मृदुला द्विवेदी51 मिनट पहले
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कौडियाला एक छोटा और शांत कस्बा है, जो ऋषिकेश से 38 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यह ऋषिकेश की तुलना में कम भीड़-भाड़ वाला स्थान है, लेकिन यहां आपको वही प्राकृतिक सौंदर्य और सुकून भरा माहौल मिलेगा, जो आमतौर पर ऋषिकेश में मिलता है।
गंगा के किनारे बिताएं शांत समय यदि आप शांति की तलाश में हैं तो कौडियाला आपके लिए बिल्कुल मुनासिब जगह है। कई बार ऐसा होता है कि रेतीले तट पर सिर्फ आप या आपका ही समूह होता है, जिससे आपको निजी और सुकून से भरा वातावरण मिलता है। जब आप नदी क्षेत्र की ओर जाते हैं तो फिर वहां रास्ते में कुछ छोटी-छोटी दुकानें मिलेंगी। वहां आप चाय, नूडल्स और अन्य स्नैक्स का आनंद ले सकते हैं। यदि आप भाग्यशाली हैं, तो आपको नदी के दूसरी ओर कुलांचे मारते हिरण भी देखने को मिल सकते हैं। याद रहें कि गंगा एक तेज बहाव वाली और विशाल नदी है, इसलिए ऐहतियात जरूर बरतें।
राजाजी नेशनल पार्क कौडियाला से लगभग 40 किलोमीटर दूर राजाजी नेशनल पार्क स्थित है। यह पार्क मुख्य रूप से जंगली हाथियों के लिए प्रसिद्ध है। हालांकि यहां बाघों के दिखने की संभावना भी होती है। इस पार्क में आपको जैव-विविधता के दर्शन होते हैं। यह बर्ड वॉचिंग के लिए भी एक बेहतरीन स्थान है। वैसे जंगल सफारी के दौरान आप क्या देख पाएंगे, यह आपकी किस्मत पर निर्भर करता है, लेकिन हरे-भरे जंगलों के बीच सफारी का अनुभव अपने आप में अविस्मरणीय होता है। राजाजी नेशनल पार्क की सुरम्य प्राकृतिक छटा इसे घूमने लायक स्थान बनाती है।
रिवर राफ्टिंग का रोमांच ऋषिकेश के आसपास रिवर राफ्टिंग एक लोकप्रिय साहसिक खेल है। आप देवप्रयाग या कौडियाला से भी राफ्टिंग कर सकते हैं। राफ्ट में प्रवेश करने से पहले आपको एक पैडल, हेलमेट के अलावा मोबाइल, पर्स, घड़ी जैसे सामान को रखने के लिए एक बैग भी दिया जाता है। ट्रेनर्स आपको बुनियादी निर्देश देते हैं और फिर आपका रोमांचक सफर शुरू होता है। राफ्टिंग के दौरान आप कई प्रकार की तेज धाराओं (रैपिड्स) से गुजरते हैं और हर एक रैपिड का एक नाम और कहानी होती है। यह एक रोमांचक अनुभव होता है। हालांकि सुरक्षा के लिहाज से ट्रेनर्स के निर्देशों का पालन करना जरूरी होता है, क्योंकि वे अनुभवी होते हैं और स्थिति को बेहतर ढंग से संभाल सकते हैं। राफ्टिंग के दौरान आप भीगने के लिए तैयार रहें। कई स्थानों पर ट्रेनर्स आपको पानी में उतरने की अनुमति देते हैं और बाद में वापस बोट में खींच लेते हैं। देवप्रयाग का संगम कौडियाला से देवप्रयाग तक की यात्रा के दौरान आप अलकनंदा और भागीरथी नदियों के संगम को देख सकते हैं, जहां वे मिलकर गंगा नदी का निर्माण करती हैं। कौडियाला से देवप्रयाग तक की सड़क यात्रा के नजारे भी अपने आप में अद्भुत हैं। देवप्रयाग से कौडियाला के बीच राफ्टिंग का एक मार्ग भी है, जो अपेक्षाकृत कम कठिनाई वाला और आरामदायक होता है। यदि आप अत्यधिक रोमांचक राफ्टिंग के बजाय हल्की राफ्टिंग का अनुभव लेना चाहते हैं, तो यह एक बेहतरीन विकल्प हो सकता है।
कौडियाला: कुछ जरूरी बातें कैसे पहुंचें? निकटतम हवाई अड्डा देहरादून में जॉली ग्रांट एयरपोर्ट है। अगर आप ट्रेन से आना चाहते हैं तो निकटतम रेलवे स्टेशन हरिद्वार है। आप सड़क मार्ग से ऋषिकेश से भी आ सकते हैं। ऋषिकेश से कौडियाला महज 38 किमी दूर स्थित है। कब जाएं? वैसे तो सभी मौसमों में घूमने के लिए यह अच्छी जगह है, लेकिन सितंबर से अप्रैल के पहले पखवाड़े तक का समय सबसे बेहतर होता है। मानसून के दौरान गंगा का जलस्तर बढ़ जाता है, जिससे कुछ गतिविधियों पर प्रतिबंध लग सकता है। कहां ठहरें? यहां कुछ प्रसिद्ध रिसॉर्ट ब्रांड्स के होटल मौजूद हैं। इसके अलावा गढ़वाल विकास मंडल निगम का एक सरकारी गेस्ट हाउस भी गंगा नदी के किनारे स्थित है। मध्यम बजट के कुछ अन्य निजी होटल भी मिल जाएंगे।








