना पड़ेगा।








