रसरंग में मायथोलॉजी:  नॉर्स आख्यान: योद्धाओं, देवताओं और विलक्षण जीवों की गाथाएं
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रसरंग में मायथोलॉजी: नॉर्स आख्यान: योद्धाओं, देवताओं और विलक्षण जीवों की गाथाएं

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देवदत्त पट्टनायक4 घंटे पहले

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नॉर्स मायथोलॉजी के एक महत्वपूर्ण देवता ‘लोकी’ का चित्रण उत्तरी
यूरोप की कई मैनुस्क्रिप्ट में हुआ है। आयरलैंड की अठारहवीं सदी की एक मैनुस्क्रिप्ट
में चित्रित लोकी। - Dainik Bhaskar

नॉर्स मायथोलॉजी के एक महत्वपूर्ण देवता ‘लोकी’ का चित्रण उत्तरी यूरोप की कई मैनुस्क्रिप्ट में हुआ है। आयरलैंड की अठारहवीं सदी की एक मैनुस्क्रिप्ट में चित्रित लोकी।

आज के लेख के माध्यम से भारत से दूर उत्तर यूरोप तक यात्रा करके वहां के नॉर्स लोगों के आख्यान शास्त्र (मायथोलॉजी) के बारे में जानते हैं। ये लोग लगभग एक हजार वर्ष पहले वहां रहते थे और समुद्री यात्राओं तथा वीरता के लिए प्रसिद्ध थे। उत्तर यूरोप में ईसाई आख्यान शास्त्र से पहले नॉर्स आख्यान शास्त्र प्रचलित था। इसमें कई रोचक कथाएं हैं, जैसे आठ टांगों वाले अश्व की कहानी। पिछले कुछ दशकों में थॉर और लोकी जैसे नॉर्स देवताओं पर आधारित हॉलीवुड फिल्मों ने दुनियाभर में काफी लोकप्रियता हासिल की है। इससे ही नॉर्स आख्यान शास्त्र की लोकप्रियता भी बढ़ी है। इसका एक और कारण 21वीं सदी के आरंभ में बनी ‘लॉर्ड ऑफ द रिंग्स’ फिल्म सीरीज है, जिसमें नॉर्स आख्यान शास्त्र से प्रेरित जादुई शक्तियों वाले एल्व, बौने ड्वार्फ और कई विलक्षण जीव दर्शाए गए।

हमें इस आख्यान शास्त्र की अधिकतर जानकारी ईसाई पादरियों और उत्तरी लोगों की ‘एड्डा’ नामक गाथाओं से मिली है। नॉर्स लोग वाइकिंग भी कहलाते हैं। वाइकिंग खतरनाक योद्धा थे, जो मानते थे कि युद्ध में मृत्यु होने पर देवताओं के राजा ओडिन की बेटियां ‘वलकीरी’ उनकी प्रशंसक बन जाती हैं। फिर वलकीरी सर्वश्रेष्ठ मृत योद्धाओं को अस्गार्ड नामक देवताओं की सभा में ले जातीं, जहां उन्हें पुनर्जीवित किया जाता और देवताओं के साथ भोजन कराया जाता। इसके बाद देवता और वाइकिंग योद्धा रागनारॉक नामक अंतिम युद्ध में साथ लड़ने जाते।

नॉर्स लोगों का मानना था कि इस अंतिम युद्ध में सृष्टि का अंत होगा और देवता मनुष्य रूपी विशालकाय जायंट तथा गॉब्लिन नामक विकृत व नटखट पिशाचों से लड़ते हुए मारे जाएंगे। देवताओं के मरने का यह विचार अन्य संस्कृतियों में नहीं मिलता है। उनका मानना था कि अंत के बाद भी सृष्टि किसी न किसी रूप में पुनः जन्म लेगी और एक नई व्यवस्था स्थापित होगी। नॉर्स लोगों की विश्व की उत्पत्ति की कहानी भी अनोखी है। उनके अनुसार सृष्टि के आरंभ में एक विशाल रिक्त स्थान था। इसकी एक ओर आग और दूसरी ओर बर्फ थी। आग की गर्मी और बर्फ की ठंडक के मिलने से कई शाखाओं वाला एक विशाल वृक्ष उत्पन्न हुआ। इसकी प्रत्येक शाखा पर एक अलग नस्ल जैसे जायंट, देवता, मनुष्य, ड्वार्फ, एल्व और गॉब्लिन ने निवास किया।

लोकी एक प्रसिद्ध नॉर्स देवता हैं। कुछ लोग उन्हें शैतान समान समझते हैं, लेकिन असल में वे दुष्ट नहीं बल्कि उपद्रवी और शरारती हैं। उन्हें यह एहसास नहीं रहता कि उनकी शरारतों के गंभीर परिणाम हो सकते हैं। वे केवल चालाक ही नहीं, बल्कि आकर्षक भी हैं और जब चाहें अपना रूप बदल सकते हैं। इस प्रकार वे पुरुष और स्त्री दोनों रूप लेकर संतान उत्पन्न करते हैं। वे नॉर्स आख्यान शास्त्र में पाताल की देवी हेल, एक समुद्री सांप और एक भेड़िये के पिता हैं। माना जाता है कि यही भेड़िया रागनारॉक के युद्ध में ओडिन को मारकर सृष्टि का अंत करेगा। लोकी आठ टांगों वाले अश्व की भी मां हैं। आइए इसकी कहानी के बारे में जानते हैं।

एक दिन एक जायंट ने देवताओं से वादा किया कि वह उनके राज्य को शत्रुओं से बचाने के लिए एक किले का निर्माण करेगा। इसके बदले में वह देवी फ्रेया से विवाह करना चाहता था। ओडिन की इच्छा न होने पर भी देवता इसके लिए मान गए। उन्हें लगा कि गर्मी शुरू होने से पहले किला बनाने की असंभव शर्त रखकर वे इस विवाह को रोक देंगे। लेकिन जायंट का शक्तिशाली अश्व बहुत तेजी से काम करता था, जिसके बलबूते जायंट ने ओडिन की यह असंभव शर्त मान ली। उधर, किला तेजी से बनते देख ओडिन चिंतित हो गए। तब उन्होंने लोकी से मदद करने का आग्रह किया। लोकी ने मादा अश्व का रूप धारण किया और जायंट के अश्व को अपनी ओर आकर्षित कर लिया। अश्व का ध्यान भंग हो गया और उसने काम रोक दिया। इस तरह किला अधूरा रह गया और फ्रेया का विवाह टल गया। यद्यपि अपूर्ण होने पर भी किले ने देवताओं की रक्षा की। बाद में जायंट के अश्व और मादा अश्व के मिलन से आठ टांगों वाला अश्व उत्पन्न हुआ, जो आगे चलकर ओडिन का वाहन बन गया।



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